BMC चुनाव मतगणना बदलाव
BMC चुनाव मतगणना बदलाव BMC चुनाव में मतगणना प्रक्रिया 2017 जैसी नहीं! SEC ने नया तरीका अपनाया, पारदर्शिता बढ़ाने के लिए। काउंटिंग शेड्यूल, बदलावों का असर और उम्मीदवारों पर प्रभाव। मुंबई लोकल बॉडी चुनाव की लेटेस्ट अपडेट यहाँ पढ़ें।

बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के चुनाव 2025 की मतगणना 2017 की तरह एक साथ नहीं होगी, बल्कि राज्य निर्वाचन आयोग ने पूरी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। इस बार एक समय में सिर्फ दो वार्डों की गिनती होगी, जिससे रुझान और अंतिम नतीजे आने में काफी देरी हो सकती है। यहाँ इस नई मतगणना प्रक्रिया की पूरी डिटेल्स दी जा रही हैं।
BMC चुनाव मतगणना बदलाव : मतगणना कब और कहाँ होगी?
BMC चुनाव की मतगणना 16 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे से शुरू हो रही है। यह गिनती पूरे मुंबई में बनाए गए 23 अलग-अलग मतगणना केंद्रों पर होगी। इन केंद्रों पर भारत निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों के अनुसार व्यवस्था की गई है।
- हर केंद्र पर टेबल, बैठने की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे,
- आग से सुरक्षा, मेडिकल और पुलिस बंदोबस्त का खास ध्यान रखा गया है।
- मीडिया के लिए भी अलग से कक्ष बनाए गए हैं ताकि रिपोर्टिंग सुचारु रहे।
2017 की तरह एक साथ नहीं, बल्कि चरणबद्ध तरीका
- 2017 के BMC चुनाव में सभी 227 वार्डों की मतगणना
- सुबह 10 बजे एक साथ शुरू हो जाती थी,
- जिससे तुरंत रुझान आ जाते थे।
- लेकिन इस बार राज्य निर्वाचन आयोग ने यह तरीका बदल दिया है।
अब मतगणना चरणबद्ध (फेज-वाइज) तरीके से होगी। एक समय में सिर्फ दो वार्डों की गिनती की जाएगी। जब वे दो वार्ड पूरी तरह से काउंट हो जाएंगे, तभी अगले दो वार्डों की गिनती शुरू होगी।
केवल 46 वार्डों की गिनती शुरू होगी
- कुल 227 वार्डों की बात करें, तो 23 मतगणना केंद्रों पर
- एक समय में 46 वार्डों की गिनती शुरू होगी
- (हर केंद्र पर 2 वार्ड)। यानी सुबह 10 बजे
- सभी 227 सीटों की गिनती एक साथ नहीं शुरू होगी, बल्कि धीरे-धीरे आगे बढ़ेगी।
इस वजह से मतगणना शुरू होते ही सभी 227 सीटों पर रुझान उपलब्ध नहीं होंगे। रुझान और अंतिम नतीजे आने में काफी देरी हो सकती है, क्योंकि हर चरण के बाद अगले वार्डों की गिनती शुरू होगी।
बदलाव क्यों किया गया?
निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि एक समय में सिर्फ दो वार्डों की गिनती करने से मानव संसाधन उन्हीं दो वार्डों पर पूरी तरह फोकस कर पाएंगे। इससे गलतियाँ कम होंगी और मतगणना की सटीकता बढ़ेगी।
इसके अलावा, इस तरह की व्यवस्था से अधिकारी गिनती की प्रक्रिया पर बेहतर निगरानी रख पाएंगे और किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सकेगा। यह बदलाव पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए किया गया है।
नतीजे आने में कितनी देरी हो सकती है?
- BMC के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि
- इस बार नतीजे आने में पहले की तुलना में काफी देरी हो सकती है।
- नगर आयुक्त भूषण गगरानी ने कहा है
- कि मतगणना प्रक्रिया में लगभग एक घंटे का अतिरिक्त समय लग सकता है।
इसका मतलब यह है कि शाम तक सभी 227 वार्डों के अंतिम नतीजे घोषित होने की संभावना कम है। रुझान तो धीरे-धीरे आएंगे, लेकिन पूरी तस्वीर साफ होने में रात तक का समय लग सकता है।
नई व्यवस्था के फायदे
- इस नई चरणबद्ध मतगणना प्रणाली के कई फायदे हैं।
- सबसे बड़ा फायदा यह है कि गिनती की सटीकता बढ़ेगी,
- क्योंकि हर चरण में सभी अधिकारी और कर्मचारी सिर्फ दो वार्डों पर ध्यान देंगे।
इससे गलत गिनती, गलत रिकॉर्डिंग या तकनीकी गलतियों का खतरा कम होगा। साथ ही, अधिकारियों को शिकायतों और आपत्तियों को तुरंत सुनने और निपटाने का भी बेहतर मौका मिलेगा।
निष्कर्ष
- BMC चुनाव 2025 की मतगणना 2017 की तरह एक साथ नहीं होगी,
- बल्कि चरणबद्ध तरीके से होगी।
- एक समय में सिर्फ दो वार्डों की गिनती करने से नतीजे आने में देरी हो सकती है,
- लेकिन इससे गिनती की सटीकता और पारदर्शिता बढ़ेगी।
इसलिए, इस बार शुक्रवार सुबह 10 बजे मतगणना शुरू होने के बाद भी सभी सीटों के रुझान तुरंत नहीं आएंगे। नतीजों की पूरी तस्वीर साफ होने में दिनभर का समय लग सकता है, लेकिन यह बदलाव लंबे समय में चुनाव प्रक्रिया को और भरोसेमंद बनाएगा।
