SIPRI Yearbook 2026
SIPRI रिपोर्ट ने बढ़ाई वैश्विक चर्चा
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की वर्ष 2026 की रिपोर्ट में भारत और पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार भारत ने परमाणु हथियारों की संख्या के मामले में पाकिस्तान पर बढ़त बना ली है। SIPRI के अनुमान के मुताबिक जनवरी 2026 तक भारत के पास लगभग 190 परमाणु वारहेड थे, जबकि पाकिस्तान के पास करीब 170 वारहेड मौजूद थे।
भारत का परमाणु भंडार लगातार बढ़ रहा
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपने परमाणु कार्यक्रम का विस्तार जारी रखा है। भारत न केवल परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ा रहा है, बल्कि उनकी डिलीवरी क्षमता और तकनीकी दक्षता को भी मजबूत कर रहा है। इससे भारत की सामरिक शक्ति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
पाकिस्तान भी कर रहा है आधुनिकीकरण
हालांकि भारत आगे निकल गया है, लेकिन पाकिस्तान भी अपने परमाणु कार्यक्रम के आधुनिकीकरण में जुटा हुआ है। SIPRI के अनुसार पाकिस्तान नई मिसाइल प्रणालियों, मोबाइल लॉन्चर और सामरिक परमाणु हथियारों पर काम कर रहा है। इससे दक्षिण एशिया में रणनीतिक प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है।
नई मिसाइल प्रणालियों पर दोनों देशों का फोकस
रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत और पाकिस्तान दोनों नए परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मिसाइल सिस्टम विकसित कर रहे हैं। भारत लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों और पनडुब्बी आधारित परमाणु क्षमता को मजबूत कर रहा है, जबकि पाकिस्तान अपनी मिसाइल क्षमताओं का विस्तार कर रहा है।
दुनिया में बढ़ रही परमाणु हथियारों की होड़
SIPRI Yearbook 2026 के अनुसार वैश्विक स्तर पर परमाणु हथियारों की भूमिका फिर से बढ़ती दिखाई दे रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कई देश अपनी सुरक्षा रणनीति में परमाणु हथियारों पर अधिक निर्भर हो रहे हैं, जिससे हथियारों की नई दौड़ शुरू होने की आशंका बढ़ गई है।
चीन बना सबसे बड़ी चिंता
रिपोर्ट में चीन के तेजी से बढ़ते परमाणु भंडार का भी उल्लेख किया गया है। चीन ने हाल के वर्षों में
अपने परमाणु हथियारों की संख्या में तेजी से वृद्धि की है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के लिए
भविष्य में सबसे बड़ी रणनीतिक चुनौती चीन का बढ़ता परमाणु और सैन्य प्रभाव हो सकता है।
भारत की रणनीतिक स्थिति हुई मजबूत
विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु त्रिस्तरीय क्षमता (Nuclear Triad), लंबी दूरी की मिसाइलें और
समुद्र आधारित प्रतिरोधक क्षमता भारत को क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत बनाती हैं। भारत की “नो
फर्स्ट यूज़” नीति भी उसकी परमाणु रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।
दक्षिण एशिया में बढ़ सकती है रणनीतिक प्रतिस्पर्धा
भारत और पाकिस्तान दोनों के परमाणु कार्यक्रमों में हो रहे विस्तार को देखते हुए
SIPRI ने रणनीतिक स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार हथियारों की
बढ़ती होड़ से गलत आकलन और तनाव बढ़ने का जोखिम भी बढ़ सकता है।
SIPRI Yearbook 2026 की रिपोर्ट के अनुसार भारत ने परमाणु
हथियारों की संख्या में पाकिस्तान पर बढ़त बना ली है और
उसका परमाणु भंडार लगभग 190 वारहेड तक पहुंच गया है। वहीं पाकिस्तान के
पास करीब 170 वारहेड होने का अनुमान है। रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि दक्षिण एशिया में
परमाणु और मिसाइल क्षमताओं का आधुनिकीकरण तेजी से जारी है,
जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और रणनीतिक संतुलन पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
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