Chandauli Crime News
Chandauli Crime News: जिले में एमएलसी यानी विधान परिषद सदस्य का पद दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर सपा से जुड़ी एक महिला नेता को एमएलसी बनवाने का भरोसा दिया और अलग-अलग किस्तों में कुल 17 लाख 22 हजार रुपये ले लिए। मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, मामला अलीनगर थाना क्षेत्र के कैली गांव से जुड़ा है। शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि उसकी मुलाकात चंद्र बहादुर मौर्य से चंदौली लोकसभा चुनाव के दौरान हुई थी। इसी दौरान आरोपी ने उसे एमएलसी का पद दिलाने का भरोसा दिया था।
Chandauli Crime News पहले 22 हजार रुपये लेने का आरोप
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने महिला से कहा कि एमएलसी पद की प्रक्रिया के लिए पहले 22 हजार रुपये की रसीद कटवानी होगी। इसके बाद नगर के एक होटल में मुलाकात के दौरान महिला ने कथित तौर पर 22 हजार रुपये नकद दिए।
इसके बाद आरोपी पर महिला के देवर और रिश्तेदारों से भी करीब 6 लाख रुपये नकद लेने का आरोप है। शिकायत में यह भी कहा गया कि अलग-अलग बैंक ट्रांजैक्शन और खातों के माध्यम से करीब 11 लाख रुपये लिए गए। इस तरह कुल रकम 17 लाख 22 हजार रुपये बताई गई है।

पैसे वापस मांगने पर धमकी का आरोप
महिला का आरोप है कि जब काफी समय बाद उसने अपने रुपये वापस मांगने शुरू किए तो आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया। शिकायत के मुताबिक, कभी फोन उठाने पर रुपये मांगने को लेकर कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी दी गई।
इसके बाद महिला ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी।
राजनीतिक पद दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कथित तौर पर रुपये किसी सामान्य नौकरी
या व्यापार के लिए नहीं, बल्कि एमएलसी का पद दिलाने के नाम पर लिए गए।
राजनीतिक पद का लालच देकर इतनी बड़ी रकम लेने के आरोप ने मामले को चर्चा में ला दिया है।
ऐसे मामलों में किसी व्यक्ति द्वारा राजनीतिक पहुंच या किसी बड़े पदाधिकारी से संपर्क होने का दावा
किए जाने पर बिना सत्यापन के पैसे देना जोखिम भरा हो सकता है।
किसी भी राजनीतिक या सरकारी पद की नियुक्ति अथवा चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी
जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करना जरूरी है।
पुलिस जांच में सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल मामले में शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों और पुलिस जांच के आधार पर
आगे की कार्रवाई की जाएगी। कथित लेन-देन, बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य साक्ष्यों की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि
रकम किस तरह ली गई और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।
पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी।
आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है।
चंदौली में चर्चा का विषय बना मामला
17.22 लाख रुपये की कथित ठगी का यह मामला सामने आने के बाद चंदौली के राजनीतिक
और स्थानीय क्षेत्रों में चर्चा तेज हो गई है। एमएलसी बनाने का झांसा देकर
इतनी बड़ी रकम लिए जाने के आरोप ने लोगों का ध्यान खींचा है।
फिलहाल पुलिस की जांच पर सबकी नजर है। जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेज,
बैंक लेन-देन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
नोट: इस रिपोर्ट में लगाए गए आरोप शिकायत और उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं।
आरोपी के खिलाफ आरोप अदालत में साबित होना बाकी है।
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