UK का कारोबारी बताने वाले साइबर ठगों
शादी का सपना दिखाकर 15 लाख की ठगी
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवती को सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क करने वाले व्यक्ति ने खुद को यूनाइटेड किंगडम (UK) का कारोबारी बताया और भारतीय रीति-रिवाज से शादी करने का भरोसा देकर उसका विश्वास जीत लिया। बाद में महंगे उपहार भेजने और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर उससे करीब 15 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए। मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया से शुरू हुई बातचीत
पुलिस के अनुसार युवती की मुलाकात सोशल मीडिया पर एक कथित मैट्रिमोनियल विज्ञापन के माध्यम से हुई। इसके बाद दोनों की बातचीत मैसेजिंग ऐप पर होने लगी। आरोपी ने खुद को UK में रहने वाला सफल कारोबारी बताया और भारत आकर शादी करने की बात कही। विश्वास जीतने के लिए उसने महंगे गिफ्ट, आभूषण और विदेशी सामान भेजने का दावा भी किया।
पार्सल के नाम पर शुरू हुई पैसों की मांग
कुछ समय बाद युवती को एक कॉल आया जिसमें बताया गया कि विदेश से भेजा गया पार्सल भारत पहुंच गया है। कॉल करने वालों ने डिलीवरी चार्ज, कस्टम शुल्क, टैक्स और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर पैसे जमा कराने को कहा। शुरुआत में छोटी रकम मांगी गई, लेकिन बाद में अलग-अलग बहानों से लगातार भुगतान कराया गया।
‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर बढ़ाई ठगी
जब युवती ने पैसे भेजने पर सवाल उठाया तो आरोपियों ने खुद को जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर संपर्क किया। उन्होंने कथित रूप से युवती को कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाया। डर और दबाव में आकर युवती ने कई बार अलग-अलग बैंक खातों, UPI आईडी और QR कोड के माध्यम से कुल लगभग 15 लाख रुपये भेज दिए।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले का खुलासा होने के बाद पीड़िता के परिजनों ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर साइबर सेल की मदद से बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, UPI लेनदेन और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।
ऐसे साइबर फ्रॉड से कैसे बचें?
ऑनलाइन मैट्रिमोनियल या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी अनजान व्यक्ति की पहचान
बिना सत्यापन स्वीकार न करें। विदेश से उपहार भेजने, कस्टम शुल्क जमा करने या अचानक
पैसे मांगने जैसी बातों पर तुरंत सतर्क हो जाएं। किसी भी अनजान खाते में
पैसा ट्रांसफर करने से पहले जानकारी की पुष्टि करें। यदि साइबर ठगी का संदेह हो तो तुरंत राष्ट्रीय
साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।
निष्कर्ष
गोरखपुर की यह घटना बताती है कि साइबर अपराधी अब भावनाओं और विश्वास का फायदा
उठाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। शादी का झांसा, विदेशी उपहार और डिजिटल अरेस्ट
जैसी तरकीबों से लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
ऐसे मामलों में जागरूकता, सतर्कता और समय पर पुलिस को सूचना देना ही सबसे प्रभावी बचाव है।
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