Ford Explorer
Ford Explorer फोर्ड ने अमेरिका में 4.13 लाख एक्सप्लोरर SUV को स्टीयरिंग फेलियर के खतरे से रिकॉल किया। NHTSA रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा जोखिम, मालिकों को तुरंत जांच कराने की सलाह।

ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण पहलू होता है। हाल ही में अमेरिकी कंपनी फोर्ड मोटर कंपनी ने अपनी लोकप्रिय SUV फोर्ड एक्सप्लोरर के एक बड़े बैच को रिकॉल करने का ऐलान किया है। यह रिकॉल 4 लाख से ज्यादा गाड़ियों को प्रभावित कर रहा है, जहां स्टीयरिंग कंट्रोल खोने का गंभीर खतरा पाया गया है। यह खबर फरवरी 2026 में सामने आई है और यह उन मालिकों के लिए चिंता का विषय बन गई है जिनकी गाड़ियां 2017 से 2019 मॉडल ईयर की हैं।
Read More:- Toyota Hilux की बढ़ी मुश्किलें! नई Isuzu V-Cross के धमाकेदार अवतार ने मचाई हलचल
समस्या क्या है? रियर सस्पेंशन टो लिंक में खराबी
Ford Explorer के 2017 से 2019 मॉडल वर्ष वाली कुल 412,774 गाड़ियों (अमेरिका में) को यह रिकॉल प्रभावित कर रहा है। समस्या रियर सस्पेंशन टो लिंक (rear suspension toe links) में है। ये टो लिंक पहियों के एलाइनमेंट को बनाए रखने में मदद करते हैं। अगर ये लिंक फ्रैक्चर (टूट) जाते हैं, तो वाहन का हैंडलिंग प्रभावित होता है और ड्राइवर को स्टीयरिंग कंट्रोल खोने का खतरा हो सकता है।
यह समस्या क्रॉस-एक्सिस बॉल जॉइंट (cross-axis ball joint) के फंसने या सीज होने से शुरू होती है, जो टो लिंक पर अतिरिक्त दबाव डालता है और अंत में उसे तोड़ देता है। नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) ने रिपोर्ट में कहा है कि इससे क्रैश का जोखिम बढ़ जाता है। फोर्ड का अनुमान है कि प्रभावित गाड़ियों में से सिर्फ 1% में यह डिफेक्ट हो सकता है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर पूरा रिकॉल जारी किया गया है।
यह रिकॉल एक पुराने रिकॉल (2021-2022 में जारी 21V537) का विस्तार है, जो 2013-2017 मॉडल्स को कवर करता था। NHTSA ने जनवरी 2026 में फोर्ड को 2018 मॉडल की कुछ शिकायतें भेजीं, जिसमें ड्राइवर्स ने directional control खोने की बात कही। जांच के बाद फोर्ड ने यह बड़ा कदम उठाया।
Ford Explorer प्रभावित मॉडल और जोखिम के संकेत
यह रिकॉल मुख्य रूप से 2017, 2018 और 2019 फोर्ड एक्सप्लोरर SUV पर लागू है। फोर्ड ने अब तक 26 मामलों की रिपोर्ट दर्ज की है जहां टो लिंक फ्रैक्चर हुआ, जिसमें 2 क्रैश हुए लेकिन कोई गंभीर चोट या मौत नहीं हुई।
मालिकों को इन संकेतों पर नजर रखनी चाहिए:
- अचानक वाहन का एक तरफ खिंचना या अनियंत्रित होना
- रियर व्हील से अजीब आवाज आना
- स्टीयरिंग में भारीपन या असामान्य व्यवहार
- हैंडलिंग में बदलाव, खासकर हाई स्पीड या लोड के दौरान
अगर आपकी गाड़ी इन मॉडल ईयर की है, तो तुरंत जांच करवाएं।
फोर्ड का समाधान और मालिक क्या करें?
- फोर्ड ने घोषणा की है कि प्रभावित गाड़ियों के डीलर्स टो लिंक को फ्री में बदलेंगे।
- नया टो लिंक ज्यादा मजबूत होगा और पुरानी समस्या से बचाव करेगा।
- यह रिपेयर पूरी तरह फ्री होगा – पार्ट्स और लेबर दोनों।
- मालिकों को मार्च 2026 से नोटिफिकेशन लेटर मिलना शुरू हो जाएगा।
- लेकिन इंतजार न करें – आप फोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर,
- जाकर अपना VIN नंबर चेक कर सकते हैं कि आपकी गाड़ी प्रभावित है या नहीं।
- NHTSA की साइट पर भी रिकॉल डिटेल्स उपलब्ध हैं।
अगर आप भारत या अन्य देश में फोर्ड एक्सप्लोरर चलाते हैं, तो लोकल फोर्ड सर्विस सेंटर से संपर्क करें क्योंकि यह रिकॉल मुख्य रूप से अमेरिका के लिए है, लेकिन समान मॉडल्स में जांच जरूरी है।
सुरक्षा पहले: क्यों महत्वपूर्ण है रिकॉल?
- ऑटो रिकॉल निर्माताओं की जिम्मेदारी दिखाते हैं।
- फोर्ड ने पिछले साल भी कई रिकॉल जारी किए थे,
- जो इंडस्ट्री में क्वालिटी कंट्रोल की चुनौतियों को दर्शाता है।
- लेकिन ऐसे कदम उठाकर कंपनियां दुर्घटनाओं को रोकती हैं।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि वाहन खरीदते समय सिर्फ फीचर्स और लुक नहीं, बल्कि सुरक्षा रिकॉर्ड और रिकॉल हिस्ट्री भी देखनी चाहिए। अगर आप फोर्ड एक्सप्लोरर के मालिक हैं, तो इस रिकॉल को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द अपनी गाड़ि की जांच करवाएं।
