प्रेमानंद महाराज ने अपने प्रवचन में
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर भगवान किसकी सुनते हैं? कई लोग पूजा-पाठ, व्रत और बड़े-बड़े चढ़ावे करते हैं, लेकिन फिर भी उन्हें मनचाहा फल नहीं मिलता। वहीं कुछ लोग केवल सच्चे मन से भगवान को याद करते हैं और उनकी हर मनोकामना पूरी होती दिखाई देती है।
प्रसिद्ध संत Premanand Maharaj अपने प्रवचनों में बताते हैं कि भगवान को दिखावा नहीं बल्कि सच्चा भाव प्रिय होता है। उनके अनुसार जिन लोगों का मन साफ होता है और जिनके भीतर दूसरों के लिए प्रेम, दया और करुणा होती है, उनकी पुकार भगवान जल्दी सुनते हैं।
आइए जानते हैं वे 7 लोग कौन हैं जिनकी प्रार्थना भगवान तक सबसे पहले पहुंचती है।
1. सच्चे और साफ दिल वाले लोग
प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि जिन लोगों के मन में किसी के प्रति छल, कपट या धोखा नहीं होता, भगवान उनसे बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं। ऐसे लोग दूसरों का बुरा नहीं सोचते और हमेशा अच्छे कर्म करने की कोशिश करते हैं। भगवान को निर्मल मन वाले भक्त सबसे प्रिय होते हैं।
2. दूसरों की मदद करने वाले लोग
जो व्यक्ति बिना किसी स्वार्थ के जरूरतमंदों की सहायता करता है, उसकी प्रार्थना भगवान अवश्य सुनते हैं। गरीबों, असहायों और दुखी लोगों की मदद करना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। महाराज के अनुसार सेवा करने वाला व्यक्ति भगवान के बेहद करीब होता है।
3. माता-पिता का सम्मान करने वाले
हिंदू धर्म में माता-पिता को भगवान का रूप माना गया है। जो लोग अपने माता-पिता का आदर करते हैं और उनकी सेवा करते हैं, उन पर भगवान की विशेष कृपा बनी रहती है। प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि माता-पिता का दिल दुखाने वाला व्यक्ति कभी सच्ची भक्ति नहीं कर सकता।
4. अहंकार से दूर रहने वाले
भगवान को घमंड बिल्कुल पसंद नहीं होता। जो लोग विनम्र और सरल स्वभाव के होते हैं, उनकी प्रार्थना जल्दी स्वीकार होती है। अहंकारी व्यक्ति अपने अभिमान में भगवान को भी भूल जाता है, जबकि नम्र व्यक्ति हमेशा प्रभु का स्मरण करता है।
5. सच्चे मन से भक्ति करने वाले
प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि भगवान को महंगे चढ़ावे नहीं चाहिए। यदि कोई व्यक्ति सच्चे मन और प्रेम से भगवान को याद करता है, तो उसकी छोटी सी प्रार्थना भी प्रभु तक पहुंच जाती है।
भक्ति में दिखावे की नहीं बल्कि भाव की जरूरत होती है।
6. दूसरों को क्षमा करने वाले लोग
जो व्यक्ति दूसरों की गलतियों को माफ करना जानता है, उसके मन में शांति रहती है।
भगवान ऐसे लोगों से प्रसन्न होते हैं क्योंकि क्षमा करना बहुत बड़ा गुण माना गया है।
द्वेष और नफरत रखने वाला व्यक्ति कभी भी मानसिक शांति प्राप्त नहीं कर सकता।
7. हर परिस्थिति में भगवान पर विश्वास रखने वाले
कई लोग केवल दुख के समय भगवान को याद करते हैं, लेकिन सच्चा भक्त वही होता है जो सुख और
दुख दोनों में भगवान पर भरोसा रखे। प्रेमानंद महाराज के अनुसार जो व्यक्ति हर परिस्थिति में
ईश्वर पर विश्वास बनाए रखता है, भगवान उसकी रक्षा अवश्य करते हैं।
भगवान को नहीं चाहिए दिखावा
आज के समय में लोग भक्ति को भी दिखावे से जोड़ने लगे हैं।
बड़े आयोजन, महंगे चढ़ावे और बाहरी आडंबर को ही
भक्ति समझ लिया गया है। लेकिन संतों का कहना है कि भगवान केवल मन की सच्चाई देखते हैं
यदि आपका हृदय पवित्र है और आप दूसरों का भला सोचते हैं, तो भगवान आपकी पुकार जरूर सुनते हैं।
प्रेमानंद महाराज के अनुसार भगवान तक पहुंचने का रास्ता कठिन नहीं है।
इसके लिए केवल सच्चा मन, अच्छे कर्म और दूसरों के प्रति प्रेम होना जरूरी है। यदि इंसान अपने जीवन में
इन 7 गुणों को अपना ले, तो भगवान की कृपा उस पर हमेशा बनी रहती है।
