सोमवार को शेयर बाजार में
शेयर बाजार में शानदार शुरुआत, निवेशकों की बल्ले-बल्ले
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। सोमवार सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों के चेहरे खिल उठे। BSE SENSEX में 800 अंकों से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई, जबकि NIFTY 50 भी 250 अंकों से ज्यादा उछल गया।
सुबह 9:30 बजे सेंसेक्स करीब 832 अंकों की मजबूती के साथ 76,247 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 लगभग 23,945 के स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में महज कुछ मिनटों में करीब 5 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हो गया। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप बढ़कर लगभग 468 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।
1. अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद
वैश्विक बाजार में सबसे बड़ा सकारात्मक संकेत अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते से मिला। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर समझौते का मसौदा लगभग तैयार हो चुका है।
इस बयान के बाद दुनिया भर के निवेशकों में भरोसा बढ़ा और बाजार में खरीदारी तेज हो गई। निवेशकों को उम्मीद है कि अगर तनाव कम हुआ तो वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
2. कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट
सोमवार सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। Brent Crude करीब 5 फीसदी टूटकर 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। वहीं WTI Crude भी लगभग 6 फीसदी गिरकर 91 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार करता दिखा।
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था, महंगाई और
कंपनियों के खर्च के लिए राहत मानी जा रही है। इसी वजह से शेयर बाजार में खरीदारी बढ़ी।
3. वैश्विक बाजारों में जोरदार तेजी
दुनियाभर के शेयर बाजारों में सोमवार को शानदार तेजी देखने को मिली।
जापान का Nikkei 225 3 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर पहली बार 65,000 के स्तर के पार पहुंच गया।
चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा,
जबकि ताइवान बाजार में 3 प्रतिशत से ज्यादा उछाल आया। अमेरिकी बाजार के संकेत भी
सकारात्मक रहे और डाउ जोंस फ्यूचर्स करीब 1 प्रतिशत ऊपर ट्रेड करते दिखे।
4. विदेशी निवेशकों की वापसी
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक हालात सुधरने के संकेतों के बीच विदेशी निवेशक
भारतीय बाजार में फिर से पैसा लगा सकते हैं। मजबूत अर्थव्यवस्था, स्थिर सरकार और बेहतर कॉर्पोरेट
नतीजों की वजह से भारत विदेशी निवेशकों की पसंद बना हुआ है।
आईटी, बैंकिंग, ऑटो और ऊर्जा सेक्टर में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को और मजबूती मिली।
5. निवेशकों का बढ़ा भरोसा
बाजार में तेजी का एक बड़ा कारण निवेशकों का बढ़ता भरोसा भी रहा। तेल की कीमतों में गिरावट,
वैश्विक तनाव कम होने की उम्मीद और मजबूत आर्थिक संकेतकों ने निवेशकों को राहत दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार अगर अंतरराष्ट्रीय हालात स्थिर बने रहते हैं तो
आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
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