अहमदाबाद विमान हादसे में
एक साल बाद भी नहीं भरे जख्म
अहमदाबाद विमान हादसे ने सैकड़ों परिवारों की जिंदगी बदल दी थी। इस दर्दनाक हादसे में कई यात्रियों और क्रू सदस्यों की मौत हो गई थी। हादसे के एक वर्ष बाद भी परिजनों के जख्म ताजा हैं और अपने प्रियजनों की यादें उन्हें हर दिन भावुक कर देती हैं।
इन्हीं परिवारों में एयर होस्टेस मैथिली का परिवार भी शामिल है। मैथिली की मां आज भी अपनी बेटी की यादों के सहारे जी रही हैं और उन्हें विश्वास नहीं होता कि उनकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं है।
“लगता है वो कहीं से आकर बात करेगी”
मैथिली की मां ने भावुक होकर कहा कि उन्हें आज भी ऐसा महसूस होता है कि उनकी बेटी कहीं बाहर गई है और अचानक वापस आकर उनसे बात करेगी। उन्होंने बताया कि घर का हर कोना मैथिली की याद दिलाता है। उसकी आवाज, मुस्कान और सपने आज भी परिवार के बीच जिंदा हैं।
मां का कहना है कि समय बीत गया, लेकिन बेटी की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती। परिवार आज भी उस दर्दनाक दिन को याद करके टूट जाता है।
पूरे देश को झकझोर देने वाला हादसा
12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस भीषण हादसे में विमान में सवार अधिकांश यात्रियों और क्रू सदस्यों की मौत हो गई थी, जबकि जमीन पर भी
कई लोगों की जान गई थी। यह भारत के सबसे दर्दनाक विमान हादसों में से एक माना जाता है।
परिवारों को अब भी जवाब का इंतजार
हादसे के एक साल बाद भी कई परिवारों का कहना है कि उन्हें अभी तक दुर्घटना से जुड़े
सभी सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। परिजन सिर्फ मुआवजे से संतुष्ट नहीं हैं, बल्कि वे हादसे की
पूरी सच्चाई जानना चाहते हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
भावुक कर देने वाली यादें
मैथिली की मां बताती हैं कि बेटी के साथ बिताए गए पल ही अब उनकी सबसे बड़ी पूंजी हैं।
वे उसकी तस्वीरों को देखकर उससे बातें करती हैं और
अक्सर ऐसा महसूस करती हैं कि वह आज भी उनके आसपास मौजूद है।
ऐसे हादसों में अपनों को खोने वाले परिवारों के लिए समय जरूर
आगे बढ़ता है, लेकिन यादें कभी खत्म नहीं होतीं।
अहमदाबाद विमान हादसे की बरसी पर एयर होस्टेस मैथिली की मां का दर्द पूरे देश को
भावुक कर रहा है। उनकी बात—“लगता है वो कहीं से आकर बात करेगी”—एक मां के
उस अथाह दुख को बयां करती है जिसे शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है।
हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोगों की यादें आज भी उनके परिवारों के दिलों में जीवित हैं।
read this post :सूर्य ग्रहण 2026: हरियाली अमावस्या पर लगेगा दुर्लभ सूर्य ग्रहण, जानिए किन राशियों पर पड़ेगा असर
