NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन
नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों में बिहार और असम सरकारों ने प्रदर्शनकारियों को राहत देने की दिशा में कदम उठाए हैं। दोनों राज्यों ने प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने और गिरफ्तार लोगों को रिहा करने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की ओर से ऐसी कोई आधिकारिक घोषणा अब तक सामने नहीं आई है, जिससे इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
CJP (Cockroach Janta Party) ने आरोप लगाया है कि सरकार के साथ हुई बातचीत में यह सहमति बनी थी कि देशभर में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस ली जाएंगी और भविष्य में भी ऐसे मामलों में नई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। संगठन का कहना है कि यदि इस आश्वासन का पालन नहीं हुआ तो वह दोबारा आंदोलन शुरू करने पर विचार करेगा।
बिहार और असम में क्या हुआ?
बिहार सरकार ने प्रदर्शन से जुड़े मामलों में दर्ज एफआईआर वापस लेने और गिरफ्तार लोगों को रिहा करने की घोषणा की है। इसी तरह असम सरकार ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा कर उन्हें वापस लेने और रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही है।
यूपी और पश्चिम बंगाल पर नजर
उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की ओर से अभी तक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसी कारण इन राज्यों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में सम्मान समारोह भी चर्चा में
इसी बीच पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा NEET-UG में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित करने का कार्यक्रम भी चर्चा में है। यह कार्यक्रम ऐसे समय आयोजित हो रहा है जब राज्य में हाल ही में NEET विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर बहस जारी रही है।
CJP ने क्या कहा?
CJP के प्रवक्ताओं का कहना है कि यदि बातचीत के दौरान हुए आश्वासनों को लागू नहीं किया गया तो संगठन फिर से आंदोलन शुरू करेगा। संगठन ने यह भी दावा किया कि कुछ राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अब भी कानूनी कार्रवाई जारी है और इसे तत्काल रोका जाना चाहिए।
सरकार की ओर से क्या स्थिति है?
बिहार और असम सरकारों ने राहत संबंधी कदमों की घोषणा की है। हालांकि अन्य राज्यों में इस संबंध में आधिकारिक स्थिति अलग-अलग है। जिन राज्यों से अभी तक कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं हुआ है,
वहां आगे की स्थिति संबंधित राज्य सरकारों के निर्णय पर निर्भर करेगी।
निष्कर्ष
NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों में बिहार और असम द्वारा उठाए गए कदमों के बाद
अब अन्य राज्यों की भूमिका पर भी नजर बनी हुई है। वहीं CJP ने स्पष्ट किया है कि यदि सभी राज्यों में
प्रदर्शनकारियों को समान राहत नहीं मिली तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है। फिलहाल
इस मामले में आगे की कार्रवाई और सरकारी घोषणाओं का इंतजार है।
FAQ
Q1. बिहार सरकार ने प्रदर्शनकारियों को लेकर क्या फैसला लिया है?
उत्तर: बिहार सरकार ने प्रदर्शन से जुड़े मामलों में एफआईआर वापस लेने और
गिरफ्तार लोगों को रिहा करने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है।
Q2. असम सरकार ने क्या घोषणा की है?
उत्तर: असम सरकार ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और
रिहाई की प्रक्रिया की समीक्षा करने की बात कही है।
Q3. क्या उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल ने भी ऐसा आदेश जारी किया है?
उत्तर: खबर लिखे जाने तक उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की ओर से इस संबंध में
कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई थी।
Q4. CJP की मुख्य मांग क्या है?
उत्तर: CJP की मांग है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएं,
गिरफ्तार लोगों को रिहा किया जाए और भविष्य में ऐसी कार्रवाई न हो।
Q5. क्या CJP ने दोबारा आंदोलन की चेतावनी दी है?
उत्तर: हां। संगठन ने कहा है कि यदि आश्वासन लागू नहीं किए गए तो
वह फिर से आंदोलन शुरू कर सकता है।
Q6. पश्चिम बंगाल में किस कार्यक्रम की चर्चा है?
उत्तर: पश्चिम बंगाल में NEET-UG के शीर्ष छात्रों के सम्मान समारोह की चर्चा है,
जो हालिया विरोध प्रदर्शनों के बीच आयोजित किया जा रहा है।
Q7. क्या सभी राज्यों में एक जैसा फैसला लागू हुआ है?
उत्तर: नहीं। फिलहाल बिहार और असम ने राहत संबंधी कदमों की घोषणा की है, जबकि अन्य राज्यों की स्थिति अलग-अलग है।
read this post :अमरनाथ यात्रा में बड़ा हादसा: सोनमर्ग हाईवे पर श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी, 30 से अधिक यात्री घायल
