लवलीना बोरगोहेन ने 75 किलोग्राम बॉक्सिंग
नई दिल्ली/निशियो। भारत की स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 75 किलोग्राम बॉक्सिंग स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। जापान के आइची-नागोया में खेले गए फाइनल मुकाबले में लवलीना ने चीन की बाओ जियी को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया।
यह जीत लवलीना के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि पिछली एशियाई खेलों में उन्हें इसी वर्ग में रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। इस बार उन्होंने पदक का रंग बदलते हुए स्वर्ण अपने नाम किया।
जन्मदिन पर मिला सबसे खास तोहफा
2 अक्टूबर को लवलीना का जन्मदिन भी है। ऐसे में एशियन गेम्स के फाइनल में गोल्ड जीतना उनके लिए यादगार उपलब्धि बन गया। 29 साल की लवलीना ने अपनी मेहनत और धैर्य के दम पर चीन की मजबूत मुक्केबाज को मात दी।
लवलीना ने जीत के बाद इस उपलब्धि को अपने जन्मदिन के खास तोहफे के रूप में बताया। पिछली बार रजत पदक जीतने के बाद उनका लक्ष्य इस बार स्वर्ण पदक हासिल करना था, जिसे उन्होंने पूरा कर दिया।
फाइनल में बाओ जियी को 5-0 से हराया
फाइनल मुकाबले में लवलीना को चीन की बाओ जियी से कड़ी चुनौती मिली। चीनी मुक्केबाज ने शुरुआत में आक्रामक अंदाज अपनाया और लवलीना पर दबाव बनाने की कोशिश की।
लवलीना ने हालांकि जल्दबाजी नहीं की। उन्होंने अपनी लंबाई और रीच का फायदा उठाते हुए दूरी बनाए रखी और सही मौकों पर काउंटर अटैक किए। शुरुआती राउंड में उन्होंने 3-2 की बढ़त बनाई। दूसरे राउंड में भी भारतीय मुक्केबाज ने बेहतर नियंत्रण दिखाया और जजों ने यह राउंड 4-1 से उनके पक्ष में दिया।
तीसरे राउंड में लवलीना ने अपनी रणनीति को कायम रखा। उन्होंने बाओ के आक्रामक प्रयासों का सामना करते हुए मुकाबले को नियंत्रित किया और अंत में सभी जजों का फैसला उनके पक्ष में रहा।
भारत को 12 साल बाद मिला महिला बॉक्सिंग गोल्ड
लवलीना की इस जीत ने एशियन गेम्स में भारतीय महिला बॉक्सिंग के लिए भी
एक खास उपलब्धि दर्ज की। वह मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स में बॉक्सिंग का स्वर्ण जीतने वाली
दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं। मैरी कॉम ने 2014 में यह उपलब्धि हासिल की थी।
इस तरह भारतीय महिला बॉक्सिंग को एशियाई खेलों में अगले स्वर्ण के लिए 12 साल का इंतजार खत्म हुआ।
पिछली बार जीता था सिल्वर, इस बार बदला पदक का रंग
लवलीना ने पिछले एशियन गेम्स में 75 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता था।
फाइनल में वह चीन की ली कियान से हार गई थीं।
इस बार लवलीना ने फाइनल तक पहुंचने के रास्ते में भी कड़ी चुनौतियों का सामना किया। सेमीफाइनल में
उन्होंने कजाकिस्तान की नताल्या बोगदानोवा को 3-2 के करीबी फैसले से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
लगातार दूसरे एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचने वाली वह पहली
भारतीय महिला मुक्केबाज बनीं और इस बार फाइनल में जीत दर्ज कर उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया।
ओलंपिक पदक भी जीत चुकी हैं लवलीना
लवलीना बोरगोहेन भारतीय बॉक्सिंग की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह टोक्यो ओलंपिक में
कांस्य पदक जीत चुकी हैं। इसके अलावा 2023 में उन्होंने 75 किलोग्राम वर्ग में विश्व चैंपियन का खिताब भी हासिल किया था।
एशियन गेम्स का स्वर्ण उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की उपलब्धियों में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है।
फाइनल में दबाव के बावजूद नहीं खोया धैर्य
बाओ जियी फाइनल में मजबूत रिकॉर्ड के साथ उतरी थीं। उन्होंने शुरुआत में लवलीना पर दबाव बनाने के लिए
लगातार आगे बढ़ने की कोशिश की। इसके बावजूद भारतीय मुक्केबाज ने अपनी रणनीति नहीं बदली।
लवलीना ने काउंटर पंचिंग और दूरी बनाए रखने पर जोर दिया। जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ा,
उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता गया। अंतिम राउंड में उन्होंने मुकाबले को नियंत्रित करते हुए अपनी जीत सुनिश्चित की।
लवलीना की जीत पर भारत में खुशी
लवलीना के स्वर्ण पदक जीतने के बाद भारतीय खेल जगत में खुशी का माहौल है।
एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए बॉक्सिंग से लगातार पदक आए हैं और
लवलीना का गोल्ड भारतीय अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है।
उनकी जीत खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने पिछली बार के
रजत पदक को स्वर्ण में बदलने का लक्ष्य पूरा किया है।
निष्कर्ष
लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स 2026 में 75 किलोग्राम महिला बॉक्सिंग का स्वर्ण पदक जीतकर
इतिहास रच दिया। उन्होंने फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया। जन्मदिन के दिन मिली यह जीत
उनके करियर की यादगार उपलब्धियों में शामिल हो गई है। इसके साथ ही लवलीना एशियन गेम्स में बॉक्सिंग
गोल्ड जीतने वाली मैरी कॉम के बाद दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं।
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