Corolla Cross
Corolla Cross टोयोटा की पॉपुलर कार (Corolla Cross) को Global NCAP क्रैश टेस्ट में सिर्फ 2 स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली। एडल्ट प्रोटेक्शन कमजोर, साइड हेड प्रोटेक्शन की कमी। सुरक्षा चिंता बढ़ी।

टोयोटा की कारें हमेशा से विश्वसनीयता, कम रखरखाव और लंबी चलने वाली इंजीनियरिंग के लिए जानी जाती हैं। भारत में भी टोयोटा Corolla Cross एक पॉपुलर कॉम्पैक्ट क्रॉसओवर SUV है, जो स्टाइल, कम्फर्ट और फ्यूल एफिशिएंसी के कारण लोगों की पसंद बन चुकी है। लेकिन हाल ही में आई एक खबर ने सबको चौंका दिया है – Global NCAP के क्रैश टेस्ट में Toyota Corolla Cross को एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन के लिए सिर्फ 2 स्टार रेटिंग मिली है। यह रेटिंग खासकर अफ्रीका स्पेसिफिकेशन (South Africa में बनी मॉडल) के लिए है, लेकिन यह खबर भारतीय खरीदारों के लिए भी चिंता का विषय बन सकती है क्योंकि सेफ्टी स्टैंडर्ड्स में अंतर क्षेत्रीय हो सकता है।
Corolla Cross क्या हुआ क्रैश टेस्ट में?
Global NCAP ने अपनी #SaferCarsForAfrica कैंपेन के तहत Toyota Corolla Cross का टेस्ट किया। इस टेस्ट में कार को एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन कैटेगरी में केवल 2 स्टार्स मिले, जबकि चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में 3 स्टार्स प्राप्त हुए। कुल मिलाकर एडल्ट सेफ्टी स्कोर काफी कम रहा – 29.27 पॉइंट्स में से सिर्फ 2 स्टार्स।
- मुख्य वजह बताई गई है – साइड हेड प्रोटेक्शन (साइड कर्टन एयरबैग्स) का स्टैंडर्ड में न होना।
- Global NCAP के अनुसार, आधुनिक कारों में साइड हेड प्रोटेक्शन एक जरूरी फीचर है,
- खासकर साइड इंपैक्ट और पोल क्रैश में सिर और गर्दन की सुरक्षा के लिए।
- अफ्रीका मार्केट (और कुछ अन्य क्षेत्रों) में बेची जाने वाली
- Corolla Cross में यह फीचर स्टैंडर्ड नहीं दिया गया है,
- जबकि ड्राइवर और पैसेंजर फ्रंटल एयरबैग्स,
- साइड बॉडी एयरबैग्स, ड्राइवर नी एयरबैग और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) मौजूद हैं।
टेस्ट रिपोर्ट में और भी कुछ कमियां सामने आईं:
- फुटवेल एरिया अस्थिर पाया गया, जो ज्यादा लोड सहन नहीं कर सकता।
- बॉडीशेल स्थिर तो था, लेकिन आगे के लोडिंग में कमजोर साबित हुआ।
- साइड पोल इंपैक्ट टेस्ट नहीं किया गया क्योंकि साइड हेड प्रोटेक्शन नहीं था।
यह रिजल्ट्स देखकर Automobile Association (AA) South Africa ने गहरी चिंता जताई है। AA के CEO ने कहा कि एक लोकल बनने वाली और सबसे ज्यादा बिकने वाली कार के लिए इतनी कम सेफ्टी रेटिंग “गहराई से चिंताजनक” है। Global NCAP ने भी कहा कि “साइड हेड प्रोटेक्शन न होने का कोई बहाना नहीं बनता”।
लेकिन क्या हर जगह यही रेटिंग है?
नहीं! यह महत्वपूर्ण है जानना कि NCAP रेटिंग्स क्षेत्र के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं क्योंकि स्टैंडर्ड इक्विपमेंट अलग होता है।
- Euro NCAP और ANCAP (ऑस्ट्रेलिया/न्यूजीलैंड) में Toyota Corolla Cross को 5 स्टार रेटिंग मिली है।
- ASEAN NCAP में भी यह मॉडल अच्छा स्कोर करती है (2020 टेस्ट में हाई स्कोर)।
- लेकिन अफ्रीका और कुछ डेवलपिंग मार्केट्स में बेस वेरिएंट्स में सेफ्टी फीचर्स कम रखे जाते हैं, जिससे रेटिंग गिर जाती है।
भारत में बेची जाने वाली Corolla Cross (अगर लॉन्च हो या इंपोर्टेड) में सेफ्टी फीचर्स क्या होंगे, यह देखना होगा। टोयोटा आमतौर पर भारत में Bharat NCAP स्टैंडर्ड्स फॉलो करती है, लेकिन यह घटना याद दिलाती है कि “5-स्टार ग्लोबल” वाली कार हर मार्केट में वैसी ही नहीं होती।
भारतीय खरीदारों के लिए क्या मतलब?
- भारत में सेफ्टी अब प्राथमिकता बन रही है।
- लोग Tata, Mahindra जैसी कंपनियों की 5-स्टार कारें चुन रहे हैं।
- Toyota Corolla Cross अगर भारत में आती है तो उम्मीद है
- कि इसमें कम से कम 6 एयरबैग्स, ESC,
- TPMS और साइड कर्टन एयरबैग्स जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड होंगे।
- लेकिन यह खबर हमें सतर्क करती है – सिर्फ ब्रांड नेम पर भरोसा न करें,
- हमेशा लोकल NCAP या Bharat NCAP रेटिंग चेक करें।
टोयोटा ने रिस्पॉन्स में कहा है कि ये रिजल्ट्स स्पेसिफिकेशन से जुड़े हैं और व्हीकल की स्ट्रक्चरल इंटीग्रिटी पर असर नहीं डालते। फिर भी, कस्टमर्स की सेफ्टी सबसे ऊपर होनी चाहिए।
निष्कर्ष
Toyota Corolla Cross एक अच्छी कार है – हाइब्रिड ऑप्शन, स्पेसियस इंटीरियर और टोयोटा की रिलायबिलिटी के साथ। लेकिन सेफ्टी में 2 स्टार रेटिंग ने सवाल खड़े किए हैं। अगर आप ऐसी कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो फुल सेफ्टी सूट वाली वेरिएंट चुनें और क्रैश टेस्ट रिपोर्ट्स जरूर पढ़ें। सड़क पर आपकी और परिवार की जान सबसे कीमती है – 2 स्टार से ज्यादा की उम्मीद रखना हमारा हक है!
