NEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले
केंद्र सरकार ने NEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले बड़ा कदम उठाते हुए भारत में Telegram की पहुंच पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की सिफारिश के बाद लिया गया है। सरकार का कहना है कि कुछ Telegram चैनलों और समूहों का उपयोग फर्जी प्रश्नपत्र, पेपर लीक की अफवाहें और परीक्षा से जुड़ी धोखाधड़ी फैलाने के लिए किया जा रहा था। इसी को देखते हुए 22 जून 2026 तक Telegram पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पिछले कुछ सप्ताह से सोशल मीडिया और Telegram चैनलों पर NEET UG री-एग्जाम के कथित प्रश्नपत्र बेचने और लीक होने के दावे सामने आ रहे थे। NTA ने ऐसे कई मामलों को साइबर अपराध एजेंसियों के पास जांच के लिए भेजा था। एजेंसी का मानना था कि परीक्षा से पहले गलत सूचना और धोखाधड़ी की गतिविधियां लाखों छात्रों को प्रभावित कर सकती हैं।
सरकार ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक था। इसी कारण सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत Telegram की पहुंच को सीमित किया गया है।
22 जून तक लागू रहेगी रोक
सरकारी आदेश के अनुसार Telegram पर यह अस्थायी प्रतिबंध 22 जून 2026 तक लागू रहेगा। NEET UG री-एग्जाम 21 जून को आयोजित होना है और परीक्षा संपन्न होने तक सुरक्षा एजेंसियां विशेष निगरानी रखेंगी।
हालांकि यह स्थायी प्रतिबंध नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह केवल परीक्षा की सुरक्षा और फर्जी गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया अस्थायी कदम है।
मैसेज एडिट फीचर पर भी कार्रवाई
रिपोर्ट्स के अनुसार Telegram के मैसेज एडिट फीचर को लेकर भी चिंता जताई गई थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि कुछ लोग पुराने संदेशों को एडिट कर उन्हें पेपर लीक का सबूत बताकर वायरल कर रहे थे। इसी वजह से सरकार ने Telegram से इस फीचर पर भी अस्थायी नियंत्रण लगाने को कहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एडिट फीचर का दुरुपयोग कर गलत जानकारी फैलाना अपेक्षाकृत आसान हो जाता है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
NTA ने फैसले का किया स्वागत
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है।
एजेंसी का कहना है कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और
किसी भी प्रकार की अफवाह या फर्जी जानकारी को फैलने से रोकना जरूरी है।
NTA ने छात्रों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत स्रोतों से ही
जानकारी प्राप्त करें तथा सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें।
लाखों छात्रों पर असर
NEET UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है।
इस वर्ष री-एग्जाम में लाखों छात्र शामिल होने वाले हैं। ऐसे में सरकार और परीक्षा एजेंसियां
किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या धोखाधड़ी की संभावना को खत्म करना चाहती हैं।
शिक्षा मंत्रालय पहले भी Meta, Google और Telegram जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ बैठक कर
फर्जी पेपर लीक और भ्रामक सामग्री पर रोक लगाने की रणनीति बना चुका है।
क्या Telegram पूरी तरह बैन है?
रिपोर्ट्स के अनुसार Telegram पर पूर्ण और स्थायी प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। यह एक सीमित अवधि की कार्रवाई है,
जिसका उद्देश्य केवल परीक्षा से जुड़े संभावित दुरुपयोग को रोकना है। कुछ क्षेत्रों और नेटवर्क पर
इसकी पहुंच प्रभावित हो सकती है, जबकि स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है।
NEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार द्वारा Telegram पर लगाई गई अस्थायी रोक
परीक्षा सुरक्षा से जुड़ा बड़ा कदम माना जा रहा है।
NTA की सिफारिश पर उठाए गए इस फैसले का उद्देश्य फर्जी पेपर लीक,
गलत सूचनाओं और ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकना है। अब सभी की नजर
21 जून को होने वाली परीक्षा और उसके बाद सरकार द्वारा प्रतिबंध हटाने के फैसले पर टिकी हुई है।
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