भाजपा ने नंदीग्राम उपचुनाव में
Nandigram Bypoll 2026: पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी तस्वीर अब और साफ हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इस सीट से हसीरानी रथ को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। हसीरानी रथ दिवंगत चंद्रनाथ रथ की मां हैं, जो मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और निजी सहायक रहे थे।
चंद्रनाथ रथ की मई 2026 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी कर रही है। ऐसे में हसीरानी रथ को टिकट दिए जाने से नंदीग्राम का चुनाव भावनात्मक और राजनीतिक दोनों लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।
हसीरानी रथ को नंदीग्राम से मिला टिकट
भाजपा ने मंगलवार को नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए हसीरानी रथ के नाम की घोषणा की। इसके साथ ही कई दिनों से चल रही अटकलों पर विराम लग गया।
हसीरानी रथ ने उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी नेतृत्व और संगठन के प्रति आभार जताया। उन्होंने नंदीग्राम के लोगों के लिए काम करने और चुनाव में पार्टी कार्यकर्ताओं के सहयोग से आगे बढ़ने का भरोसा जताया है।
कौन थे चंद्रनाथ रथ?
चंद्रनाथ रथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और निजी सहायक के तौर पर काम कर चुके थे। मई 2026 में उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में उन पर गोलीबारी हुई थी। अस्पताल ले जाने के बाद उनकी मौत हो गई थी।
इस हत्या की जांच बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी गई। मामले में कई लोगों से पूछताछ और गिरफ्तारियां भी हुई हैं।
चंद्रनाथ रथ की हत्या विधानसभा चुनाव परिणाम आने के कुछ ही दिनों बाद हुई थी, इसलिए इस घटना ने उस समय पश्चिम बंगाल की राजनीति में काफी चर्चा पैदा की थी।
नंदीग्राम में भावनात्मक मुद्दे के साथ चुनावी मुकाबला
हसीरानी रथ की उम्मीदवारी से नंदीग्राम चुनाव में चंद्रनाथ रथ की हत्या का मुद्दा भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन सकता है। भाजपा इस उम्मीदवार के जरिए स्थानीय मतदाताओं के बीच एक भावनात्मक संदेश देने की कोशिश कर सकती है।
हालांकि चुनाव में अंतिम फैसला मतदाता करेंगे और उम्मीदवार के व्यक्तिगत प्रभाव के साथ-साथ स्थानीय मुद्दे, विकास, संगठन और राजनीतिक समीकरण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
हसीरानी रथ का राजनीतिक अनुभव
हसीरानी रथ राजनीति में नई नहीं हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह लंबे समय से स्थानीय राजनीति से जुड़ी रही हैं और पंचायत स्तर पर भी जनप्रतिनिधि के रूप में काम कर चुकी हैं।
उम्मीदवारी घोषित होने से पहले भी उन्होंने संकेत दिया था कि यदि पार्टी उन्हें जिम्मेदारी देती है तो वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने शुभेंदु अधिकारी को अपने परिवार का अभिभावक बताया था।
मंदिर में पूजा के बाद सामने आईं हसीरानी
उम्मीदवारी की औपचारिक घोषणा से पहले हसीरानी रथ ने नंदीग्राम के स्थानीय मंदिरों में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उनके चुनाव लड़ने की चर्चा और मजबूत हो गई।
उम्मीदवारी घोषित होने के बाद उनके मंगलवार को हल्दिया में नामांकन दाखिल करने की तैयारी है।
इस दौरान शुभेंदु अधिकारी के भी मौजूद रहने की संभावना बताई गई है।
6 अक्टूबर को होगा मतदान
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर 2026 को मतदान निर्धारित है।
मतों की गिनती 9 अक्टूबर 2026 को होगी।
यह उपचुनाव इसलिए जरूरी हुआ क्योंकि शुभेंदु अधिकारी ने 2026 के विधानसभा
चुनाव में दो सीटों से जीत हासिल की थी और बाद में एक सीट छोड़ दी।
नंदीग्राम सीट खाली होने के बाद यहां उपचुनाव की स्थिति बनी।
*नंदीग्राम क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की सबसे चर्चित राजनीतिक सीटों में से एक है। 2021 के
विधानसभा चुनाव में यहां मुकाबला बेहद हाई-प्रोफाइल रहा था।
इसके बाद भी यह सीट राज्य की राजनीति में लगातार महत्वपूर्ण बनी रही।
2026 के विधानसभा चुनाव में भी नंदीग्राम पर राजनीतिक नजरें टिकी रहीं। अब उपचुनाव में
भाजपा ने हसीरानी रथ को मैदान में उतारकर मुकाबले को नया राजनीतिक और भावनात्मक आयाम दे दिया है।
दूसरे दलों की भी नजर
नंदीग्राम में भाजपा के उम्मीदवार की घोषणा के साथ अब अन्य राजनीतिक दल भी
अपनी रणनीति को और तेज करेंगे। सीट पर मुकाबला बहुकोणीय होने की संभावना है।
स्थानीय संगठन, उम्मीदवार की व्यक्तिगत पकड़, राज्य सरकार के कामकाज, क्षेत्रीय मुद्दे और
पिछले चुनावों का राजनीतिक प्रभाव—इन सभी का असर उपचुनाव के परिणाम पर पड़ सकता है।
नामांकन के बाद तेज होगा चुनाव प्रचार
हसीरानी रथ के नामांकन दाखिल करने के बाद नंदीग्राम में चुनाव प्रचार तेजी पकड़ने की उम्मीद है।
भाजपा अपने संगठन और स्थानीय नेताओं के जरिए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करेगी।
वहीं विपक्षी दल भी भाजपा के उम्मीदवार के सामने अपने मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे।
ऐसे में आने वाले दिनों में नंदीग्राम की राजनीति और ज्यादा गर्म होने की संभावना है।
निष्कर्ष
नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने दिवंगत चंद्रनाथ रथ की मां हसीरानी रथ को
उम्मीदवार बनाकर बड़ा राजनीतिक दांव चला है। चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद उनका परिवार पहले से ही
राजनीतिक चर्चा में रहा है। अब हसीरानी रथ सीधे चुनावी मैदान में हैं।
6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को परिणाम घोषित होने के साथ
यह देखना अहम होगा कि नंदीग्राम की जनता किस उम्मीदवार के पक्ष में अपना फैसला सुनाती है।
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