RBI की सहायक कंपनी BRBNMPL
क्या भारत में शुरू होने जा रहे हैं प्लास्टिक के नोट?
भारत में जल्द पॉलिमर (Plastic) बैंक नोट देखने को मिल सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) ने सुरक्षा फीचर वाले पॉलिमर सब्सट्रेट (Polymer Sheet) की आपूर्ति के लिए वैश्विक कंपनियों से Expression of Interest (EOI) आमंत्रित किए हैं। हालांकि, RBI ने स्पष्ट किया है कि यह केवल प्रारंभिक खरीद प्रक्रिया है और अभी पॉलिमर नोट जारी करने का अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
RBI ने किस चीज के लिए मांगे हैं टेंडर?
BRBNMPL ने उन कंपनियों से प्रस्ताव मांगे हैं जो विशेष सुरक्षा फीचर्स वाली अपारदर्शी पॉलिमर शीट (Opacified Polymer Substrate) तैयार कर सकती हैं। यही शीट भविष्य में पॉलिमर करेंसी नोट छापने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 18 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।
क्या अभी प्लास्टिक के नोट जारी हो रहे हैं?
नहीं। RBI ने साफ किया है कि फिलहाल पॉलिमर नोट जारी करने का कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। यह सिर्फ संभावित जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सप्लायर चुनने की प्रक्रिया है। यदि भविष्य में योजना को मंजूरी मिलती है तो पहले सीमित स्तर पर पायलट प्रोजेक्ट चलाया जा सकता है।
पॉलिमर नोटों के क्या होंगे फायदे?
विशेषज्ञों के अनुसार पॉलिमर नोटों के कई फायदे हैं—
- कागज के नोटों की तुलना में 2.5 से 4 गुना अधिक टिकाऊ।
- पानी, नमी और गंदगी से कम प्रभावित।
- जल्दी नहीं फटते और लंबे समय तक चलते हैं।
- नकली नोट बनाना अधिक कठिन।
- पारदर्शी सुरक्षा विंडो और आधुनिक सिक्योरिटी फीचर्स जोड़े जा सकते हैं।
- नोट लंबे समय तक साफ-सुथरे बने रहते हैं।
किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है?
पॉलिमर नोटों के कई फायदे हैं, लेकिन कुछ चुनौतियां भी सामने हैं—
- शुरुआती लागत कागज के नोटों से अधिक।
- नोट छापने की मशीनों में बदलाव की जरूरत।
- ATM, कैश रिसाइकलर और नोट सॉर्टिंग मशीनों को अपडेट करना होगा।
- पॉलिमर सामग्री के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता बढ़ सकती है।
- पुराने नोटों के निस्तारण और रीसाइक्लिंग की अलग व्यवस्था करनी होगी।
दुनिया के कई देशों में पहले से चल रहे हैं पॉलिमर नोट
ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड और कई अन्य देशों में पॉलिमर बैंक नोट पहले से प्रचलन में हैं। इन देशों में इन नोटों की टिकाऊ क्षमता और बेहतर सुरक्षा फीचर्स के कारण इन्हें सफल माना गया है।
निष्कर्ष
RBI की ओर से वैश्विक टेंडर मंगाए जाने से यह संकेत जरूर मिलता है कि भारत पॉलिमर करेंसी नोटों के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहा है। हालांकि, फिलहाल इसे लागू करने का कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। यदि भविष्य में मंजूरी मिलती है तो भारत की मुद्रा प्रणाली में यह एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
FAQ
Q1. क्या भारत में प्लास्टिक के नोट जारी हो गए हैं?
उत्तर: नहीं। अभी केवल पॉलिमर शीट की आपूर्ति के लिए वैश्विक टेंडर जारी किए गए हैं, नोट जारी करने का अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
Q2. RBI ने किसके लिए टेंडर मांगे हैं?
उत्तर: सुरक्षा फीचर वाले पॉलिमर सब्सट्रेट (Polymer Sheet) की आपूर्ति के लिए।
Q3. पॉलिमर नोटों का सबसे बड़ा फायदा क्या है?
उत्तर: ये कागज के नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ, सुरक्षित और लंबे समय तक चलने वाले होते हैं।
Q4. आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर: 18 अगस्त 2026।
Q5. क्या पॉलिमर नोट नकली बनाना मुश्किल होता है?
उत्तर: हां, इनमें आधुनिक सुरक्षा फीचर्स और पारदर्शी विंडो होने के कारण नकली नोट बनाना अपेक्षाकृत कठिन होता है।
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