एक इवेंट के दौरान नीना गुप्ता की झलक।
नीना गुप्ता : ने ‘खलनायक’ के आइकॉनिक गाने ‘चोली के पीछे क्या है’ की शूटिंग का शॉकिंग किस्सा सुनाया। सुभाष घई ने पैडेड ब्रा पहनने को कहा, नीना को अपमान लगा लेकिन मजबूरी में माना। 1993 की फिल्म, बॉलीवुड में महिलाओं की स्थिति और आज का नजरिया। पूरी कहानी पढ़ें।
बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस नीना गुप्ता ने एक बार फिर अपनी बेबाकी से सुर्खियां बटोरी हैं। हाल ही में एक पॉडकास्ट ‘शुभांकर मिश्रा’ में उन्होंने 1993 की सुपरहिट फिल्म ‘खलनायक’ के मशहूर गाने ‘चोली के पीछे क्या है’ की शूटिंग के दौरान हुए एक अपमानजनक किस्से का खुलासा किया। नीना ने बताया कि डायरेक्टर सुभाष घई ने उनके कॉस्ट्यूम को देखकर कहा, “इसे थोड़ा और भरा-भरा दिखाओ”। यह कमेंट उनके बस्ट (छाती) को पैडेड ब्रा से बड़ा दिखाने के लिए था, जिससे नीना को बहुत गुस्सा और शर्मिंदगी हुई।

नीना गुप्ता घटना का पूरा किस्सा – क्या हुआ था सेट पर?
नीना गुप्ता ने पॉडकास्ट में याद किया कि गाने की शूटिंग के दिन उन्हें गुजराती ट्राइबल आउटफिट में तैयार किया गया। जब वे सुभाष घई के सामने पहुंचीं, तो डायरेक्टर ने जोर से कहा, “नो! नो! नो! कुछ भरो!”। नीना को लगा कि यह उनके चोली (ब्लाउज) को भरने की बात है, यानी उनके शरीर को कृत्रिम रूप से बड़ा दिखाने की मांग। उन्होंने कहा, “तब मुझे बहुत गुस्सा आया था और मुझे लगा था ऐसी बात कहना बहुत गलत था।”
- उस दिन नीना ने शूटिंग नहीं की। अगले दिन उन्हें अलग आउटफिट में पैडेड ब्रा पहनाकर लाया गया
- जिससे उनका बस्ट ‘भरा-भरा’ दिखने लगा। सुभाष घई संतुष्ट हुए और शूटिंग हुई। नीना ने आगे कहा
- आज मैं इसे अलग तरह से समझती हूं। डायरेक्टर बस अपना काम कर रहा था
- वह विजुअल के लिए कुछ खास चाहता था।” लेकिन उस समय यह उनके लिए अपमानजनक था।
यह गाना फिल्म ‘खलनायक’ का सबसे कंट्रोवर्शियल और हिट आइटम सॉन्ग था, जिसमें माधुरी दीक्षित मुख्य डांसर थीं और नीना गुप्ता उनके साथ सपोर्टिंग रोल में नजर आईं। गाने की लाइनें “चोली के पीछे क्या है…” उस दौर की बॉलीवुड कल्चर को दर्शाती हैं, जहां महिलाओं को सेक्सुअलाइज्ड तरीके से पेश किया जाता था।
नीना की मजबूरी और इंडस्ट्री की सच्चाई
नीना ने खुलासा किया कि उस समय वे आर्थिक तंगी में थीं। उन्होंने कहा, “मैंने ये सभी रोल पैसों के लिए किए थे। मेरे पास पैसे नहीं थे। वरना मैं ये रोल कभी नहीं करती।” ‘खलनायक’ से पहले ‘यलगार’ में भी उन्हें 20 साल छोटे एक्टर के साथ बड़ी बहन का रोल करना पड़ा था, सिर्फ पैसे के लिए। नीना ने इंडस्ट्री में महिलाओं की स्थिति पर भी बात की – ज्यादा उम्र वाली एक्ट्रेस को युवा एक्टर्स के साथ रोल नहीं मिलते, जबकि मर्दों के साथ ऐसा होता है।
- उन्होंने कहा कि उस दौर में गालियां सुनना, अपमान सहना आम था। लेकिन आज नीना मजबूत हैं
- और ‘पंचायत’ जैसी वेब सीरीज से नई इमेज बनाई है। पहले छोटे शहरों में लोग उन्हें
- सिर्फ ‘चोली के पीछे वाली’ के नाम से जानते थे, लेकिन अब उनकी एक्टिंग को सराहा जाता है।
‘चोली के पीछे’ गाने का बैकग्राउंड
- फिल्म: खलनायक (1993), डायरेक्टर: सुभाष घई
- स्टारकास्ट: संजय दत्त, माधुरी दीक्षित, जैकी श्रॉफ, नीना गुप्ता
- गाना: अलका याग्निक और इला अरुण की आवाज, संगीत: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
- यह गाना 90 के दशक का सबसे विवादास्पद आइटम सॉन्ग बना, जिस पर सेंसर बोर्ड ने भी कट्स मांगे थे।
- लेकिन यह सुपरहिट रहा और आज भी पार्टीज में बजता है।
क्या सिखाता है यह खुलासा?
नीना गुप्ता का यह बयान 90 के दशक की बॉलीवुड इंडस्ट्री में महिलाओं पर हुए ऑब्जेक्टिफिकेशन और प्रेशर को उजागर करता है। #MeToo मूवमेंट के बाद ऐसी कहानियां सामने आ रही हैं, जो बताती हैं कि सेट पर सम्मान की कमी कितनी आम थी। नीना ने इसे अब ‘डायरेक्टर का विजन’ मान लिया है, लेकिन कई महिलाएं आज भी ऐसे अनुभवों से जूझ रही हैं।
