सैटलाइट तस्वीरों
सैटलाइट तस्वीरों से सामने आई तबाही की तस्वीर
ईरान पर अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमलों के बाद अब सैटलाइट तस्वीरों ने युद्ध के प्रभाव की वास्तविक तस्वीर सामने रख दी है। विभिन्न सैटलाइट इमेज और ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस विश्लेषणों के अनुसार देशभर में 50 से अधिक सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा है। इनमें मिसाइल बेस, सैन्य मुख्यालय, नौसैनिक अड्डे और एयरबेस शामिल बताए जा रहे हैं।
आईआरजीसी मुख्यालय भी हमलों की चपेट में
रिपोर्टों के अनुसार हमलों में इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) के प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाया गया। सैटलाइट तस्वीरों में तेहरान स्थित आईआरजीसी मुख्यालय और उससे जुड़े कई सैन्य परिसरों में नुकसान के संकेत मिले हैं। कुछ अन्य क्षेत्रीय आईआरजीसी कमांड केंद्रों को भी क्षति पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम को बड़ा झटका
विशेषज्ञों ने सैटलाइट तस्वीरों के आधार पर कई बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च साइटों, भूमिगत मिसाइल ठिकानों और एयर डिफेंस सिस्टम को हुए नुकसान की पहचान की है। कई स्थानों पर इमारतें क्षतिग्रस्त दिखाई दीं, जबकि कुछ ठिकानों पर बड़े विस्फोटों के निशान भी देखे गए। इससे ईरान की सामरिक क्षमता पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
नौसेना और वायुसेना अड्डों को भी नुकसान
सैटलाइट विश्लेषण में कुछ नौसैनिक अड्डों और वायुसेना सुविधाओं को हुए नुकसान के संकेत भी मिले हैं। बंदर अब्बास क्षेत्र और अन्य सैन्य बंदरगाहों में क्षति दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन ठिकानों पर हुए हमले ईरान की समुद्री और हवाई सैन्य क्षमताओं को प्रभावित कर सकते हैं।
अमेरिका का दावा- 13,000 से ज्यादा लक्ष्यों पर हमला
अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से 13,000 से अधिक लक्ष्यों पर कार्रवाई की गई है। हालांकि स्वतंत्र रूप से इस संख्या की पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन उपलब्ध सैटलाइट तस्वीरें यह संकेत देती हैं कि संघर्ष का दायरा काफी व्यापक रहा है और कई रणनीतिक ठिकाने प्रभावित हुए हैं।
युद्ध के प्रभाव को लेकर जारी है विश्लेषण
विश्लेषकों का मानना है कि अभी भी कई क्षेत्रों की पूरी तस्वीर सामने नहीं आई है।
सैटलाइट डेटा और स्वतंत्र जांच एजेंसियों के आकलन लगातार जारी हैं। आने वाले दिनों में नुकसान का
वास्तविक स्तर और स्पष्ट हो सकता है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि
ईरान कई प्रभावित सैन्य परिसरों की मरम्मत और पुनर्निर्माण की कोशिश कर रहा है।
मध्य पूर्व में बढ़ी चिंता
ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की सुरक्षा को
लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष और बढ़ता है तो
इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी पड़ सकता है।
सैटलाइट तस्वीरों और स्वतंत्र विश्लेषणों से यह स्पष्ट हो रहा है कि अमेरिका और इजराइल के
हमलों ने ईरान के सैन्य ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।
50 से अधिक सैन्य ठिकानों के प्रभावित होने की खबरें इस संघर्ष की गंभीरता को दर्शाती हैं।
हालांकि वास्तविक नुकसान का पूरा आकलन अभी बाकी है,
लेकिन यह निश्चित है कि इस युद्ध ने क्षेत्रीय भू-राजनीति को नई दिशा दे दी है।
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