Lucknow Triple Murder Case
Lucknow Triple Murder Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज क्षेत्र में हुए तिहरे हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। नौबस्ता के ब्राह्मणी टोला में पार्किंग और चबूतरा बनाने को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि गोलीबारी में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई। घटना के बाद पीड़ित परिवार में मातम पसरा है। इसी बीच मृतक की बेटी सुमेधा तिवारी सामने आई और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई।
अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए बेटी ने कहा, “योगी जी, आपकी बेटी अनाथ हो गई।” उसने आरोपी के मकान पर बुलडोजर चलाने, परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने, अपनी मां को सरकारी नौकरी दिलाने और परिवार को आजीवन सुरक्षा प्रदान करने की मांग की। इस बयान के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
घटना के बाद परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए शवों का अंतिम संस्कार करने से भी इनकार कर दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद परिवार से बातचीत हुई और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
लखनऊ ट्रिपल मर्डर: पार्किंग विवाद में तीन लोगों की हत्या से मचा हड़कंप
लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला में सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को पार्किंग और खाली जमीन पर चबूतरा बनाने को लेकर विवाद हुआ था। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और गोलीबारी की घटना सामने आई। इस वारदात में शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी और शिवाजी के बेटे सुयश तिवारी की मौत हो गई।
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। मृतकों के परिजनों और परिचितों की भीड़ जुटने लगी। परिवार के लिए यह सदमा इसलिए भी असहनीय था, क्योंकि घर में सुयश की शादी की तैयारियां चल रही थीं। शादी के कार्ड छपवाने और मेहमानों को आमंत्रित करने की योजना बन रही थी, लेकिन खुशियों की जगह घर में मातम छा गया।
पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचे तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए अंतिम संस्कार रोक दिया और घटनास्थल के पास शव रखकर प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई थानों की पुलिस तैनात करनी पड़ी।
प्रदर्शन के दौरान आरोपी के मकान पर बुलडोजर चलाने और पुलिस की कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठी। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिवार से बातचीत की, जिसके बाद अंतिम संस्कार का रास्ता साफ हुआ।
‘योगी जी, आपकी बेटी अनाथ हो गई’: बेटी ने रखीं सरकार के सामने मांगें
तिहरे हत्याकांड में अपने पिता को खोने वाली सुमेधा तिवारी ने मुख्यमंत्री से न्याय की अपील करते हुए कहा कि इस घटना ने उसके परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। उसने अपनी मां और बड़ी मां की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई।
पीड़ित बेटी की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता: परिवार को हुए नुकसान के मद्देनजर एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की गई।
- मां को सरकारी नौकरी: परिवार की आर्थिक स्थिति संभालने के लिए उसकी मां रुचि तिवारी को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी गई।
- पढ़ाई का खर्च: सुमेधा ने अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए सरकार से आर्थिक सहायता मांगी।
- आजीवन सुरक्षा: उसने अपनी मां, बड़ी मां और खुद के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की।
- आरोपी के मकान पर कार्रवाई: उसने आरोप लगाया कि आरोपी जिस मकान में रहता है, वह अवैध है और उस पर बुलडोजर चलाया जाना चाहिए।
- जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई: परिवार ने घटना से पहले हुए विवादों के दौरान कथित पुलिस लापरवाही की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इन मांगों के बीच प्रशासन और सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को सहायता देने के आश्वासन सामने आए। हालांकि, किसी संपत्ति को गिराने की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया और संबंधित प्राधिकरण की जांच के अनुसार ही की जा सकती है।
आरोपी के मकान पर प्रशासन की कार्रवाई, कई आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला को हिरासत में लिया। इसके बाद मामले में पांच अन्य लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई।
उधर, लखनऊ विकास प्राधिकरण ने आरोपी के मकान की जांच की। अधिकारियों के अनुसार, भवन का
स्वीकृत नक्शा उपलब्ध नहीं था। इसके बाद मकान को सील करने और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ नियमानुसार
कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई। मकान के एक हिस्से पर कार्रवाई की खबर भी सामने आई।
इस मामले में पुलिस की भूमिका पर उठे सवालों के बाद सआदतगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार आर्य और
कश्मीरी मोहल्ला चौकी प्रभारी अजय कुमार चौरसिया को निलंबित किए जाने की सूचना सामने आई।
पुलिस प्रशासन की ओर से मामले की जांच और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सहायता और सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
परिवार को आश्वासन दिया गया कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक
कोर्ट में कराने का प्रयास किया जाएगा और आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी
कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की बात भी कही गई।
सरकार की ओर से परिवार की सहायता के संबंध में सामने आए आश्वासनों में एक आश्रित को नौकरी,
बेटी की पढ़ाई का खर्च और आजीवन सुरक्षा शामिल हैं। इन घोषणाओं के
वास्तविक क्रियान्वयन की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि पर आगे नजर रहेगी।
शादी की तैयारियों वाले घर में मातम, न्याय और सुरक्षा की उम्मीद
इस हत्याकांड की सबसे दर्दनाक बात यह है कि जिस परिवार में शादी की
तैयारियां चल रही थीं, वहां एक साथ तीन लोगों की मौत से खुशियां मातम में बदल गईं।
सुयश की शादी की तैयारियां लगभग शुरू हो चुकी थीं। परिवार को उम्मीद थी कि
घर में मांगलिक कार्यक्रम होगा, लेकिन घटना ने सभी योजनाओं को खत्म कर दिया।
तीन लोगों की मौत के बाद परिवार की महिलाओं के सामने भावनात्मक
संकट के साथ-साथ भविष्य की चिंता भी खड़ी हो गई है। बेटी ने सार्वजनिक रूप से अपनी
मां और बड़ी मां की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। ऐसे में परिवार की
सुरक्षा सुनिश्चित करना और मामले की निष्पक्ष जांच करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय विवादों के समय पुलिस की समय पर कार्रवाई और विवादों के
प्रभावी समाधान की जरूरत को सामने रखा है। हालांकि, पुलिस की कथित लापरवाही और आरोपियों की
भूमिका से जुड़े सभी तथ्यों का निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होना चाहिए।
निष्कर्ष: लखनऊ का तिहरा हत्याकांड एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति लेकर आया है।
मृतक की बेटी की मुख्यमंत्री से की गई अपील ने मामले को
भावनात्मक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया है।
अब परिवार को न्याय दिलाने, आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने,
सुरक्षा उपलब्ध कराने और घोषित सहायता को लागू करने पर सबकी नजर रहेगी।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. लखनऊ ट्रिपल मर्डर की घटना कहां हुई?
यह घटना लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला में हुई थी।
2. लखनऊ तिहरे हत्याकांड में कितने लोगों की मौत हुई?
इस घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों—शिवाजी तिवारी, शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी और सुयश तिवारी—की मौत हुई।
3. मृतक की बेटी ने मुख्यमंत्री से क्या मांग की?
सुमेधा तिवारी ने आर्थिक सहायता, मां को सरकारी नौकरी, अपनी पढ़ाई का खर्च, परिवार के लिए
आजीवन सुरक्षा और आरोपी के कथित अवैध मकान पर कार्रवाई की मांग की।
4. आरोपी के मकान पर क्या कार्रवाई हुई?
लखनऊ विकास प्राधिकरण ने स्वीकृत नक्शा उपलब्ध न होने के आधार पर
मकान को सील करने और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
आगे की कार्रवाई संबंधित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।
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