पिनाका रॉकेट US तारीफ
पिनाका रॉकेट US तारीफ US रिपोर्ट में पिनाका रॉकेट की तारीफ! भारत का घातक हथियार दुश्मन को ध्वस्त करने में माहिर। रेंज, स्पीड और पावर की डिटेल्स। डिफेंस टेक की लेटेस्ट खबर, वीडियो और एनालिसिस।

भारत का स्वदेशी पिनाका रॉकेट सिस्टम अब अंतरराष्ट्रीय पटल पर छा गया है। अमेरिकी पत्रिका की ताजा रिपोर्ट में इसकी खूब तारीफ हुई है, जहां इसे दुश्मन के गढ़ में घुसकर तबाही मचाने वाला हथियार बताया गया। लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR-120) ने 120 किमी दूर लक्ष्यों को चूर करने की क्षमता दिखाई। चीन-पाकिस्तान सीमा पर तैनात यह सिस्टम ‘आत्मनिर्भर भारत’ का प्रतीक बन चुका। आइए, इसकी पूरी कहानी, तकनीक और रणनीतिक महत्व जानें।
पिनाका का जन्म और विकास: DRDO की मेधा
पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर (MBRL) का सफर 1980 के दशक से शुरू हुआ। DRDO ने इसे भगवान शिव के धनुष ‘पिनाक’ से प्रेरित होकर नाम दिया। 1999 के कारगिल युद्ध में पहली बार तैनात हुआ, जहां इसने पाकिस्तानी ठिकानों पर कहर बरपाया। शुरुआती संस्करण Mk-I की रेंज 38-45 किमी थी, जो Mk-II में 60 किमी और अब LRGR-120 में 120 किमी हो गई।
पिछले साल दिसंबर में ओडिशा के चांदीपुर ITR में सफल परीक्षण हुआ। रॉकेट ने सटीकता से लक्ष्य भेदा। अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया, “पिनाका पारंपरिक तोपखाने को लंबी दूरी का घातक हथियार बदल देता है।” टाटा और L&T जैसे निजी कंपनियां अपग्रेड कर रही हैं।
तपिनाका रॉकेट US तारीफ: कनीकी स्पेसिफिकेशन्स, दुश्मन का खौफ
| फीचर | विवरण |
|---|---|
| रेंज | 120 किमी (LRGR-120), भविष्य में 200-300 किमी |
| लॉन्चर | 8 रॉकेट एक साथ, मौजूदा प्लेटफॉर्म पर फायर |
| गाइडेंस | INS, मिड-कोर्स अपडेट, टर्मिनल गाइडेंस |
| पेलोड | हाई एक्सप्लोसिव, दुश्मन कमांड सेंटर/लॉजिस्टिक्स पर हमला |
| सटीकता | CEP <10 मीटर, मौसम पर निर्भर नहीं |
यह सिस्टम दुश्मन के तोपखाने, एयरफील्ड और सप्लाई लाइनों को ध्वस्त करता है। एक फायरिंग में 72 रॉकेट (9 लॉन्चर) से ‘रॉकेट रेन’ बरसता है। फ्रांस ने खरीदने में रुचि दिखाई।ddnews+1
US रिपोर्ट की तारीफ: वैश्विक मान्यता
- अमेरिकी पत्रिका ने लिखा, “भारत का LRGR-120 सटीक प्रहारों से युद्ध बदल देगा।
- HIMARS जैसा प्रभावी, लेकिन सस्ता और स्वदेशी।”
- रिपोर्ट में कहा गया कि यह चीन की सीमा पर तैनाती से LAC विवादों में भारत को बढ़त देता।
- पाकिस्तान के लिए भी खतरा। DRDO लैब्स – ARDE, HEMRL, DRDL – ने इसे डिजाइन किया।
- सेना ने बड़ा ऑर्डर दिया।
पिनाका ने रूस के Smerch और अमेरिकी HIMARS को टक्कर दी। निर्यात संभावनाएं मजबूत।
रणनीतिक महत्व: चीन-पाक के खिलाफ जलवा
LAC पर तनाव में पिनाका गेम-चेंजर। 2020 गलवान झड़प के बाद 20+ रेजिमेंट्स तैनात। पाकिस्तान की बैलिस्टिक मिसाइलों का जवाब। भविष्य के ER-120 संस्करण से 200 किमी रेंज दुश्मन एयरबेस तबाह करेगी। ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत 70% स्वदेशी उत्पादन।
सेना अब ‘हाई-लो मिक्स’ रणनीति अपनाएगी – सस्ते पिनाका से दुश्मन कमजोर।
चुनौतियां और भविष्य: निरंतर उन्नयन
रिपोर्ट में भविष्य के 300 किमी संस्करण का जिक्र। चुनौतियां: इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, दुश्मन एंटी-रॉकेट सिस्टम। DRDO काउंटरमेजर विकसित कर रहा। टाटा को अपग्रेड कॉन्ट्रैक्ट मिला। 2026 में और टेस्ट।
यह हथियार भारत की सैन्य महाशक्ति यात्रा का प्रतीक। वैश्विक बाजार में डिमांड बढ़ेगी।
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