उन्नाव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे
Unnao में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण बस हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में बच गए यात्रियों ने उस भयावह मंजर को याद करते हुए बताया कि “हम सो रहे थे, तभी जोरदार धमाका हुआ। ऐसा लगा जैसे बस में बम फट गया हो।” हादसे के बाद चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
डिवाइडर से टकराकर पलटी बस
जानकारी के मुताबिक दिल्ली से बिहार जा रही डबल डेकर स्लीपर बस आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि बस काफी दूर तक घिसटती चली गई। दुर्घटना में सात लोगों की मौत हो गई जबकि 20 से ज्यादा यात्री घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के वक्त ज्यादातर यात्री गहरी नींद में थे। अचानक तेज आवाज और बस पलटने से यात्रियों में दहशत फैल गई।
“हर तरफ चीख-पुकार मची थी”
घायल यात्रियों ने बताया कि हादसे के बाद बस के अंदर अंधेरा और अफरा-तफरी का माहौल था। लोग सीटों से उछलकर एक-दूसरे पर गिर पड़े। कई यात्री बस की खिड़कियों से बाहर जा गिरे।
एक यात्री ने बताया, “हमें समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। चारों तरफ सिर्फ चीखें सुनाई दे रही थीं।”
क्रेन से बस उठी तो बाहर गिरने लगीं लाशें
हादसे का सबसे दर्दनाक दृश्य तब सामने आया जब क्रेन की मदद से पलटी हुई बस को हटाया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जैसे ही बस को उठाया गया, अंदर फंसे शव बाहर गिरने लगे। यह मंजर देखकर मौके पर मौजूद लोग सिहर उठे।
स्थानीय लोगों और बचावकर्मियों ने बताया कि कई यात्री सीटों और सामान के बीच बुरी तरह फंस गए थे।
राहत और बचाव अभियान कई घंटों तक चलता रहा।
चालक को झपकी आने की आशंका
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने आशंका जताई है कि हादसा ड्राइवर को झपकी आने की वजह से हुआ।
बताया जा रहा है कि बस तेज रफ्तार में थी और अचानक नियंत्रण खो बैठी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और
तकनीकी पहलुओं को भी देखा जा रहा है।
दरोगा और कैदी की भी गई जान
हादसे में बिहार पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर और एक कैदी की भी मौत हो गई। जानकारी के
अनुसार पुलिस टीम कैदी को पेशी के बाद वापस लेकर जा रही थी। हादसे में कई अन्य यात्रियों की भी जान चली गई।
घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।
एक्सप्रेसवे पर मची अफरा-तफरी
हादसे के बाद आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया। पुलिस, यूपीडा और
प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया गया।
क्रेन की मदद से बस को हटाकर यातायात सामान्य कराया गया। कई घंटों तक
एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे के बाद एक बार फिर लंबी दूरी की बसों की सुरक्षा और
ड्राइवरों की थकान को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार लंबे समय तक ड्राइविंग करने से हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
लोगों ने सरकार से लंबी दूरी की बसों में दो ड्राइवर अनिवार्य करने और सख्त निगरानी की मांग की है।
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