NEET UG 2026 में MBBS
NEET UG 2026: मेडिकल सीटें बढ़ीं, लेकिन मुकाबला अब भी बेहद कठिन
नई दिल्ली। NEET UG 2026 का परिणाम घोषित होने के बाद अब लाखों छात्रों की नजर मेडिकल काउंसलिंग पर टिकी है। इस बार मेडिकल सीटों की संख्या में बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन प्रतिस्पर्धा अभी भी बेहद कड़ी बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश में करीब 1.36 लाख MBBS सीटें हैं, जबकि 11.21 लाख से अधिक अभ्यर्थी मेडिकल काउंसलिंग के लिए पात्र हैं। इसका मतलब है कि एक MBBS सीट के लिए औसतन 8 उम्मीदवार दावेदार हैं।
देश में कितनी हैं MBBS सीटें?
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के अनुसार, वर्ष 2026 के लिए देशभर में 1,36,939 MBBS सीटें उपलब्ध हैं। इनमें लगभग 63,296 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में और 73,643 निजी मेडिकल कॉलेजों में हैं। इस वर्ष कई नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी मिलने से सीटों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इसके बावजूद सभी योग्य छात्रों को MBBS सीट मिलना संभव नहीं होगा।
हर सीट पर 8 छात्रों की दावेदारी क्यों?
NEET में क्वालिफाई करना केवल काउंसलिंग में शामिल होने की पात्रता देता है। इसका मतलब यह नहीं कि हर क्वालिफाई छात्र को MBBS सीट मिल जाएगी। इस वर्ष 11 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के मुकाबले सीटें लगभग 1.36 लाख ही हैं। ऐसे में औसतन एक सीट के लिए 8 उम्मीदवार प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सीटें सीमित होने के कारण मुकाबला और भी कठिन हो जाता है।
MCC काउंसलिंग क्या है?
Medical Counselling Committee (MCC) पूरे देश में 15% ऑल इंडिया कोटा (AIQ) की सरकारी MBBS सीटों, सभी AIIMS, JIPMER, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, डीम्ड यूनिवर्सिटी और कुछ विशेष संस्थानों की काउंसलिंग कराती है। इसमें देश का कोई भी पात्र अभ्यर्थी भाग ले सकता है, चाहे वह किसी भी राज्य का निवासी हो।
स्टेट काउंसलिंग क्या होती है?
प्रत्येक राज्य अपनी 85% राज्य कोटा सीटों और राज्य के निजी मेडिकल कॉलेजों की काउंसलिंग स्वयं कराता है। इसमें सामान्यतः उसी राज्य के डोमिसाइल (स्थायी निवासी) अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिलती है। हालांकि निजी मेडिकल कॉलेजों के नियम राज्यों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
सेंट्रल और स्टेट काउंसलिंग में क्या अंतर है?
MCC (Central Counselling)
- 15% ऑल इंडिया कोटा सीटों के लिए।
- AIIMS, JIPMER, BHU, AMU, ESIC और डीम्ड यूनिवर्सिटी की सीटें शामिल।
- पूरे भारत के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।
- काउंसलिंग मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) कराती है।
State Counselling
- 85% राज्य कोटा सीटों के लिए।
- संबंधित राज्य की काउंसलिंग अथॉरिटी प्रक्रिया संचालित करती है।
- डोमिसाइल नियम लागू हो सकते हैं।
- राज्य के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों की सीटें शामिल होती हैं।
किन राज्यों में अधिक MBBS सीटें हैं?
देश में तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और राजस्थान जैसे राज्यों में MBBS सीटों की संख्या सबसे अधिक है। वहीं कई छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सीटें सीमित हैं, जिससे वहां प्रतिस्पर्धा और अधिक बढ़ जाती है। राज्यवार सीट मैट्रिक्स NMC और संबंधित काउंसलिंग प्राधिकरण द्वारा जारी की जाती है।
काउंसलिंग के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
विशेषज्ञों का कहना है कि छात्र केवल अंकों के आधार पर नहीं, बल्कि अपनी ऑल इंडिया रैंक (AIR), राज्य रैंक, श्रेणी, आरक्षण और सीट मैट्रिक्स को ध्यान में रखते हुए कॉलेजों का चयन करें। सही क्रम (Choice Filling) और समय पर दस्तावेज़ सत्यापन सीट मिलने की संभावना बढ़ा सकता है।
आगे क्या होगा?
NEET UG 2026 की काउंसलिंग जल्द शुरू होने की संभावना है। पहले MCC ऑल इंडिया कोटा की काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी करेगा। इसके बाद अलग-अलग राज्य अपनी-अपनी काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करेंगे। छात्रों को केवल आधिकारिक वेबसाइटों पर जारी सूचना के आधार पर ही आवेदन करना चाहिए।
निष्कर्ष
MBBS सीटों की संख्या बढ़ने के बावजूद NEET UG 2026 में प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी बनी हुई है।
हर सीट पर औसतन 8 उम्मीदवार होने के कारण छात्रों को
काउंसलिंग के प्रत्येक चरण में सावधानीपूर्वक निर्णय लेना होगा। सही रणनीति,
उचित कॉलेज चयन और समय पर आवेदन ही मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की संभावना बढ़ा सकते हैं।
FAQ
Q1. NEET UG 2026 में हर MBBS सीट पर कितने उम्मीदवार हैं?
उत्तर: औसतन हर MBBS सीट पर लगभग 8 उम्मीदवार दावेदार हैं।
Q2. देश में कुल कितनी MBBS सीटें हैं?
उत्तर: NMC के अनुसार वर्ष 2026 में कुल 1,36,939 MBBS सीटें उपलब्ध हैं।
Q3. MCC काउंसलिंग किसके लिए होती है?
उत्तर: 15% ऑल इंडिया कोटा, AIIMS, JIPMER, BHU, AMU, ESIC और डीम्ड यूनिवर्सिटी की सीटों के लिए MCC काउंसलिंग कराता है।
Q4. स्टेट काउंसलिंग कौन कराता है?
उत्तर: प्रत्येक राज्य की संबंधित काउंसलिंग अथॉरिटी 85% राज्य कोटा और राज्य के मेडिकल कॉलेजों की काउंसलिंग कराती है।
Q5. क्या NEET क्वालिफाई करने से MBBS सीट मिलना तय हो जाता है?
उत्तर: नहीं। NEET क्वालिफाई करने से केवल काउंसलिंग में भाग लेने की पात्रता मिलती है। सीट आवंटन रैंक, विकल्प, आरक्षण और सीट उपलब्धता पर निर्भर करता है।
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