Gold Silver Price Today
Gold Silver Price Today सोना अपने अब तक के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुंच गया है जबकि चांदी ₹13,117 की बड़ी छलांग के साथ चमकी। इन्वेस्टर्स अब ₹2.5 लाख के गोल्ड प्राइस टारगेट पर निगाह रख रहे हैं।

अब तक का सबसे ऊंचा सोना भाव! चांदी ₹13,117 उछली, नजरें ₹2.5 लाख के टारगेट पर। भारतीय बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों ने नया इतिहास रच दिया है, जहां सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया और चांदी में जबरदस्त उछाल देखा गया। वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू मांग के दबाव में निवेशक अब ₹2.5 लाख प्रति 10 ग्राम के लक्ष्य पर नजरें गड़ाए हुए हैं।
Gold Silver Price Today : सोने के भाव ने तोड़ा हर रिकॉर्ड
मंगलवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में 10 ग्राम सोने (99.9 शुद्ध) की कीमत ₹98,000 के पार पहुंच गई, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है। MCX पर सोने के फ्यूचर्स ₹97,850 तक छुए, जिसमें 2% से अधिक की तेजी दर्ज हुई। चांदी ने भी कमाल दिखाया- प्रति किलो ₹13,117 तक उछल गई, जो पिछले 12 वर्षों के उच्चतम स्तर से भी ऊपर है। यह उछाल अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों और भू-राजनीतिक तनावों से प्रेरित है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने का यह रिकॉर्ड स्तर वैश्विक आर्थिक मंदी के डर, डॉलर की कमजोरी और सुरक्षित निवेश की मांग से उपजा है। भारत में शादी-त्योहारों का सीजन होने से घरेलू ज्वेलरी डिमांड भी बढ़ी है, जिसने कीमतों को और बल दिया।
चांदी में आई भारी तेजी के कारण
चांदी के भावों में ₹1,117 का उछाल एक ही दिन में दर्ज किया गया, जो निवेशकों के लिए सरप्राइज पैकेज साबित हुआ। इंडस्ट्रियल डिमांड, जैसे सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स में चांदी के उपयोग ने इसे रॉकेट की रफ्तार दी। वैश्विक स्तर पर सिल्वर फ्यूचर्स $32 प्रति औंस के पार ट्रेड कर रहे हैं।
भारतीय बाजार में चांदी की कीमतें पिछले एक महीने में 25% चढ़ चुकी हैं। ट्रेडर्स का मानना है कि अगर यह ट्रेंड जारी रहा तो चांदी जल्द ₹1 लाख प्रति किलो के क्लब में एंट्री ले सकती है।
वैश्विक और घरेलू कारक जो भाव बढ़ा रहे
- सोने-चांदी के भावों पर कई फैक्टर असर डाल रहे हैं।
- अमेरिकी फेड की 25 बेसिस पॉइंट्स की दर कटौती से डॉलर इंडेक्स 104 के नीचे फिसला,
- जो कीमती धातुओं के लिए बुलिश सिग्नल है।
- इजरायल-हमास संघर्ष और यूक्रेन युद्ध ने निवेशकों को गोल्ड में शरण लेने को मजबूर किया।
भारत में इंपोर्ट ड्यूटी में कोई बदलाव न होने और RBI के सोने के भंडार बढ़ाने से घरेलू सप्लाई टाइट हुई। इसके अलावा, चीन की आर्थिक रिकवरी और भारतीय festivals जैसे धनतेरस-दिवाली ने डिमांड को आसमान छू लिया।
निवेशकों के लिए क्या हैं रणनीतियां?
इस रिकॉर्ड ब्रेकआउट में निवेशक दोहरी दुविधा में हैं- खरीदें या प्रॉफिट बुक करें? एक्सपर्ट सलाह देते हैं:
- लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स: SIP के जरिए गोल्ड ETF या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करें, जहां टैक्स बेनिफिट भी मिले।
- ट्रेडर्स: ₹2.5 लाख का टारगेट रीयलिस्टिक है, लेकिन ₹95,000 के सपोर्ट लेवल पर नजर रखें। स्टॉप लॉस जरूरी।
- ज्वेलर्स/उपभोक्ता: कीमतें स्थिर होने का इंतजार करें, क्योंकि फेस्टिवल के बाद करेक्शन संभव।
| धातु | वर्तमान भाव (प्रति 10g/kg) | 1 महीने का बदलाव | टारगेट स्तर |
|---|---|---|---|
| सोना (99.9) | ₹98,000 (10g) | +15% | ₹2.5 लाख (10g) |
| चांदी | ₹1,31,117 (1kg) | +25% | ₹1.5 लाख (1kg) |
भविष्य का आउटलुक: ₹2.5 लाख संभव?
Gold Silver Price Today : मार्केट एनालिस्ट्स का अनुमान है कि 2026 तक सोना ₹2.5 लाख प्रति 10 ग्राम छू सकता है। J.P. Morgan और Goldman Sachs जैसी फर्म्स ने $3000/औंस का ग्लोबल टारगेट रखा है। भारत में इंफ्लेशन कंट्रोल और GDP ग्रोथ 7% रहने से डिमांड बनी रहेगी। हालांकि, अगर फेड रेट कट रुक गई तो शॉर्ट टर्म करेक्शन हो सकता है।
- चांदी के लिए सकारात्मक सेंटीमेंट मजबूत है, क्योंकि ग्रीन एनर्जी सेक्टर में इसकी डिमांड दोगुनी हो रही।
- निवेशक डाइवर्सिफिकेशन पर फोकस करें- 10-15% पोर्टफोलियो गोल्ड-सिल्वर में रखें।
उपभोक्ताओं और अर्थव्यवस्था पर असर
उच्च भावों से ज्वेलरी सेक्टर पर दबाव बढ़ा है, जहां मार्जिन स्लिम हो गए। ग्रामीण भारत में सोना अब स्टेटस सिंबल से निवेश एसेट बन चुका। सरकार की स्कीम्स जैसे गोल्ड मोनेटाइजेशन से फिजिकल होल्डिंग कम हो रही। कुल मिलाकर, यह तेजी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है, जो वैश्विक निवेशकों का भरोसा दर्शाती है।
