Trump Iraq News
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इराक से अमेरिकी सैनिकों की वापसी को लेकर बड़ा ऐलान किया है। 30 सितंबर 2026 को इराक में तैनात अंतिम अमेरिकी सैनिकों और सैन्य उपकरणों की वापसी पूरी हो गई। इसके साथ ही इराक में अमेरिकी नेतृत्व वाले ‘ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व’ के मिशन का अंत हो गया।
इराक से पूरी तरह बाहर हुई अमेरिकी सेना
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, अमेरिकी सेना और उसके उपकरणों ने उत्तरी इराक के एरबिल एयर बेस से व्यवस्थित तरीके से प्रस्थान किया। इसी के साथ इराक में अमेरिकी सैन्य मिशन का औपचारिक समापन हो गया।
अमेरिकी नेतृत्व वाला यह मिशन वर्ष 2014 में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ शुरू किया गया था। पिछले वर्षों में इराक में अमेरिकी सैनिकों की संख्या काफी कम कर दी गई थी और अंतिम चरण में मुख्य रूप से सीमित सैन्य मौजूदगी और सलाहकारी भूमिका रह गई थी।
ट्रंप ने वापसी को बताया बड़ी उपलब्धि
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सैनिकों की वापसी का स्वागत करते हुए इसे अमेरिका और इराक दोनों के लिए महत्वपूर्ण दिन बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना का इराक में मिशन अब समाप्त हो चुका है और ISIS के खिलाफ अभियान का उद्देश्य पूरा हो गया है।
ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य भागीदारी को लंबे और महंगे अभियान के रूप में भी वर्णित किया। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक विवरण के अनुसार, 2003 में इराक पर अमेरिकी आक्रमण और 2014 में शुरू हुआ ISIS विरोधी Operation Inherent Resolve अलग-अलग सैन्य अभियानों के नाम थे।
12 साल चला ISIS के खिलाफ मिशन
Operation Inherent Resolve की शुरुआत 2014 में हुई थी। इसका उद्देश्य इराक और सीरिया में ISIS के खिलाफ स्थानीय सुरक्षा बलों को सहायता देकर संगठन की सैन्य क्षमता को खत्म करना था।
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के दौरान इराकी सुरक्षा बलों और कुर्द पेशमर्गा सहित स्थानीय सहयोगी बलों की क्षमता मजबूत हुई। अमेरिकी सेना का कहना है कि ISIS अब इराक में संगठित सैन्य ताकत के रूप में पहले जैसी स्थिति में नहीं है।
अब इराक की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी?
अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद इराक की सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी अब इराकी सुरक्षा बलों पर होगी। अमेरिकी पक्ष के अनुसार, दोनों देशों के बीच सैन्य संबंध पूरी तरह खत्म नहीं होंगे, बल्कि युद्धकालीन गठबंधन मिशन से सामान्य द्विपक्षीय सुरक्षा संबंधों की ओर बदलाव होगा।
अमेरिकी सेना की ISIS विरोधी टास्क फोर्स को इराक से हटाकर जॉर्डन में स्थानांतरित किया गया है। वहीं, अमेरिका की कुछ सैन्य मौजूदगी अभी भी सीरिया में बनी हुई है।
इराक के लिए नई सुरक्षा चुनौती
अमेरिकी सेना की वापसी के बाद इराक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए सवाल भी उठ रहे हैं। ISIS की क्षेत्रीय पकड़ खत्म हो चुकी है, लेकिन उसके बचे हुए नेटवर्क और सेल पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं।
इसके अलावा, ईरान से जुड़े सशस्त्र समूहों की मौजूदगी भी इराक की सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बनी हुई है। अमेरिकी वापसी के बाद इराकी सरकार को इन सभी सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में अपनी संस्थाओं और सुरक्षा बलों की क्षमता का इस्तेमाल करना होगा।
कुर्द क्षेत्र में चिंता
इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की वापसी को लेकर कुछ अधिकारियों ने सुरक्षा संबंधी चिंता जताई है।
विशेष रूप से अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
हाल के क्षेत्रीय संघर्षों के दौरान कुर्द क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमलों का सामना करने की बात भी सामने आई है।
ऐसे में अमेरिकी सैन्य छतरी हटने के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनी रहेगी।
अमेरिका-इराक संबंधों में नया दौर
अमेरिकी सैनिकों की वापसी को इराक की संप्रभुता और
सुरक्षा व्यवस्था में एक नए चरण के रूप में देखा जा रहा है।
अब दोनों देशों के बीच संबंधों का जोर सैन्य अभियान के बजाय द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग,
प्रशिक्षण, खुफिया जानकारी और अन्य क्षेत्रों पर रहने की संभावना है।
निष्कर्ष
इराक से अंतिम अमेरिकी सैनिकों की वापसी के साथ 2014 में शुरू हुआ ISIS विरोधी
अमेरिकी सैन्य मिशन इराक में समाप्त हो गया है। ट्रंप ने इसे अमेरिका और
इराक दोनों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। हालांकि, ISIS के बचे हुए नेटवर्क,
सशस्त्र समूहों और पूरे क्षेत्र में जारी तनाव के कारण
इराक की सुरक्षा स्थिति पर आगे भी अंतरराष्ट्रीय नजर बनी रहेगी।
FAQ: इराक से अमेरिकी सैनिकों की वापसी
1. क्या सभी अमेरिकी सैनिक इराक से निकल गए हैं?
अमेरिकी सेना के अनुसार, इराक में Operation Inherent Resolve के तहत तैनात
अंतिम अमेरिकी सैनिकों की वापसी 30 सितंबर 2026 को पूरी हो गई।
2. अमेरिकी सैनिक इराक से क्यों निकले?
यह वापसी अमेरिका और इराक के बीच पहले से तय संक्रमण योजना का हिस्सा थी, जिसके तहत
ISIS विरोधी गठबंधन मिशन को समाप्त कर सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी इराकी बलों को सौंपना था।
3. Operation Inherent Resolve क्या था?
यह 2014 में शुरू किया गया अमेरिकी नेतृत्व वाला सैन्य अभियान था, जिसका मुख्य उद्देश्य इराक और
सीरिया में ISIS के खिलाफ अभियान चलाना और स्थानीय सुरक्षा बलों की सहायता करना था।
4. क्या अमेरिका की सैन्य मौजूदगी पूरी तरह मध्य पूर्व से खत्म हो गई है?
नहीं। इराक से मिशन समाप्त हुआ है, लेकिन अमेरिकी सैन्य गतिविधियां क्षेत्र के अन्य हिस्सों में जारी हैं।
ISIS विरोधी टास्क फोर्स का मुख्यालय जॉर्डन में स्थानांतरित किया गया है और सीरिया में भी अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं।
5. अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद इराक की सुरक्षा कौन संभालेगा?
इराकी सुरक्षा बलों और कुर्द क्षेत्र के सुरक्षा बलों पर देश की सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।
6. क्या ISIS पूरी तरह खत्म हो गया है?
ISIS की क्षेत्रीय और संगठित सैन्य क्षमता काफी कमजोर हुई है, लेकिन संगठन के
अवशेष और सेल मौजूद रहने की बात सामने आती रही है।
इसलिए इराक में आतंकवाद विरोधी अभियान पूरी तरह समाप्त नहीं माना जा सकता।
7. अमेरिकी सैनिकों की वापसी कब पूरी हुई?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, अंतिम अमेरिकी बलों और उपकरणों की एरबिल
एयर बेस से व्यवस्थित वापसी 30 सितंबर 2026 को पूरी हुई।
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