प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में
साइबर फ्रॉड के खिलाफ केंद्र सरकार का बड़ा कदम
देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा फैसला लिया है। 52वीं प्रगति (PRAGATI) बैठक में प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में e-Zero FIR व्यवस्था को जल्द से जल्द लागू किया जाए। इसका उद्देश्य पीड़ितों को तत्काल कानूनी सहायता उपलब्ध कराना और साइबर अपराधियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि साइबर अपराध अब केवल तकनीकी चुनौती नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आम नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन चुका है। इसलिए राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों (DGP) के साथ समन्वय स्थापित कर इस व्यवस्था को तेजी से लागू किया जाए।
क्या है e-Zero FIR?
e-Zero FIR ऐसी डिजिटल व्यवस्था है, जिसके तहत साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत मिलने पर बिना क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) की बाधा के तुरंत Zero FIR दर्ज की जा सकती है। इससे जांच शुरू करने में देरी नहीं होगी और पीड़ित को अलग-अलग पुलिस थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
यह व्यवस्था राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP), हेल्पलाइन 1930 और पुलिस के डिजिटल नेटवर्क को आपस में जोड़ती है। शिकायत दर्ज होते ही संबंधित एजेंसी तुरंत कार्रवाई शुरू कर सकती है।
आम लोगों को क्या मिलेगा फायदा?
e-Zero FIR लागू होने के बाद साइबर ठगी के मामलों में सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि शिकायत दर्ज कराने में समय नहीं लगेगा। वर्तमान में कई बार पीड़ित को यह पता नहीं होता कि मामला किस थाना क्षेत्र का है, जिससे कार्रवाई में देरी हो जाती है।
नई व्यवस्था में शिकायत मिलते ही तत्काल Zero FIR दर्ज होगी और बाद में उसे संबंधित पुलिस स्टेशन को भेज दिया जाएगा। इससे बैंक खातों को जल्दी फ्रीज करने, संदिग्ध लेनदेन रोकने और ठगी की रकम वापस मिलने की संभावना भी बढ़ सकती है।
अभी कितने राज्यों में लागू है यह व्यवस्था?
प्रधानमंत्री ने बैठक में बताया कि फिलहाल केवल कुछ राज्यों में e-Zero FIR व्यवस्था लागू है। उन्होंने सभी राज्यों से इसे प्राथमिकता के आधार पर लागू करने के लिए कहा है ताकि पूरे देश में साइबर अपराध के
खिलाफ एक समान और तेज कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
गृह मंत्रालय पहले ही दिल्ली में इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर चुका है।
भविष्य में इसे पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है।
साइबर ठगी से बचने के लिए सरकार की सलाह
सरकार और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर
क्लिक न करें, ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक पासवर्ड या सीवीवी किसी के साथ साझा न करें।
यदि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होती है, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या
राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
समय पर शिकायत करने से धन की रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है।
देशभर में e-Zero FIR लागू करने का फैसला साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इससे शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया आसान होगी, जांच में तेजी आएगी और साइबर ठगी के मामलों में
पीड़ितों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य डिजिटल भारत को
अधिक सुरक्षित बनाना और साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
FAQ
1. e-Zero FIR क्या है?
यह ऐसी डिजिटल व्यवस्था है जिसमें साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की
शिकायत पर क्षेत्राधिकार की बाधा के बिना तुरंत Zero FIR दर्ज की जा सकती है।
2. प्रधानमंत्री मोदी ने क्या निर्देश दिए हैं?
उन्होंने सभी राज्यों में e-Zero FIR प्रणाली को जल्द लागू करने और
साइबर अपराधों पर तेज कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
3. साइबर फ्रॉड होने पर सबसे पहले क्या करें?
तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
4. e-Zero FIR से क्या फायदा होगा?
शिकायत तुरंत दर्ज होगी, जांच जल्दी शुरू होगी और साइबर ठगी की रकम रिकवर करने की संभावना बढ़ेगी।
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