कर्नाटक बैनर विवाद
कर्नाटक बैनर विवाद कर्नाटक में बैनर विवाद ने भयावह रूप ले लिया। दो विधायकों के समर्थकों में जमकर मारपीट हुई, एक की मौत और कई घायल। क्षेत्र में तनाव का माहौल।

कर्नाटक के बागलकोट जिले में दो विधायकों के समर्थकों के बीच बैनर लगाने को लेकर हुई झड़प इतनी हिंसक हो गई कि एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की काली तस्वीर पेश करती है, जहां स्थानीय स्तर पर छोटे विवाद जानलेवा साबित हो रहे हैं।
घटना का पूरा विवरण
1 जनवरी 2026 को बागलकोट के बिलगी शहर में कांग्रेस विधायक एस एम नायकवाड़ी और भाजपा विधायक मंगल पांडुरंग रावत के समर्थकों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। विवाद नए साल के बैनर लगाने को लेकर शुरू हुआ, जब दोनों पक्षों ने एक ही जगह पर अपना बैनर टांगने की जिद की। बहस हाथापाई में बदली और भाजपा समर्थक चेतन पाटिल (28) को चाकू मार दिया गया। चेतन को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई। पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें से एक आरोपी फरार है।
कर्नाटक बैनर विवाद : राजनीतिक पृष्ठभूमि
- कांग्रेस विधायक एस एम नायकवाड़ी बिलगी विधानसभा क्षेत्र से हैं,
- जबकि भाजपा के मंगल पांडुरंग रावत जिला स्तर पर प्रभावशाली हैं।
- दोनों के बीच पुरानी दुश्मनी है,
- जो स्थानीय विकास कार्यों और चुनावी दौड़ से उपजी है।
- समर्थक अक्सर सड़कों पर बैनर लगाकर नेताओं का स्वागत या जश्न मनाते हैं,
- लेकिन यह परंपरा अब हिंसा का कारण बन रही है।
- विपक्ष ने इसे “राजनीतिक गुंडागर्दी” करार दिया।
हिंसा के बाद की स्थिति
घटना के बाद बिलगी शहर में तनाव फैल गया, दुकानें बंद रहीं और पुलिस फोर्स तैनात की गई। मृतक चेतन पाटिल के परिवार ने न्याय की मांग की, जबकि भाजपा ने कांग्रेस पर उकसावे का आरोप लगाया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शोक जताया और जांच के आदेश दिए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बायकाट ने इसे “कांग्रेस राज में अराजकता” बताया।
कर्नाटक में बढ़ते राजनीतिक हिंसा के मामले
- यह पहला मामला नहीं है।
- हाल ही में बेंगलुरु में विधायक समर्थकों की मारपीट हुई थी।
- बागलकोट क्षेत्र में गुटबाजी आम है, जहां जातिगत समीकरण भी भूमिका निभाते हैं।
- पुलिस ने 50 से अधिक बैनर हटाए, जो अवैध थे।
- विशेषज्ञों का कहना है कि स्थानीय नेताओं को समर्थकों पर अंकुश लगाना चाहिए।
जनता की प्रतिक्रिया और सबक
सोशल मीडिया पर #StopPoliticalViolence ट्रेंड कर रहा है। स्थानीय निवासियों ने कहा कि बैनर राजनीति से ऊपर नहीं। सरकार को सख्त कानून लाने चाहिए, जैसे बैनर प्रतिबंध। यह घटना याद दिलाती है कि लोकतंत्र में शांति जरूरी है। परिवार को न्याय मिले और ऐसी हिंसा रुके।
