‘द वन’ फिल्म में छठ पूजा
हिंदी सिनेमा में भोजपुरी संस्कृति और छठ महापर्व की झलक अब बड़े पर्दे पर दिखाई दे रही है। फिल्म ‘द वन’ (The Vvaan) में छठ पूजा से जुड़े दृश्यों को प्रमुखता से दिखाया गया है। इसी बीच भोजपुरी अभिनेता और गायक रितेश पांडे ने फिल्म में छठ पर्व को जगह दिए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
रितेश पांडे का कहना है कि हिंदी फिल्मों में भोजपुरी संस्कृति, कलाकारों और पर्वों को जगह मिलना केवल कोई नया बदलाव नहीं है, बल्कि दर्शकों की बदलती पसंद और जरूरत से जुड़ा हुआ है।
‘द वन’ में दिखा छठ महापर्व का रंग
फिल्म ‘द वन’ की कहानी में छठ पूजा को महत्वपूर्ण सांस्कृतिक संदर्भ के तौर पर दिखाया गया है। फिल्म में छठी मैया से जुड़े गीत और पूजा के दृश्य भी देखने को मिलते हैं।
छठ बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित कई क्षेत्रों में बेहद महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। फिल्म में इस पर्व की झलक आने से भोजपुरी भाषी दर्शकों के बीच भी इसे लेकर चर्चा देखने को मिल रही है।
रितेश पांडे ने क्यों कहा- ‘यह बदलाव नहीं, जरूरत है’
रितेश पांडे से जब हिंदी फिल्मों में छठ जैसे भोजपुरी संस्कृति से जुड़े पर्वों को जगह मिलने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसे बदलाव के बजाय जरूरत बताया।
उनके अनुसार फिल्मों में ऐसे सांस्कृतिक तत्व शामिल करने से उन क्षेत्रों के दर्शकों से जुड़ाव बढ़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि दर्शकों की रुचि और फिल्मों को मिलने वाली प्रतिक्रिया के आधार पर फिल्म इंडस्ट्री अलग-अलग संस्कृतियों और कलाकारों को अपने साथ जोड़ती है।
भोजपुरी कलाकारों के लिए इसे बताया सकारात्मक संकेत
रितेश पांडे ने हिंदी फिल्मों में भोजपुरी कलाकारों और संस्कृति की बढ़ती मौजूदगी को भोजपुरी इंडस्ट्री के लिए सकारात्मक बताया।
उन्होंने अपने इंटरव्यू में कहा कि पहले अलग-अलग दौर में दूसरी क्षेत्रीय इंडस्ट्री के कलाकारों को हिंदी सिनेमा में ज्यादा अवसर मिलते थे। अब भोजपुरी कलाकारों और संस्कृति को भी बड़े मंच पर जगह मिल रही है।
उनका मानना है कि यह भोजपुरी कलाकारों और इंडस्ट्री के लिए आगे बढ़ने का अवसर है।
छठ को लेकर बढ़ी फिल्मों की दिलचस्पी
‘द वन’ के अलावा आने वाली एक अन्य हिंदी फिल्म ‘यह प्रेम मोल लिया’ में भी छठ पूजा से जुड़े दृश्य शामिल किए गए हैं। इससे हिंदी फिल्मों में इस पर्व की मौजूदगी और चर्चा बढ़ी है।
छठ पूजा को फिल्मों में दिखाने के पीछे सांस्कृतिक कहानी, क्षेत्रीय दर्शकों से जुड़ाव और व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंच जैसे कई पहलुओं पर चर्चा हो रही है।
भोजपुरी संस्कृति की पहचान को मिला बड़ा पर्दा
भोजपुरी भाषा और संस्कृति का प्रभाव केवल भोजपुरी फिल्मों तक सीमित नहीं है। बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले भोजपुरी भाषी लोगों की बड़ी आबादी है।
ऐसे में हिंदी फिल्मों में भोजपुरी पर्व, लोक संस्कृति और क्षेत्रीय परंपराओं की मौजूदगी से इस सांस्कृतिक पहचान को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचने का अवसर मिलता है।
रितेश पांडे ने भोजपुरी कलाकारों की भागीदारी पर भी रखी बात
रितेश पांडे ने बातचीत के दौरान भोजपुरी पृष्ठभूमि से आने वाले उन लोगों का भी उल्लेख किया जो राष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय हैं।
उन्होंने इसे भोजपुरी समाज और कलाकारों के लिए गर्व की बात बताया।
उनकी बातचीत का एक प्रमुख विषय यह भी रहा कि भोजपुरी कलाकारों की पहचान
अब क्षेत्रीय दायरे से आगे बढ़ रही है और उन्हें बड़े मंचों पर काम करने के अवसर मिल रहे हैं।
छठ पूजा और सिनेमा का बढ़ता जुड़ाव
छठ पूजा की लोकप्रियता को देखते हुए अब हिंदी सिनेमा में भी इस पर्व को कहानी और
दृश्यात्मक प्रस्तुति का हिस्सा बनाया जा रहा है। ‘द वन’ में छठ पूजा से जुड़े दृश्यों और गीत ने
इस सांस्कृतिक पर्व को फिल्म के माध्यम से व्यापक दर्शकों तक पहुंचाया है।
फिल्म से जुड़े कलाकारों ने भी छठ पूजा की परंपराओं को
समझने और उसके सांस्कृतिक महत्व को जानने की बात कही है।
निष्कर्ष
फिल्म ‘द वन’ में छठ पूजा की प्रस्तुति ने भोजपुरी संस्कृति और हिंदी सिनेमा के रिश्ते को
लेकर चर्चा तेज कर दी है। रितेश पांडे के मुताबिक फिल्मों में
भोजपुरी संस्कृति और कलाकारों को मिलने वाली जगह दर्शकों की रुचि से भी जुड़ी है।
वहीं छठ महापर्व को बड़े पर्दे पर दिखाए जाने से इस पर्व की
सांस्कृतिक पहचान को व्यापक दर्शकों के सामने रखने का अवसर मिला है।
FAQ
1. फिल्म ‘द वन’ में किस पर्व को दिखाया गया है?
फिल्म ‘द वन’ में छठ महापर्व और छठ पूजा से जुड़े दृश्यों को कहानी का हिस्सा बनाया गया है।
2. रितेश पांडे ने ‘द वन’ में छठ पूजा दिखाए जाने पर क्या कहा?
रितेश पांडे ने कहा कि हिंदी फिल्मों में भोजपुरी संस्कृति को जगह मिलना
केवल बदलाव नहीं बल्कि दर्शकों की जरूरत और रुचि से जुड़ा विषय है।
3. रितेश पांडे कौन हैं?
रितेश पांडे भोजपुरी सिनेमा के अभिनेता और गायक हैं और भोजपुरी संगीत जगत में सक्रिय हैं।
4. क्या अन्य हिंदी फिल्मों में भी छठ पूजा दिखाई जा रही है?
हां, ‘यह प्रेम मोल लिया’ में भी छठ पूजा से जुड़े दृश्य दिखाए जाने की जानकारी सामने आई है।
5. ‘द वन’ में छठ पूजा क्यों महत्वपूर्ण है?
छठ पूजा फिल्म की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का महत्वपूर्ण हिस्सा है और
इसके माध्यम से कहानी में बिहार की लोक परंपरा और संस्कृति को दर्शाया गया है।
6. छठ पूजा किन क्षेत्रों में प्रमुख रूप से मनाई जाती है?
छठ पूजा बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड समेत कई क्षेत्रों में व्यापक रूप से मनाई जाती है।
विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदायों के बीच भी इसका आयोजन होता है।
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