100 क्विंटल से ज्यादा संदिग्ध
रक्षाबंधन और कृष्ण जन्माष्टमी जैसे त्योहारों से पहले उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिले के सोरांव और फाफामऊ इलाकों में छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने 100 क्विंटल से ज्यादा ऐसी मिठाइयां जब्त कीं, जिन्हें खराब, अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किया जा रहा था या जिनकी गुणवत्ता को लेकर गंभीर आपत्तियां सामने आईं। कार्रवाई के बाद इन मिठाइयों को जेसीबी की मदद से गड्ढा खुदवाकर उसमें दबाकर नष्ट कराया गया।
त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर कुछ कारोबारी कथित तौर पर घटिया या असुरक्षित सामग्री बाजार में पहुंचाने की कोशिश करते हैं। प्रयागराज में हुई कार्रवाई इसी तरह के मामलों पर प्रशासन की सख्ती को दर्शाती है। अधिकारियों के मुताबिक खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
रक्षाबंधन से पहले खाद्य विभाग का बड़ा अभियान
रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त को मनाया जाना है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने भाई-बहनों के लिए मिठाइयां खरीदते हैं। मिठाई की बढ़ती मांग को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने प्रयागराज में जांच अभियान तेज किया।
विभाग की टीमों ने सोरांव और फाफामऊ क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मिठाई तैयार करने और रखने की परिस्थितियों की जांच की गई। अधिकारियों को कई जगहों पर साफ-सफाई और खाद्य गुणवत्ता को लेकर गंभीर खामियां मिलीं।
100 क्विंटल से ज्यादा मिठाई कराई गई नष्ट
छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग ने 100 क्विंटल से अधिक मिठाई जब्त की। रिपोर्ट के अनुसार इनमें सड़ी-गली और हानिकारक बताई गई मिठाइयां शामिल थीं।
इतनी बड़ी मात्रा में जब्त माल को बाजार में पहुंचने से रोकने के लिए अधिकारियों ने मौके पर ही उसे नष्ट कराने की कार्रवाई की। इसके लिए जेसीबी की मदद से गड्ढा खुदवाया गया और जब्त मिठाइयों को उसमें डालकर नष्ट कराया गया।
यह कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध मिठाई बाजार में पहुंच जाती तो त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका हो सकती थी।
गंदगी के बीच तैयार की जा रही थी मिठाई
खाद्य विभाग की कार्रवाई में मिठाई बनाने की स्वच्छता व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आई। रिपोर्ट के मुताबिक कुछ स्थानों पर मिठाइयां गंदगी के बीच तैयार की जा रही थीं।
त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने के कारण मिठाई बनाने वाले कई छोटे-बड़े प्रतिष्ठानों में उत्पादन बढ़ जाता है। ऐसे में साफ-सफाई, कच्चे माल की गुणवत्ता और तैयार उत्पाद के सुरक्षित रखरखाव का महत्व और बढ़ जाता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग इसी तरह की अनियमितताओं पर नजर रखने के लिए अभियान चला रहा है।
केमिकल के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल
प्रयागराज में हुई कार्रवाई के दौरान कुछ मिठाइयों को लेकर आपत्तिजनक केमिकल के इस्तेमाल का भी उल्लेख सामने आया है। अधिकारियों ने ऐसी मिठाइयों को जब्त किया जिन्हें खाने के लिहाज से सुरक्षित नहीं माना गया।
हालांकि किसी विशेष रसायन या पदार्थ के इस्तेमाल की अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही की जा सकती है। इसलिए उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है कि वे बिना प्रमाण के किसी खास सामग्री को लेकर निष्कर्ष न निकालें।
खाद्य विभाग द्वारा लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
59 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे गए
प्रयागराज मंडल के सहायक आयुक्त खाद्य दीनानाथ यादव के मुताबिक लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अभियान लगातार जारी है।
विभाग ने पिछले एक पखवाड़े के दौरान 59 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। इसी अवधि में 100 क्विंटल से ज्यादा हानिकारक मिठाइयों को नष्ट कराया गया।
इन नमूनों की जांच के बाद यदि किसी कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
कारोबारी का रजिस्ट्रेशन निलंबित, FIR भी
कार्रवाई के दौरान एक कारोबारी के खिलाफ सख्त कदम भी उठाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक संबंधित कारोबारी का रजिस्ट्रेशन निलंबित किया गया और उसके खिलाफ FIR दर्ज कराने की कार्रवाई की गई।
इससे संकेत मिलता है कि विभाग केवल संदिग्ध मिठाइयों को नष्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई भी कर रहा है।
त्योहारों के मौसम में क्यों बढ़ जाती है मिलावट की आशंका?
रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, दिवाली, होली और अन्य त्योहारों के दौरान मिठाइयों की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है।
अचानक बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन भी बढ़ाया जाता है।
यही स्थिति कुछ मामलों में मिलावटखोरी का जोखिम बढ़ा सकती है।
कम लागत में ज्यादा उत्पादन करने की कोशिश में घटिया कच्चे माल का इस्तेमाल या
स्वच्छता मानकों की अनदेखी उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
इसी वजह से त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग विशेष अभियान चलाता है।
उपभोक्ताओं को भी रहना होगा सावधान
प्रयागराज की इस कार्रवाई के बाद आम लोगों के लिए भी जरूरी है कि वे मिठाई खरीदते समय सावधानी बरतें।
मिठाई खरीदते समय दुकान की साफ-सफाई, उत्पाद की ताजगी
पैकेजिंग और उपलब्ध लेबल जैसी चीजों पर ध्यान दिया जा सकता है।
खुले में रखी मिठाइयों के मामले में विशेष सावधानी बरतना बेहतर है।
यदि किसी मिठाई की गंध, रंग या स्वाद सामान्य से अलग महसूस हो तो उसका सेवन नहीं करना चाहिए।
बड़ी मात्रा में मिठाई नष्ट करने का क्या संदेश?
100 क्विंटल से अधिक मिठाई को नष्ट कराने की कार्रवाई खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से
एक कड़ा संदेश भी है। त्योहार के नाम पर लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रशासन की ऐसी कार्रवाई से उन कारोबारियों पर दबाव बढ़ सकता है जो
नियमों का पालन किए बिना खाद्य पदार्थों का उत्पादन या बिक्री करते हैं।
साथ ही यह कार्रवाई उन कारोबारियों के लिए भी चेतावनी है जो
खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए काम करते हैं कि
त्योहारों के दौरान उत्पादन बढ़ने पर भी गुणवत्ता और स्वच्छता से समझौता न किया जाए।
प्रयागराज में अभियान आगे भी जारी रहने के संकेत
खाद्य विभाग ने साफ किया है कि अभियान केवल एक-दो दिनों की
कार्रवाई तक सीमित नहीं है। विभाग के अनुसार लोगों को
सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए जांच और नमूना संग्रह का काम लगातार जारी है।
पिछले 15 दिनों में 59 नमूने लैब भेजे जाने और 100 क्विंटल से अधिक
मिठाई नष्ट किए जाने की जानकारी इसी अभियान की व्यापकता बताती है।
आने वाले दिनों में भी त्योहारों को देखते हुए मिठाई, दूध,
खोया, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की जांच बढ़ सकती है।
रक्षाबंधन पर मिठाई खरीदने वालों के लिए जरूरी बातें
रक्षाबंधन के मौके पर मिठाई खरीदते समय कुछ सामान्य सावधानियां अपनाई जा सकती हैं:
- साफ-सुथरी दुकान से मिठाई खरीदें।
- बहुत अधिक चमकीली या असामान्य रंग वाली मिठाई से सावधान रहें।
- खुले में धूल-मिट्टी के बीच रखी मिठाई खरीदने से बचें।
- पैकेट वाली मिठाई पर निर्माण और उपयोग की तारीख देखें।
- मिठाई की गंध या स्वाद असामान्य लगे तो उसे न खाएं।
- खरीदारी की रसीद लेना उपयोगी हो सकता है।
- संदिग्ध खाद्य पदार्थ मिलने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को शिकायत की जा सकती है।
क्या यह कार्रवाई सिर्फ मिठाई तक सीमित है?
प्रयागराज में चलाए जा रहे खाद्य सुरक्षा अभियान का उद्देश्य केवल मिठाइयों की
जांच करना नहीं है। त्योहारों के दौरान दूध और दूध से बने उत्पादों की मांग भी बढ़ जाती है।
इसलिए खाद्य विभाग अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने भी ले सकता है।
59 नमूनों को प्रयोगशाला भेजे जाने की जानकारी बताती है कि
विभाग विभिन्न खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की जांच कर रहा है।
निष्कर्ष
प्रयागराज में रक्षाबंधन से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए
100 क्विंटल से ज्यादा संदिग्ध और हानिकारक मिठाइयों को जब्त कर नष्ट कराया है। सोरांव और
फाफामऊ इलाकों में हुई छापेमारी के दौरान गंदगी में तैयार की जा रही मिठाइयों और
खाद्य गुणवत्ता से जुड़ी गंभीर खामियों का मामला सामने आया।
अधिकारियों ने जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर जब्त मिठाइयों को उसमें दबाकर नष्ट कराया।
पिछले एक पखवाड़े में विभाग ने 59 खाद्य नमूने जांच के लिए लैब भेजे हैं। वहीं एक कारोबारी का रजिस्ट्रेशन
निलंबित किए जाने और FIR दर्ज किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
रक्षाबंधन जैसे त्योहारों में मिठाइयों की मांग बढ़ने के बीच
यह कार्रवाई उपभोक्ताओं के लिए भी एक अहम संदेश है कि
मिठाई खरीदते समय गुणवत्ता और स्वच्छता का ध्यान रखें। वहीं प्रशासन की जिम्मेदारी है कि
संदिग्ध खाद्य पदार्थों को बाजार तक पहुंचने से पहले ही रोका जाए।
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