सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक
संसद मार्च के बाद अनशन समाप्त करने का ऐलान
नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने घोषणा की है कि वह 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च के बाद अपना अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल व्यक्तिगत विरोध नहीं, बल्कि जनता की आवाज को संसद तक पहुंचाना है। वांगचुक ने देशभर के लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से संसद मार्च में शामिल होने की अपील भी की है।
लगातार बिगड़ रही थी स्वास्थ्य की स्थिति
सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। डॉक्टरों के अनुसार उनका वजन 9 किलोग्राम से अधिक घट चुका है और लगातार उपवास के कारण स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। कई चिकित्सकों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें स्वास्थ्य को देखते हुए अनशन समाप्त करने की सलाह दी थी।
कई नेताओं और संगठनों ने की अनशन समाप्त करने की अपील
वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ने के बाद कांग्रेस सहित कई राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और प्रमुख हस्तियों ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की। कांग्रेस ने कहा कि उनकी उठाई गई चिंताएं महत्वपूर्ण हैं और लोकतांत्रिक तरीके से उनका समाधान होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने भी उनसे स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने भी दिए निर्देश
सोनम वांगचुक की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। अदालत ने कहा कि यदि डॉक्टरों की राय में स्वास्थ्य गंभीर रूप से बिगड़ता है तो आवश्यक चिकित्सीय हस्तक्षेप किया जा सकता है।
20 जुलाई को होगा संसद मार्च
वांगचुक ने कहा है कि 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च उनके आंदोलन का महत्वपूर्ण चरण होगा। उन्होंने अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से मार्च में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि संसद तक जनता की आवाज पहुंचाना ही इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य है।
क्या हैं आंदोलन की प्रमुख मांगें?
सोनम वांगचुक और उनके समर्थक शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि शिक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
देशभर से मिल रहा समर्थन
वांगचुक के आंदोलन को विभिन्न छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों का समर्थन मिल रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई छात्र और समर्थक समानांतर रूप से प्रदर्शन और सांकेतिक भूख हड़ताल भी कर रहे हैं।
निष्कर्ष
सोनम वांगचुक का संसद मार्च के बाद अनशन समाप्त करने का फैसला आंदोलन के
नए चरण की ओर संकेत करता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि अनशन
समाप्त होने का अर्थ आंदोलन का अंत नहीं होगा। उनका कहना है कि
जनता की मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।
FAQ
1. सोनम वांगचुक अपना अनशन कब समाप्त करेंगे?
सोनम वांगचुक ने कहा है कि वह 20 जुलाई को संसद मार्च के बाद अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करेंगे।
2. सोनम वांगचुक कितने दिनों से भूख हड़ताल पर हैं?
रिपोर्टों के अनुसार वह लगभग 19 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
3. उनके स्वास्थ्य की स्थिति कैसी है?
डॉक्टरों के अनुसार उनका वजन 9 किलोग्राम से अधिक कम हो चुका है और
लगातार उपवास के कारण स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।
4. संसद मार्च कब आयोजित होगा?
सोनम वांगचुक ने 20 जुलाई को संसद मार्च करने की घोषणा की है और
लोगों से शांतिपूर्ण ढंग से इसमें शामिल होने की अपील की है।
5. क्या अदालत ने इस मामले में कोई निर्देश दिया है?
हाँ। दिल्ली हाईकोर्ट ने अधिकारियों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखने और
जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं
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