यूपी में 9,18,091 किसानों
उत्तर प्रदेश में बाढ़, अत्यधिक बारिश, ओलावृष्टि और चक्रवात से फसलों को नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर से प्रदेश के 9,18,091 प्रभावित किसानों के बैंक खातों में 493 करोड़ रुपये की कृषि निवेश अनुदान राशि भेजी। यह धनराशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से किसानों तक पहुंचाई गई।
महायोगी गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इस सहायता का उद्देश्य फसल नुकसान के बाद किसानों को आर्थिक संबल देना और अगली फसल की तैयारी के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में मदद करना है।
किन किसानों को मिलेगा राहत राशि का लाभ?
यह सहायता उन किसानों के लिए है, जिनकी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं के कारण नुकसान पहुंचा है। बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से प्रभावित किसानों को कृषि निवेश अनुदान दिया जा रहा है।
राहत आयुक्त कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में 9 अक्टूबर तक प्रदेश में 9,18,091 किसानों की फसल क्षति की पुष्टि हुई थी। इसी आधार पर प्रभावित किसानों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
किसान को मिलने वाली वास्तविक राशि फसल नुकसान के आकलन और लागू सरकारी नियमों के अनुसार निर्धारित होती है। इसलिए सभी किसानों को समान राशि मिलना जरूरी नहीं है।
DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी रकम
सरकार ने सहायता राशि के वितरण के लिए DBT व्यवस्था अपनाई है। इसके माध्यम से स्वीकृत धनराशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर जिन जिलों की रिपोर्ट प्राप्त हुई, वहां प्रभावित किसानों को सहायता उपलब्ध कराई गई। इसका उद्देश्य भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और बिचौलियों की भूमिका समाप्त करना है।
जिन किसानों को सहायता स्वीकृत हुई है, वे अपने बैंक खाते और संबंधित सरकारी रिकॉर्ड के माध्यम से भुगतान की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
फसल बर्बाद होने के बाद किसानों को कैसे मिलेगी मदद?
प्राकृतिक आपदाओं से फसल खराब होने पर किसानों को दोहरा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। एक ओर बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर खर्च हो चुका होता है, वहीं दूसरी ओर उपज कम होने या पूरी तरह नष्ट होने से आमदनी प्रभावित होती है।
ऐसी स्थिति में कृषि निवेश अनुदान किसानों को अगली बुवाई की तैयारी करने और खेती से जुड़े जरूरी खर्च पूरे करने में मदद कर सकता है।
हालांकि, यह सहायता फसल नुकसान की पूरी भरपाई की गारंटी नहीं है। मिलने वाली राशि नुकसान के आकलन और निर्धारित मानकों पर निर्भर करती है।
मकान और पशुधन के नुकसान पर भी सहायता
प्राकृतिक आपदाओं से केवल खेत ही प्रभावित नहीं होते, बल्कि कई परिवारों के मकान और पशुधन को भी
नुकसान पहुंचता है। सरकार की ओर से ऐसे मामलों में भी राहत देने की जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री के अनुसार, जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें निर्धारित पात्रता के
अनुसार मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1.20 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई गई है।
पूरी तरह नष्ट हुए मकानों के मामले में प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
यह आवास सहायता 493 करोड़ रुपये की फसल क्षति अनुदान राशि से अलग है।
पशुहानि और जनहानि के मामलों में भी नियमानुसार आर्थिक मदद देने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया।
पहले भी प्रभावित किसानों के लिए जारी हुई थी राशि
सरकार के अनुसार, मौजूदा सहायता से पहले भी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए
169 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। इनमें से 1,29,326 किसानों को
78.75 करोड़ रुपये का कृषि निवेश अनुदान पहले ही उपलब्ध कराया जा चुका था।
इसके अतिरिक्त जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति से प्रभावित परिवारों को
225.93 करोड़ रुपये की सहायता वितरित किए जाने की जानकारी दी गई।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि फसल क्षति के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं से
प्रभावित परिवारों को दूसरी श्रेणियों में भी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है।
15 अक्टूबर से प्रभावित जिलों में शुरू होंगे खरीद केंद्र
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अतिवृष्टि के कारण जलभराव से प्रभावित जिलों में
15 अक्टूबर से धान और ज्वार, बाजरा तथा मक्का जैसे मोटे अनाज के खरीद केंद्र शुरू किए जाएंगे।
सरकार के अनुसार, इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को अपनी उपज बेचने की सुविधा मिलेगी।
खरीद और भुगतान से संबंधित नियमों के तहत किसानों को
उनकी उपज का निर्धारित मूल्य उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
यह व्यवस्था उन किसानों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, जिन्हें बारिश और जलभराव के कारण
फसल की बिक्री तथा आगामी खेती की तैयारी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
फसल नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को क्या करना चाहिए?
प्रभावित किसानों को अपनी फसल क्षति से संबंधित सर्वे और सरकारी रिकॉर्ड की स्थिति की जानकारी रखनी चाहिए।
यदि किसी पात्र किसान को सहायता नहीं मिली है, तो
वह संबंधित राजस्व विभाग, कृषि विभाग या जिला प्रशासन से संपर्क कर सकता है।
किसानों के लिए बैंक खाते की जानकारी, आधार से संबंधित विवरण और आवश्यक
कृषि रिकॉर्ड सही रखना भी उपयोगी है। किसी भी शिकायत के समाधान के लिए
संबंधित विभाग से आधिकारिक जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित 9,18,091 किसानों के लिए 493 करोड़ रुपये की
कृषि निवेश अनुदान राशि जारी की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से DBT के माध्यम से
यह सहायता किसानों के खातों में भेजी। अब प्रभावित किसानों के लिए भुगतान की स्थिति,
आगामी खरीद केंद्रों और अन्य राहत योजनाओं से जुड़ी जानकारी महत्वपूर्ण रहेगी।
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