दिल्ली के सीमापुरी में
दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार को एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इमारत के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका के चलते बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया।
प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं। बचाव दल ने कुल 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
दोपहर में अचानक हुआ हादसा
बताया गया कि सीमापुरी इलाके में बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे इमारत का अगला हिस्सा अचानक ढह गया। देखते ही देखते मलबा आसपास के क्षेत्र में फैल गया।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। पुलिस, दमकल विभाग और बचाव दल ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। मलबे में किसी और व्यक्ति के फंसे होने की आशंका को देखते हुए लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
तीन लोगों की मौत, मृतकों में बच्चे भी शामिल
हादसे में तीन लोगों की जान चली गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मृतकों में दो बच्चे और 21 वर्षीय गर्भवती महिला शामिल हैं। महिला की पहचान गुलफसा के रूप में हुई है और वह करीब चार महीने की गर्भवती बताई गई है। एक 12 वर्षीय बच्ची की भी मौत हुई है, जबकि तीसरे मृत बच्चे की पहचान की प्रक्रिया जारी थी।
इस घटना ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य में मदद करने लगे।
11 लोगों को मलबे से निकाला गया
बचाव अभियान के दौरान कुल 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया। इनमें आठ घायल थे, जिन्हें उपचार के लिए राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भेजा गया।
घायलों में तीन साल के बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल में उपचार शुरू किया गया।
मलबे में फंसे लोगों की तलाश
इमारत गिरने के बाद शुरुआती घंटों में कुछ और लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका जताई गई। बचाव दल ने मलबे को सावधानी से हटाकर अंदर लोगों की तलाश शुरू की।
भारी मलबे के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण रहा। जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाया गया, जबकि बचावकर्मी संभावित रूप से फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास करते रहे।
स्थानीय लोगों ने भी संभाला मोर्चा
हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। कई स्थानीय लोगों ने बचाव दल के साथ मिलकर मलबा हटाने में मदद की।
घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा होने के कारण राहत कार्य में परेशानी न हो, इसके लिए पुलिस ने लोगों से क्षेत्र से दूर रहने की अपील की। एंबुलेंस और बचाव वाहनों के लिए रास्ता खाली रखना भी जरूरी बताया गया।
इमारत गिरने की वजह अभी स्पष्ट नहीं
फिलहाल इमारत गिरने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने हाल में महसूस किए गए
भूकंपीय झटकों के बाद इमारत में दरारें आने की बात कही है, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि
हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही सामने आएगी।
इसलिए फिलहाल किसी एक कारण को हादसे की वजह मानना जल्दबाजी होगी।
इमारत की संरचनात्मक स्थिति और निर्माण से जुड़े पहलुओं की जांच के बाद ही तस्वीर स्पष्ट होगी।
आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित
इमारत गिरने के बाद सीमापुरी गोल चक्कर, डीएलएफ भोपुरा और
आसपास की सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ। प्रशासन ने लोगों से घटनास्थल के
आसपास अनावश्यक रूप से रुकने या वाहन खड़ा करने से बचने की अपील की,
ताकि एंबुलेंस और बचाव वाहनों को आने-जाने में परेशानी न हो।
हालिया इमारत हादसे के बाद फिर उठे सुरक्षा के सवाल
दिल्ली में यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब हाल के दिनों में एक अन्य इमारत ढहने की घटना में भी
कई लोगों की जान गई थी। इसके बाद राजधानी में जर्जर और
असुरक्षित इमारतों की पहचान तथा अवैध निर्माण को लेकर सवाल उठे हैं।
सीमापुरी की घटना ने एक बार फिर पुराने और कमजोर भवनों की
सुरक्षा जांच की जरूरत को सामने ला दिया है।
खासकर घनी आबादी वाले इलाकों में ऐसी इमारतों की स्थिति की नियमित जांच बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राहत-बचाव अभियान पर नजर
फिलहाल प्राथमिकता मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की आशंका को खत्म करना और
घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है। बचाव दल घटनास्थल पर मलबे की जांच कर रहे हैं।
हादसे के बाद प्रशासन की ओर से घटना की परिस्थितियों और इमारत की स्थिति की जांच की जाएगी।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर बहुमंजिला इमारत किस वजह से ढही।
FAQ
सवाल: दिल्ली के सीमापुरी में क्या हुआ?
जवाब: सीमापुरी इलाके में बुधवार दोपहर एक बहुमंजिला इमारत का हिस्सा अचानक ढह गया,
जिसके बाद बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया।
सवाल: सीमापुरी इमारत हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
जवाब: उपलब्ध ताजा जानकारी के अनुसार तीन लोगों की मौत हुई है।
मृतकों में दो बच्चे और एक गर्भवती महिला शामिल हैं।
सवाल: कितने लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया?
जवाब: बचाव दल ने 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला, जिनमें आठ घायल थे।
सवाल: इमारत गिरने की वजह क्या थी?
जवाब: अभी हादसे की आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं है। स्थानीय लोगों ने भूकंप के
झटकों के बाद दरारों की बात कही है, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा।
सवाल: घायलों को कहां भर्ती कराया गया?
जवाब: घायलों को राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया।
read this post :प्रियंका गांधी सड़क पर लेटीं, पुलिस पर लगाया खरोंचने और जमीन पर गिराने का आरोप
