हैदराबाद में
H-FAST की बड़ी कार्रवाई, 13 मसाला इकाइयों पर छापेमारी
हैदराबाद में खाद्य मिलावट के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक में Hyderabad Food Adulteration Surveillance Team (H-FAST) और GHMC फूड सेफ्टी विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर 13 मसाला व्यापार एवं प्रोसेसिंग इकाइयों पर छापेमारी की। इस दौरान करीब 25.3 टन मिलावटी मसाले और 89 टन से अधिक कच्चा माल जब्त किया गया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन आपराधिक मामले दर्ज किए हैं।
मसालों में मिलाए जा रहे थे खतरनाक रसायन
जांच में सामने आया कि कुछ कारोबारी मसालों की गुणवत्ता और रंग बेहतर दिखाने के लिए औद्योगिक कपड़ों का रंग (Cloth Dye), सिंथेटिक रंग, टैल्कम पाउडर, राइस ब्रान ऑयल और अन्य गैर-खाद्य रसायनों का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस के अनुसार ये पदार्थ मानव उपभोग के लिए बिल्कुल सुरक्षित नहीं हैं और लंबे समय तक सेवन करने पर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
किन-किन मसालों में मिली मिलावट?
कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में अजवाइन, जीरा, सरसों, शाहजीरा, सौंफ, लौंग और जीरा डस्ट जब्त किया गया। अधिकारियों के मुताबिक निम्न गुणवत्ता वाले मसालों को रसायनों के माध्यम से चमकदार और महंगा दिखाने की कोशिश की जा रही थी। इसके अलावा मेथी, तिल, सिंथेटिक डाई, टैल्कम पाउडर और मसाला प्रोसेसिंग में इस्तेमाल होने वाली मशीनें भी बरामद की गईं।
तीन आरोपी गिरफ्तार, गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने जानबूझकर ऐसे रसायनों का उपयोग किया जो पैकेट पर स्पष्ट रूप से “Poisonous” और “Non-edible” लिखे हुए थे। इसी कारण पुलिस ने केवल खाद्य मिलावट का मामला दर्ज नहीं किया, बल्कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110 (गैर-इरादतन हत्या के प्रयास से संबंधित प्रावधान) सहित अन्य गंभीर धाराएं भी लगाई हैं।
स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक है मिलावटी मसाला?
विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक रंग और गैर-खाद्य रसायनों वाले मसालों का लगातार सेवन करने से लिवर और किडनी को नुकसान, पाचन संबंधी समस्याएं, एलर्जी, त्वचा रोग, तंत्रिका तंत्र पर असर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। क्योंकि मसाले आमतौर पर सीधे भोजन में इस्तेमाल किए जाते हैं, इसलिए इनके माध्यम से शरीर में जहरीले रसायन आसानी से पहुंच सकते हैं।
H-FAST की लगातार कार्रवाई
हैदराबाद पुलिस के अनुसार H-FAST की स्थापना के बाद लगभग 140 दिनों में 659 छापेमारी, 202 एफआईआर और 246 टन से अधिक मिलावटी खाद्य पदार्थों की जब्ती की जा चुकी है। इससे पहले भी टीम मिलावटी पनीर, घी, अचार, चाय पत्ती, अदरक-लहसुन पेस्ट, मांस और अन्य खाद्य पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर चुकी है।
उपभोक्ताओं के लिए पुलिस की सलाह
पुलिस और फूड सेफ्टी अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि मसाले और अन्य खाद्य पदार्थ केवल लाइसेंस प्राप्त दुकानों से खरीदें। खरीदते समय पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर, निर्माण तिथि और गुणवत्ता संबंधी जानकारी अवश्य जांचें। यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट का संदेह हो तो तुरंत स्थानीय फूड सेफ्टी विभाग या पुलिस हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
निष्कर्ष
हैदराबाद में 25 टन से अधिक मिलावटी मसालों की बरामदगी ने एक बार फिर
खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह कार्रवाई दिखाती है कि
मिलावटखोर मुनाफे के लिए लोगों की जान से खिलवाड़ करने से भी नहीं हिचकते।
विशेषज्ञों का मानना है कि सख्त निगरानी, नियमित जांच और
उपभोक्ताओं की जागरूकता से ही इस तरह के अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
FAQ
प्रश्न 1: यह कार्रवाई कहां हुई?
उत्तर: हैदराबाद में H-FAST और GHMC फूड सेफ्टी विभाग ने संयुक्त अभियान चलाया।
प्रश्न 2: कितने टन मसाले जब्त किए गए?
उत्तर: लगभग 25.3 टन मिलावटी मसाले और 89 टन से अधिक कच्चा माल जब्त किया गया।
प्रश्न 3: मसालों में क्या मिलाया जा रहा था?
उत्तर: औद्योगिक कपड़ों का रंग, सिंथेटिक रंग, टैल्कम पाउडर, राइस ब्रान ऑयल और अन्य गैर-खाद्य रसायन।
प्रश्न 4: कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
उत्तर: इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
प्रश्न 5: स्वास्थ्य पर इसका क्या असर हो सकता है?
उत्तर: ऐसे मिलावटी मसालों के सेवन से लिवर, किडनी, पाचन तंत्र और
अन्य अंगों पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं तथा कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है
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