IAS और 19 PCS
उत्तर प्रदेश सरकार ने जारी की नई तबादला सूची
उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए एक आईएएस और 19 पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार कई जिलों और विभागों में अधिकारियों की नई तैनाती की गई है। इस बदलाव को प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
IAS राम मोहन मीणा को मिली नई जिम्मेदारी
सरकार ने आईएएस अधिकारी राम मोहन मीणा को मुख्य विकास अधिकारी (CDO) प्रतापगढ़ के पद पर नियुक्त किया है। प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि जिले में विकास योजनाओं को गति देने के लिए यह फैसला लिया गया है।
इन PCS अधिकारियों का हुआ तबादला
प्रदेश सरकार ने कई पीसीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सुशील प्रताप सिंह को कुलसचिव भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, अपर निदेशक संस्कृति और संयुक्त सचिव लखनऊ विकास प्राधिकरण बनाया गया है। वहीं आलोक कुमार वर्मा को अपर आयुक्त वाराणसी मंडल की जिम्मेदारी दी गई है।
सृष्टि धवन को मुख्य राजस्व अधिकारी सुल्तानपुर बनाया गया है। इसके अलावा दुर्गेश मिश्रा को अपर नगर आयुक्त Gorakhpur नगर निगम में तैनाती मिली है।
मेरठ, मुजफ्फरनगर और जालौन में भी बदलाव
ब्रजेश कुमार सिंह को अपर जिलाधिकारी (नगर) मेरठ बनाया गया है। अनिरुद्ध प्रताप सिंह को एडीएम एफआर मुजफ्फरनगर और राजीव राज को एडीएम एफआर जालौन की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं मनोज कुमार सिंह को नगर मजिस्ट्रेट उन्नाव नियुक्त किया गया है।
गौरव रंजन श्रीवास्तव को अपर नगर आयुक्त गोरखपुर नगर निगम बनाया गया है। अनुपम मिश्रा को उपसचिव उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और सीमा पांडे को अपर नगर आयुक्त वाराणसी नगर निगम की जिम्मेदारी दी गई है।
कई जिलों में प्रशासनिक बदलाव
नितीश कुमार सिंह को एडीएम प्रशासन बुलंदशहर, प्रमोद कुमार पांडे को अपर आयुक्त आजमगढ़ मंडल और आयुष चौधरी को एडीएम एफआर सीतापुर बनाया गया है।
इसके अलावा सुनील कुमार त्रिवेदी को मुख्य राजस्व अधिकारी गाजीपुर, संजय कुमार को नगर मजिस्ट्रेट हरदोई और
अजीत कुमार सिंह को एडीएम एफआर गौतमबुद्धनगर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
त्रिभुवन को एडीएम एफआर बदायूं और सुरेश कुमार पाल को मुख्य राजस्व अधिकारी बलिया बनाया गया है।
प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी
सरकार के इस फैसले को आगामी प्रशासनिक चुनौतियों और विकास कार्यों को
ध्यान में रखकर लिया गया माना जा रहा है। लगातार हो रहे तबादलों को
लेकर माना जा रहा है कि सरकार जिलों में प्रशासनिक कार्यों की गति बढ़ाने और
कानून व्यवस्था को मजबूत करने पर फोकस कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नए अधिकारियों की तैनाती से
कई जिलों में प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की संभावना है।
खासकर राजस्व, नगर विकास और प्रशासनिक विभागों में बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज
इस बड़े फेरबदल के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं
तेज हो गई हैं। कई जिलों में नए अधिकारियों की
नियुक्ति को आगामी योजनाओं और सरकार की प्राथमिकताओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए इस बड़े प्रशासनिक
फेरबदल को शासन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में
अहम कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में नए अधिकारियों के कामकाज पर सभी की नजर रहेगी।
read this post :यूपी में गन कल्चर पर हाईकोर्ट की बड़ी सख्ती, बाहुबलियों के शस्त्र लाइसेंस की होगी जांच
