उत्तर प्रदेश के हरदोई में
हरदोई। उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे पर लगातार बारिश के बाद बड़ा तकनीकी नुकसान सामने आया है। हरदोई जिले के मल्लावां क्षेत्र में एक्सप्रेसवे का लगभग 60 मीटर लंबा हिस्सा धंस गया। घटना की जानकारी मिलते ही निर्माण एजेंसी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची तथा तत्काल मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया।
लगातार बारिश के बाद सामने आई समस्या
बताया जा रहा है कि पिछले 48 घंटों से क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही थी। इसके बाद मल्लावां के पास माइलस्टोन संख्या 354 के निकट एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा बैठ गया। हालांकि इस घटना के बावजूद यातायात पूरी तरह बाधित नहीं हुआ और सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित हिस्से पर तत्काल मरम्मत शुरू कर दी गई।
युद्ध स्तर पर शुरू हुआ मरम्मत कार्य
घटना की सूचना मिलते ही कार्यदायी संस्था की तकनीकी टीम मौके पर पहुंच गई। धंसे हुए हिस्से में नीचे से गिट्टी भरकर सड़क को स्थिर करने का काम किया गया। इसके बाद डामरीकरण और अंतिम मरम्मत की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों का कहना है कि क्षतिग्रस्त हिस्से को जल्द ही पूरी तरह सामान्य कर दिया जाएगा।
उद्घाटन स्थल से कुछ किलोमीटर दूर हुआ नुकसान
यह घटना उस स्थान से करीब सात किलोमीटर दूर हुई है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। इस कारण घटना ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया है।
निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
बारिश के कुछ ही महीनों बाद एक्सप्रेसवे का हिस्सा धंसने से निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि कार्यदायी संस्था का कहना है कि भारी बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई है और
इस तरह की मरम्मत नियमित रखरखाव का हिस्सा होती है। मामले की तकनीकी जांच भी की जा रही है।
प्रशासन की नजर पूरे मामले पर
स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में
किसी प्रकार की निर्माण संबंधी कमी सामने आती है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रभावित हिस्से की मरम्मत को प्राथमिकता दी जा रही है।
निष्कर्ष
हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का 60 मीटर हिस्सा धंसने की घटना ने बारिश के दौरान बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की
मजबूती पर बहस छेड़ दी है। राहत की बात यह रही कि
इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर रहेगी।
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