राजौरी में पुलिस ने कथित LeT-संबद्ध OGW नेटवर्क
Rajouri Terror Network News 2026: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में पुलिस ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कथित ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) नेटवर्क का पता लगाया है। पुलिस के मुताबिक यह नेटवर्क प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से कथित तौर पर जुड़ा हुआ था। कार्रवाई के दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान एक IED यानी इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस भी बरामद की गई है।
पीर पंजाल क्षेत्र में चल रही थी जांच
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारियां पीर पंजाल क्षेत्र में सक्रिय बताए जा रहे एक आतंकी मॉड्यूल की जांच के दौरान हुईं। प्रारंभिक जांच में आरोप है कि गिरफ्तार किए गए लोग आतंकियों को स्थानीय स्तर पर सहायता उपलब्ध कराने में भूमिका निभा रहे थे।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कथित नेटवर्क किस तरह काम करता था और इसके संपर्क में कितने अन्य लोग हो सकते हैं।
तीन लोगों को किया गया गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जाकिर हुसैन, मोहम्मद आजम और मोहम्मद मुश्ताक के रूप में हुई है। जाकिर हुसैन और मोहम्मद आजम राजौरी के कोटचरवाल टेरयाथ क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं, जबकि मोहम्मद मुश्ताक उधन इलाके का निवासी बताया गया है।
पुलिस का आरोप है कि तीनों कथित तौर पर आतंकियों को लॉजिस्टिक सहायता, सुरक्षित आवाजाही और जमीन पर अन्य प्रकार की मदद उपलब्ध कराने में शामिल थे।
आतंकियों की आवाजाही में मदद का आरोप
प्रारंभिक जांच में पुलिस को कथित तौर पर यह जानकारी मिली है कि गिरफ्तार लोग आतंकियों के लिए गाइड की भूमिका निभाते थे। आरोप है कि उन्होंने आतंकियों की राजौरी क्षेत्र से कश्मीर घाटी की ओर आवाजाही में सहायता की।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित नेटवर्क ने किन-किन इलाकों में काम किया और आतंकियों को किस तरह की सहायता दी जाती थी।
एक आरोपी की निशानदेही पर IED बरामद
जांच के दौरान एक आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने एक IED बरामद की। अधिकारियों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में आशंका है कि यह विस्फोटक किसी आतंकी समूह की ओर से कथित तौर पर सुरक्षित रखने के लिए आरोपियों तक पहुंचाया गया था।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि IED कहां से आई, इसे किस उद्देश्य से रखा गया था और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।
कई आतंकी घटनाओं से संबंध की जांच
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों का संबंध पूर्व में हुई कुछ गंभीर आतंकी घटनाओं से था या नहीं। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों पर ऐसे आतंकियों को जमीनी सहायता देने का संदेह है,
जिनके तार कई हाई-प्रोफाइल हमलों से जुड़े होने की जांच की जा रही है।
हालांकि, इन सभी आरोपों की जांच अभी जारी है। इसलिए आरोपियों की भूमिका और
किसी विशेष घटना से उनके संबंध को अंतिम रूप से जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट किया जा सकेगा।
पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
तीनों गिरफ्तारियों के बाद पुलिस का अगला फोकस कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने पर है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों के संपर्क में और कौन लोग थे और
आतंकियों को स्थानीय स्तर पर किस तरह की सहायता उपलब्ध कराई जाती थी।
जांच के दौरान संचार और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा सकती है,
ताकि नेटवर्क की पूरी संरचना सामने आ सके।
राजौरी में सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ा फोकस
पीर पंजाल क्षेत्र भौगोलिक और सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
ऐसे इलाकों में किसी भी आतंकी नेटवर्क को स्थानीय स्तर पर
मिलने वाली कथित मदद सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय होती है।
राजौरी में हुई यह कार्रवाई इसी व्यापक सुरक्षा अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।
पुलिस का लक्ष्य केवल गिरफ्तार किए गए लोगों तक सीमित न रहकर कथित पूरे सपोर्ट नेटवर्क की पहचान करना है।
आगे और गिरफ्तारियां संभव
पुलिस ने संकेत दिया है कि जांच अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद
IED से जुड़े सुरागों के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका सामने आ सकती है।
फिलहाल जांच एजेंसियां कथित नेटवर्क के संपर्कों, आतंकियों की आवाजाही में सहायता और
विस्फोटक से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
निष्कर्ष
राजौरी में पुलिस की कार्रवाई के दौरान कथित LeT-संबद्ध OGW नेटवर्क से जुड़े
तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान एक IED भी
बरामद हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी कथित तौर पर आतंकियों को
लॉजिस्टिक सहायता और आवाजाही में मदद उपलब्ध कराते थे। अब जांच का मुख्य उद्देश्य पूरे
नेटवर्क की पहचान करना और अन्य संभावित सहयोगियों तक पहुंचना है।
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