Neeraj Chopra Injury
Neeraj Chopra Injury: ‘गोल्डन बॉय’ नीरज चोपड़ा के प्रशंसकों के लिए बुरी खबर है। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर टखने में लिगामेंट टियर के कारण 2026 के बाकी सीजन में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। उनकी चोट के कारण एशियन गेम्स 2026 में भारत की पदक उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
नई दिल्ली। भारतीय खेल जगत को शनिवार को बड़ा झटका लगा, जब स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने 2026 के बाकी सीजन से हटने का फैसला सार्वजनिक किया। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान उनके टखने में लिगामेंट टियर हो गया है। डॉक्टर और अपनी टीम से सलाह लेने के बाद उन्होंने मौजूदा सत्र में आगे कोई प्रतियोगिता नहीं खेलने का निर्णय लिया है।
नीरज की चोट का सीधा असर एशियन गेम्स 2026 पर पड़ेगा। जापान के आइची-नागोया में होने वाले इन खेलों में भारत को नीरज से स्वर्ण पदक की बड़ी उम्मीद थी। वह इससे पहले 2018 और 2022 एशियन गेम्स में जैवलिन थ्रो का स्वर्ण जीत चुके हैं और लगातार तीसरे खिताब की दावेदारी में थे। अब चोट के कारण उनका यह अभियान शुरू होने से पहले ही समाप्त हो गया है।
लुसाने में शानदार प्रदर्शन के बाद आया झटका
नीरज चोपड़ा के लिए 2026 का सीजन आसान नहीं रहा था। लंबे समय तक चोट से जूझने के बाद उन्होंने जून में प्रतियोगिताओं में वापसी की। वापसी के शुरुआती मुकाबलों में उन्हें अपनी पुरानी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ा, लेकिन धीरे-धीरे उनके प्रदर्शन में सुधार दिखाई देने लगा।
लुसाने डायमंड लीग में नीरज ने 88.05 मीटर का थ्रो किया, जो 2026 में उनका सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया। वह केवल नौ सेंटीमीटर के अंतर से श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिराज से पीछे रहे, जिन्होंने 88.14 मीटर का थ्रो किया था।
लुसाने में प्रदर्शन के बाद ऐसा लग रहा था कि नीरज एशियन गेम्स से पहले अपनी शानदार फॉर्म में लौट रहे हैं। लेकिन इसी प्रतियोगिता के कुछ समय बाद ट्रेनिंग के दौरान लगी चोट ने उनकी आगे की पूरी योजना बदल दी।
ट्रेनिंग के दौरान टखने में हुआ लिगामेंट टियर
नीरज ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी चोट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लुसाने में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद उन्हें महसूस हो रहा था कि वह उस लय को वापस पा रहे हैं, जिसकी उन्हें काफी समय से तलाश थी। लेकिन इसके बाद ट्रेनिंग के दौरान उनके टखने में लिगामेंट टियर हो गया।
चोट की गंभीरता का आकलन करने के बाद उन्होंने अपने डॉक्टर और टीम से चर्चा की। इसके बाद यह फैसला लिया गया कि इस सीजन के बाकी मुकाबलों में हिस्सा लेने के बजाय वह पूरी तरह रिकवरी पर ध्यान देंगे।
नीरज के लिए यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि वह एक महत्वपूर्ण प्रतियोगिता चरण में प्रवेश कर चुके थे। इसके बावजूद उन्होंने वापसी को जल्दबाजी में करने के बजाय पूरी तरह फिट होने को प्राथमिकता दी है।
एशियन गेम्स में लगातार तीसरा गोल्ड जीतने का मौका गया
एशियन गेम्स में नीरज चोपड़ा का रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में भी उन्होंने जैवलिन थ्रो में गोल्ड अपने नाम किया।
2026 में उनके सामने लगातार तीसरी बार एशियन गेम्स का स्वर्ण जीतने का मौका था। यदि वह ऐसा करने में सफल रहते तो यह भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि होती।
भारत ने एशियन गेम्स के लिए 73 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम घोषित की थी और नीरज को टीम की प्रमुख पदक उम्मीदों में शामिल किया गया था। अब उनके हटने के बाद भारतीय टीम को जैवलिन थ्रो में नई रणनीति के साथ उतरना होगा।
डायमंड लीग फाइनल भी नहीं खेल पाएंगे
नीरज चोपड़ा ने 2026 डायमंड लीग फाइनल के लिए भी क्वालीफाई किया था। वह सीजन में 12 अंक हासिल करके फाइनल की दौड़ में पहुंचे थे। लुसाने में दूसरा स्थान हासिल करने के बाद उनकी स्थिति और मजबूत हुई थी।
डायमंड लीग फाइनल का आयोजन 5 सितंबर को ब्रसेल्स में होना है। चोट के कारण नीरज अब इस प्रतियोगिता में भी हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
उनकी गैरमौजूदगी से जैवलिन थ्रो का मुकाबला भी प्रभावित होगा, क्योंकि नीरज दुनिया के
प्रमुख भाला फेंक खिलाड़ियों में शामिल हैं और उनकी मौजूदगी किसी भी बड़ी प्रतियोगिता के आकर्षण को बढ़ाती है।
वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप से भी बाहर
नीरज के सीजन से बाहर होने का असर सिर्फ एशियन गेम्स और डायमंड लीग
फाइनल तक सीमित नहीं है। वह सितंबर में बुडापेस्ट में होने वाली
पहली वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में भी हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
यह प्रतियोगिता 11 से 13 सितंबर के बीच आयोजित होनी है। नीरज की अनुपस्थिति
भारत के लिए एक और बड़ा झटका मानी जा रही है।
इस तरह चोट के कारण उनका 2026 का प्रतिस्पर्धी अभियान
लुसाने डायमंड लीग के प्रदर्शन के बाद ही समाप्त हो गया।
2026 में चोट से वापसी के बाद बना था दबाव
नीरज के लिए यह सीजन पहले से ही चोट के कारण चुनौतीपूर्ण रहा था। सितंबर
2025 से परेशान कर रही कमर की समस्या के कारण उनकी 2026 में प्रतियोगितात्मक वापसी में देरी हुई थी।
जून में दोहा डायमंड लीग से उन्होंने वापसी की, जहां उन्होंने 85.69 मीटर का थ्रो करके
चौथा स्थान हासिल किया। इसके बाद ग्लासगो कॉमनवेल्थ
गेम्स में उन्होंने 85.83 मीटर के प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता।
इसके बाद लुसाने में 88.05 मीटर का थ्रो उनके लिए बड़ी सकारात्मक खबर थी।
इसी प्रदर्शन से उम्मीद जगी थी कि वह एशियन गेम्स तक अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म हासिल कर सकते हैं।
लेकिन नई चोट ने उनकी योजनाओं पर विराम लगा दिया।
नीरज ने कहा- अब पूरा ध्यान रिकवरी पर
चोट की जानकारी देते हुए नीरज ने निराशा जरूर जाहिर की, लेकिन उनका संदेश सकारात्मक रहा।
उनका कहना है कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान अच्छी तरह ठीक होने और मजबूत वापसी पर रहेगा।
उनके लिए यह चोट इसलिए भी निराशाजनक है क्योंकि लुसाने के प्रदर्शन के बाद उन्हें महसूस हो रहा था कि
उनकी लय वापस आ रही है। इसके बावजूद उन्होंने जल्द
वापसी की कोशिश करने के बजाय डॉक्टर और टीम की सलाह को मानने का फैसला किया है।
यह निर्णय उनके लंबे करियर को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शीर्ष स्तर के
एथलीट के लिए चोट से पूरी तरह उबरना जरूरी होता है, क्योंकि अधूरी रिकवरी भविष्य में समस्या को बढ़ा सकती है।
भारत की पदक उम्मीदों को बड़ा झटका
एशियन गेम्स में नीरज का बाहर होना भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ा नुकसान है।
वह न सिर्फ पदक के दावेदार थे, बल्कि भारत के सबसे भरोसेमंद अंतरराष्ट्रीय एथलीटों में से एक हैं।
उनकी गैरमौजूदगी में जैवलिन थ्रो में भारत की चुनौती दूसरे खिलाड़ियों पर अधिक निर्भर होगी।
हालांकि भारतीय एथलेटिक्स में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं, लेकिन नीरज के अनुभव और
अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन की बराबरी करना आसान नहीं होगा।
उनके लगातार दो एशियन गेम्स गोल्ड और ओलंपिक स्तर के प्रदर्शन ने
उन्हें भारतीय खेलों का बड़ा चेहरा बनाया है। ऐसे में एशियन गेम्स में उनकी अनुपस्थिति का असर सिर्फ
पदक की संभावनाओं पर नहीं, बल्कि दर्शकों की उम्मीदों पर भी दिखाई देगा।
नीरज का लक्ष्य अब मजबूत वापसी
फिलहाल नीरज के सामने कोई प्रतियोगिता जीतने का लक्ष्य नहीं है।
उनका सबसे बड़ा लक्ष्य चोट से पूरी तरह उबरना है।
डॉक्टर और टीम की सलाह के अनुसार वह अब रिहैबिलिटेशन और फिटनेस पर ध्यान देंगे।
नीरज ने अपने प्रशंसकों से मिले समर्थन के लिए भी धन्यवाद दिया है। उनका संदेश साफ है कि
चोट और असफलताएं खेल करियर का हिस्सा हैं और
उनका ध्यान भविष्य में पहले से मजबूत होकर मैदान पर लौटने पर है।
निष्कर्ष
नीरज चोपड़ा का 2026 सीजन चोट के कारण समय से पहले समाप्त हो गया है।
ट्रेनिंग के दौरान टखने में लिगामेंट टियर के बाद उन्होंने डॉक्टर और अपनी टीम से चर्चा करके
बाकी सीजन से हटने का फैसला लिया। इससे वह एशियन गेम्स 2026, डायमंड लीग
फाइनल और वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
लुसाने में 88.05 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो करने के बाद नीरज शानदार लय में लौटते दिखाई दे रहे थे।
ऐसे समय में लगी चोट निश्चित तौर पर उनके लिए बड़ा झटका है।
अब भारतीय खेल प्रशंसकों की नजर उनकी रिकवरी और मैदान पर मजबूत वापसी पर रहेगी।
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