INDIA Alliance Meeting 2026
मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच INDIA गठबंधन के प्रमुख दलों की बुधवार को दिल्ली में बैठक हुई। बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग सहित आगे की संयुक्त रणनीति पर चर्चा की गई।
SIR को लेकर विपक्षी दलों की बैठक
INDIA गठबंधन के नेताओं ने SIR से संबंधित अपने सवालों और आपत्तियों को लेकर साझा रणनीति पर विचार किया। विपक्षी दलों की ओर से मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई गई।
बैठक का एक प्रमुख मुद्दा यह भी रहा कि SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल आगे किस तरह संयुक्त राजनीतिक और संसदीय कदम उठाएंगे।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
बैठक में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने या उनके इस्तीफे की मांग दोहराई। INDIA गठबंधन के नेताओं ने इस मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में आगे की कार्रवाई की संभावना पर भी चर्चा की।
यह मांग विपक्षी दलों की ओर से पहले भी उठाई जाती रही है। अब गठबंधन स्तर पर इस मुद्दे को लेकर साझा रणनीति बनाने की कोशिश की गई है।
ममता बनर्जी ने उठाया मुद्दा
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी भी बैठक में शामिल हुईं। SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों को एक साझा मंच पर लाने में उनकी भूमिका का उल्लेख विभिन्न रिपोर्टों में किया गया है।
TMC की ओर से पहले यह रुख सामने आया था कि SIR और चुनाव आयोग से जुड़े सवालों पर विपक्षी दलों को मिलकर कार्रवाई करनी चाहिए।
संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी
बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए संसद में नए प्रस्ताव की संभावना पर भी विचार किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक विपक्षी दलों की ओर से लोकसभा और राज्यसभा में इस संबंध में प्रस्ताव का मसौदा तैयार किए जाने की बात सामने आई है।
हालांकि किसी संवैधानिक पदाधिकारी को हटाने की संसदीय प्रक्रिया निर्धारित संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के अनुसार ही आगे बढ़ सकती है।
*कांग्रेस ने रखी SIR को लेकर अपनी मांगें
कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए हैं। पार्टी की ओर से मतदाता सूची में पारदर्शिता, पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने से पहले उचित प्रक्रिया और चुनावी प्रक्रिया में संस्थागत जवाबदेही की मांग की गई है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने INDIA गठबंधन की बैठक में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। बैठक के बाद विपक्षी दलों की ओर से आगे संयुक्त कार्यक्रमों की घोषणा भी की गई।
कौन-कौन से दल बैठक में शामिल हुए?
बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, वाम दलों, NCP (SP), शिवसेना (UBT) सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। रिपोर्टों के अनुसार DMK और AAP बैठक में शामिल नहीं हुए, जबकि समाजवादी पार्टी की ओर से प्रतिनिधि भेजे गए।
कांग्रेस की ओर से मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रही।
ममता बनर्जी समेत अन्य सहयोगी दलों के नेता भी बैठक में शामिल हुए।
अखिलेश यादव बैठक में क्यों नहीं पहुंचे?
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हुए।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के नामांकन से जुड़े कार्यक्रमों के कारण
उनकी अनुपस्थिति रही और पार्टी की ओर से प्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा लिया।
चुनाव आयोग ने SIR पर क्या कहा है?
विवाद के बीच चुनाव आयोग ने अपनी ओर से कहा है कि SIR से जुड़े आदेश चुनाव आयुक्तों की
सर्वसम्मति से जारी किए गए थे। आयोग ने यह भी कहा कि किसी संवैधानिक संस्था के भीतर
अलग-अलग राय या टिप्पणियां होना अपने आप में असामान्य नहीं है।
इस तरह SIR को लेकर विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के रुख में स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है।
विपक्षी दल प्रक्रिया और पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं,
जबकि आयोग अपने फैसलों और प्रक्रिया का बचाव कर रहा है।
Form 6 को लेकर भी सामने आया बदलाव
30 सितंबर को SIR से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में उन राज्यों में ऑनलाइन Form
6 से अतिरिक्त SIR घोषणा हटाए जाने की जानकारी सामने आई, जहां SIR प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
यह घटनाक्रम भी चुनावी प्रक्रिया को लेकर चल रही बहस के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आगे क्या करेगी INDIA गठबंधन?
बैठक के बाद विपक्षी दलों ने संयुक्त विरोध कार्यक्रमों की दिशा में आगे बढ़ने का संकेत दिया।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार गठबंधन की ओर से 2 से 8 अक्टूबर के बीच जिला स्तर पर प्रदर्शन,
6 अक्टूबर को चुनाव आयोग की ओर मार्च और 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली की घोषणा की गई है।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विपक्ष के सवालों को
सार्वजनिक और संसदीय स्तर पर उठाना बताया गया है।
SIR विवाद क्यों महत्वपूर्ण है?
SIR मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता
सूची को अपडेट करना और पात्र मतदाताओं की जानकारी को सत्यापित करना है।
लेकिन मौजूदा राजनीतिक विवाद में विपक्षी दलों ने प्रक्रिया के
दौरान संभावित नाम हटने और सत्यापन के तरीकों को लेकर सवाल उठाए हैं।
दूसरी ओर चुनाव आयोग का कहना है कि SIR निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है और
इससे जुड़े आदेश संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार जारी किए गए हैं।
निष्कर्ष
30 सितंबर 2026 की INDIA गठबंधन बैठक में SIR, मतदाता सूची,
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग प्रमुख मुद्दे रहे।
विपक्षी दलों ने संयुक्त आंदोलन और संसदीय कार्रवाई की दिशा में
आगे बढ़ने पर चर्चा की, जबकि चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया और
अपने निर्णयों का बचाव किया है। आने वाले दिनों में संसद और सड़क,
दोनों स्तरों पर यह मुद्दा राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना रह सकता है।
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