आगरा में साइबर ठगों
आगरा में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां ऑनलाइन दोस्ती के नाम पर एक युवक से 15 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। साइबर अपराधियों ने खुद को ब्रिटेन की महिला बताकर पहले दोस्ती की, फिर भारत आने और दिल्ली एयरपोर्ट पर करोड़ों रुपये के ट्रैवलर चेक फंसने की कहानी सुनाई। इसके बाद कस्टम शुल्क और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में लाखों रुपये जमा करा लिए। जब युवक को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ तो उसने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऑनलाइन क्लास से हुई दोस्ती, फिर शुरू हुआ ठगी का खेल
पीड़ित आगरा के दयालबाग क्षेत्र का रहने वाला है और वह एक ऑनलाइन स्वर विज्ञान (वॉयस साइंस) क्लास से जुड़ा था। उसी ग्रुप में एक नंबर ‘जूनी’ नाम से जुड़ा हुआ था। महिला ने खुद को ब्रिटेन की निवासी बताते हुए युवक से दोस्ती की और धीरे-धीरे दोनों के बीच नियमित बातचीत शुरू हो गई।
कुछ दिनों बाद महिला ने भारत घूमने आने की बात कही और व्हाट्सएप पर फ्लाइट टिकट की कॉपी भी भेजी। इससे युवक को उस पर पूरा भरोसा हो गया। यही विश्वास साइबर ठगों का सबसे बड़ा हथियार बन गया।
दिल्ली एयरपोर्ट पर फंसने का झांसा देकर ऐंठे लाखों रुपये
महिला से बातचीत के कुछ समय बाद युवक को एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली एयरपोर्ट का कस्टम इंस्पेक्टर बताया। उसने कहा कि ब्रिटेन से आई महिला के पास करीब 3.84 करोड़ रुपये के ट्रैवलर चेक हैं, जिन्हें कस्टम विभाग ने रोक लिया है।
ठग ने दावा किया कि चेक छुड़ाने के लिए पहले 4.42 लाख रुपये जमा कराने होंगे। इसके बाद अलग-अलग बहानों से कई बार पैसे मांगे गए। महिला भी फोन पर रोते हुए मदद की गुहार लगाती रही। भावनात्मक दबाव में आकर युवक ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 15 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
जब सच्चाई सामने आई तो उड़े होश
रुपये भेजने के बाद भी जब महिला भारत नहीं पहुंची और लगातार नई-नई रकम मांगी जाने लगी, तब युवक को शक हुआ। उसने संबंधित नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसे एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है।
पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप चैट और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है, ताकि ठगों तक पहुंचा जा सके।
ऐसी ठगी से कैसे बचें?
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप पर किसी अनजान व्यक्ति से हुई दोस्ती पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति विदेश से आने, कस्टम में फंसने,
महंगे गिफ्ट भेजने या अचानक पैसों की मांग करने लगे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
किसी भी सरकारी अधिकारी के नाम पर फोन आने पर उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें।
बिना सत्यापन के किसी भी बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर न करें। यदि साइबर ठगी का संदेह हो, तो
तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर
शिकायत दर्ज करें। बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए
पुलिस भी लोगों से अतिरिक्त सतर्क रहने की अपील कर रही है।
निष्कर्ष
आगरा का यह मामला बताता है कि साइबर अपराधी अब भावनात्मक विश्वास का फायदा उठाकर लोगों को
अपना शिकार बना रहे हैं। ऑनलाइन दोस्ती, विदेश से गिफ्ट, एयरपोर्ट पर फंसने या कस्टम शुल्क जैसे
बहाने आजकल ठगी के आम तरीके बन चुके हैं। थोड़ी सी सावधानी और
किसी भी आर्थिक लेनदेन से पहले पूरी जांच ऐसे बड़े नुकसान से बचा सकती है।
FAQ
1. आगरा के युवक से कितनी रकम की ठगी हुई?
साइबर ठगों ने युवक से करीब 15 लाख रुपये ठग लिए।
2. ठगों ने किस तरह जाल बिछाया?
उन्होंने खुद को ब्रिटेन की महिला बताकर दोस्ती की और बाद में
दिल्ली एयरपोर्ट पर फंसने का बहाना बनाकर पैसे मांगे।
3. पैसे किस नाम पर मांगे गए थे?
कस्टम शुल्क, ट्रैवलर चेक छुड़ाने और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर अलग-अलग किश्तों में रकम ली गई।
4. पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है?
साइबर क्राइम थाना बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर रहा है।
5. ऐसी ठगी से कैसे बचा जा सकता है?
अनजान लोगों पर भरोसा न करें, पैसे भेजने से पहले पूरी जानकारी की पुष्टि करें और
ठगी होने पर तुरंत 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें।
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