ब्लू ओरिजिन का न्यू ग्लेन रॉकेट फ्लोरिडा में
लॉन्च पैड पर हुआ बड़ा विस्फोट, आसमान में दिखा विशाल आग का गोला
अमेरिकी अरबपति जेफ बेजोस की स्पेस कंपनी ब्लू ओरिजिन को बड़ा झटका लगा है। कंपनी का न्यू ग्लेन (New Glenn) रॉकेट फ्लोरिडा में एक परीक्षण के दौरान लॉन्च पैड पर ही विस्फोट का शिकार हो गया। यह घटना उस समय हुई जब रॉकेट का “हॉटफायर टेस्ट” किया जा रहा था। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि लॉन्च पैड आग की लपटों में घिर गया और कई किलोमीटर दूर तक आसमान नारंगी रंग का दिखाई देने लगा।
क्या होता है हॉटफायर टेस्ट?
हॉटफायर टेस्ट अंतरिक्ष मिशन की तैयारी का एक महत्वपूर्ण चरण होता है। इसमें रॉकेट के इंजनों को जमीन पर सुरक्षित तरीके से फायर किया जाता है, जबकि रॉकेट लॉन्च पैड से बंधा रहता है। इसका उद्देश्य यह जांचना होता है कि लॉन्च से पहले सभी इंजन और सिस्टम सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं। ब्लू ओरिजिन का न्यू ग्लेन रॉकेट भी इसी प्रक्रिया से गुजर रहा था, लेकिन परीक्षण के दौरान अचानक बड़ा विस्फोट हो गया।
ब्लू ओरिजिन ने क्या कहा?
घटना के बाद ब्लू ओरिजिन ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि परीक्षण के दौरान एक “एनोमली” यानी तकनीकी असामान्यता हुई। कंपनी ने बताया कि सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। कंपनी ने यह भी कहा कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है और जल्द ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
जेफ बेजोस ने जताई प्रतिक्रिया
ब्लू ओरिजिन के संस्थापक जेफ बेजोस ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे कंपनी के लिए “बहुत कठिन दिन” बताया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि टीम इस दुर्घटना के कारणों का पता लगाएगी और भविष्य के मिशनों के लिए आवश्यक सुधार करेगी। बेजोस ने स्पष्ट किया कि कंपनी अपने अंतरिक्ष मिशनों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्पेसएक्स को टक्कर देने की कोशिश को झटका
न्यू ग्लेन रॉकेट को ब्लू ओरिजिन की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में गिना जाता है। कंपनी इसे एलन मस्क की स्पेसएक्स के फाल्कन और स्टारशिप कार्यक्रमों को चुनौती देने के लिए विकसित कर रही है। यह रॉकेट भारी उपग्रहों को अंतरिक्ष में पहुंचाने और भविष्य के चंद्र मिशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला था। ऐसे में यह विस्फोट कंपनी की योजनाओं के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
नासा के चंद्र मिशनों पर भी पड़ सकता है असर
रिपोर्ट्स के अनुसार न्यू ग्लेन रॉकेट का उपयोग नासा के कई भविष्य के मिशनों में किया जाना था। हाल ही में ब्लू ओरिजिन को चंद्रमा से जुड़े मिशनों और लूनर बेस निर्माण कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली थीं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दुर्घटना के बाद कुछ मिशनों की समयसीमा प्रभावित हो सकती है।
अमेजन के सैटेलाइट प्रोजेक्ट पर भी असर संभव
ब्लू ओरिजिन इस रॉकेट के जरिए अमेजन के इंटरनेट सैटेलाइट नेटवर्क प्रोजेक्ट कुइपर (Kuiper) के तहत उपग्रह लॉन्च करने की तैयारी कर रही थी।
आगामी मिशन में दर्जनों सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे जाने थे। हालांकि राहत की बात
यह रही कि विस्फोट के समय सैटेलाइट रॉकेट में स्थापित नहीं किए गए थे।
जांच शुरू, कारणों का इंतजार
घटना के बाद तकनीकी टीमों और संबंधित एजेंसियों ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
फिलहाल विस्फोट के सटीक कारणों का
खुलासा नहीं हुआ है। विशेषज्ञ इंजन, ईंधन प्रणाली और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।
जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दुर्घटना किस वजह से हुई।
अंतरिक्ष उद्योग में बढ़ी चिंता
ब्लू ओरिजिन और स्पेसएक्स के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा के बीच
यह घटना अंतरिक्ष उद्योग के लिए भी चर्चा का विषय बन गई है।
अंतरिक्ष तकनीक में सफलता और विफलता दोनों सामान्य मानी जाती हैं,
लेकिन इस स्तर की दुर्घटना किसी भी कंपनी की योजनाओं को महीनों पीछे धकेल सकती है।
फ्लोरिडा में परीक्षण के दौरान ब्लू ओरिजिन के न्यू ग्लेन रॉकेट का
विस्फोट कंपनी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
हालांकि किसी के घायल न होने से राहत मिली है, लेकिन इस घटना का असर कंपनी की भविष्य की
लॉन्च योजनाओं, नासा मिशनों और अमेजन के सैटेलाइट प्रोजेक्ट पर पड़ सकता है।
अब पूरी दुनिया की नजर जांच रिपोर्ट और ब्लू ओरिजिन की अगली रणनीति पर टिकी हुई है।
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