देवरिया
देवरिया में फीडर ब्लास्ट से बिजली व्यवस्था चरमराई
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में बिजली व्यवस्था को बड़ा झटका लगा, जब तरकुलवा 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र पर पहले मुख्य लाइन में खराबी आई और उसके बाद दो इनकमिंग फीडरों में ब्लास्ट हो गया। इस घटना के बाद करीब 150 गांवों और कई कस्बों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई, जिससे लाखों लोगों को भीषण गर्मी और उमस के बीच भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बिजली गुल होने से घरों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई, इनवर्टर जवाब दे गए और व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं।
कैसे हुआ पूरा हादसा?
जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर लगभग 12 बजे तरकुलवा उपकेंद्र को बिजली देने वाली मुख्य लाइन में तकनीकी खराबी आ गई। इसके कारण पूरे उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली कर्मचारियों ने कई घंटों की मेहनत के बाद मुख्य लाइन का फॉल्ट ठीक कर सप्लाई बहाल करने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान उपकेंद्र के दो इनकमिंग फीडर अचानक ब्लास्ट हो गए, जिससे पूरी व्यवस्था फिर से ठप हो गई।
किन क्षेत्रों पर पड़ा असर?
फीडर ब्लास्ट के कारण तरकुलवा, पथरदेवा, गढ़रामपुर और बंजरिया फीडरों से जुड़े अनेक गांव और बाजार प्रभावित हुए।
इनमें प्रमुख रूप से—
- तरकुलवा
- पथरदेवा
- गढ़रामपुर
- कंचनपुर
- गुलहरिया
- बंजरिया
- महुआपाटन
- सोनहुला रामनगर
- मुंडेरा बाबू
- महुअवा बाजार
सहित लगभग 150 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही।
पांच लाख से अधिक लोगों को हुई परेशानी
बिजली बंद रहने से क्षेत्र की लगभग पांच लाख आबादी प्रभावित हुई।
लोगों को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ा—
- पीने के पानी की किल्लत
- इनवर्टर डिस्चार्ज होना
- भीषण गर्मी और उमस
- छोटे व्यापारियों का कारोबार प्रभावित
- बच्चों और बुजुर्गों को अधिक परेशानी
कई इलाकों में देर शाम तक बिजली बहाल नहीं हो सकी।
बिजली विभाग की टीम ने शुरू किया मरम्मत कार्य
घटना की जानकारी मिलते ही बिजली विभाग के इंजीनियर और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। तकनीकी टीम ने फीडर की जांच शुरू की और खराबी दूर करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया।
अधिकारियों का कहना है कि फीडर की मरम्मत पूरी होने के बाद चरणबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी।
उपभोक्ताओं में बढ़ा आक्रोश
लगातार बिजली बाधित रहने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई। कई उपभोक्ताओं ने बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बार-बार फीडर खराब होने और बिजली आपूर्ति बाधित रहने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के दौरान—
- नियमित मेंटेनेंस
- फीडर निरीक्षण
- ओवरलोडिंग पर नियंत्रण
- समय पर उपकरणों का रखरखाव
जैसे कदम उठाकर इस प्रकार की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
निष्कर्ष
देवरिया के तरकुलवा उपकेंद्र पर फीडर ब्लास्ट की घटना ने एक बार फिर बिजली व्यवस्था की चुनौतियों को सामने ला दिया है। लगभग 150 गांवों और पांच लाख लोगों के प्रभावित होने से स्पष्ट है कि बिजली ढांचे को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है। फिलहाल बिजली विभाग मरम्मत कार्य में जुटा है और जल्द आपूर्ति बहाल करने का प्रयास कर रहा है।
FAQ
प्रश्न 1. फीडर ब्लास्ट की घटना कहां हुई?
उत्तर: देवरिया जिले के तरकुलवा 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र में।
प्रश्न 2. कितने गांवों की बिजली प्रभावित हुई?
उत्तर: लगभग 150 गांवों और कई कस्बों की बिजली आपूर्ति बाधित हुई।
प्रश्न 3. कितनी आबादी प्रभावित हुई?
उत्तर: लगभग पांच लाख लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।
प्रश्न 4. बिजली विभाग क्या कर रहा है?
उत्तर: तकनीकी टीम फीडर की मरम्मत कर बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने में जुटी है।
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