UP Police Recruitment 2026
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को सरकारी सेवा से जोड़ने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। कुशल खिलाड़ी कोटे के तहत चयनित 470 खिलाड़ियों को उत्तर प्रदेश पुलिस में नियुक्ति-पत्र दिए जाने हैं। इनमें अलग-अलग पदों पर चयनित खिलाड़ी शामिल हैं। इस पहल के जरिए खेल के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करने वाले युवाओं को सरकारी सेवा और बेहतर करियर का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें रोजगार से जोड़ने की नीति पर जोर दिया है। उनके अनुसार मैदान पर प्रतिभा दिखाने वाले खिलाड़ियों को सम्मान देने के साथ उन्हें राष्ट्र सेवा का अवसर देना राज्य की नई खेल संस्कृति का हिस्सा है।
470 खिलाड़ियों की पुलिस में होगी नियुक्ति
कुशल खिलाड़ी कोटे के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस में चयनित कुल 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति-पत्र दिए जाएंगे। पदों के हिसाब से देखें तो इनमें:
- 43 उपनिरीक्षक, नागरिक पुलिस
- 295 आरक्षी, नागरिक पुलिस
- 132 आरक्षी, पीएसी
शामिल हैं।
इस तरह कुल 470 खिलाड़ी पुलिस विभाग का हिस्सा बनेंगे। यह नियुक्ति खेल प्रतिभाओं को सरकारी सेवा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगी।
खेल प्रतिभाओं को नौकरी से जोड़ने पर जोर
सरकार की ओर से खेल और रोजगार को एक-दूसरे से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे खिलाड़ियों को बेहतर करियर विकल्प उपलब्ध कराना है, जिन्होंने खेल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा साबित की है।
उत्तर प्रदेश पुलिस की खेल व्यवस्था में खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं, खेल सुविधाओं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की भागीदारी को बढ़ावा देने की व्यवस्था पहले से मौजूद है। पुलिस के खेल विभाग का उद्देश्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है।
534 से अधिक खिलाड़ियों की हो चुकी सीधी भर्ती
मुख्यमंत्री की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में
अब तक 534 से अधिक खिलाड़ियों की सीधी भर्ती हो चुकी है।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश पुलिस में 866 अन्य खिलाड़ियों की भर्ती प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।
इससे संकेत मिलता है कि आने वाले समय में और खेल प्रतिभाओं को पुलिस सेवा में अवसर मिल सकता है।
खिलाड़ियों के लिए खेल सुविधाओं का भी विस्तार
पुलिस विभाग में खिलाड़ियों की नियुक्ति के साथ-साथ खेल सुविधाओं को मजबूत करने की योजनाएं भी सामने आई हैं।
लखनऊ की 35वीं वाहिनी पीएसी में सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक के पुनर्निर्माण और
150 खिलाड़ियों की क्षमता वाले स्पोर्ट्स हॉस्टल का निर्माण प्रस्तावित है।
इसी तरह बाराबंकी की 10वीं वाहिनी पीएसी में एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान और
150 खिलाड़ियों की क्षमता वाले हॉस्टल की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
गाजियाबाद में भी खेल सुविधाओं के विस्तार की योजना है। 41वीं वाहिनी
पीएसी में इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तथा
47वीं वाहिनी पीएसी में कबड्डी मैदान और टीन शेड निर्माण की योजना बताई गई है।
मुख्यमंत्री ने नई खेल संस्कृति का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में उत्तर प्रदेश की खेल व्यवस्था में वर्ष
2017 के बाद हुए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की प्रतिभा, उपलब्धि और
उन्हें सरकारी सेवा में अवसर देने को नई खेल संस्कृति का हिस्सा बनाया गया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले खेल कोटे की भर्तियों में प्रतिभा के बजाय सिफारिश और
पहुंच की चर्चा होती थी। यह मुख्यमंत्री द्वारा व्यक्त किया गया राजनीतिक और प्रशासनिक आकलन है।
पुलिस सेवा में खिलाड़ियों को मिल सकता है दोहरा लाभ
पुलिस विभाग में खिलाड़ियों की नियुक्ति का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि
इससे युवाओं को सरकारी नौकरी के साथ खेल जारी रखने का अवसर भी मिल सकता है।
पुलिस की खेल व्यवस्था में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण,
प्रतियोगिताओं में भागीदारी, खेल उपकरण, विशेष आहार और
अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। अच्छे प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए
नियमों के तहत आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन की सुविधा भी व्यवस्था का हिस्सा है।
पारदर्शी भर्ती पर भी जोर
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड अपने आधिकारिक विजन में भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की बात करता है। बोर्ड के अनुसार भर्ती में योग्यता आधारित चयन और प्रक्रिया की पारदर्शिता पर जोर दिया जाता है।
ऐसे में खिलाड़ी कोटे के तहत चयनित युवाओं के लिए यह नियुक्ति खेल प्रतिभा को रोजगार के अवसर से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।
युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
खेल में बेहतर प्रदर्शन करने वाले युवाओं के सामने अक्सर करियर और रोजगार को लेकर चुनौती रहती है। सरकारी विभागों में खेल कोटे के माध्यम से नियुक्ति मिलने से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को खेल जारी रखने के साथ आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा भी मिल सकती है।
470 खिलाड़ियों की नियुक्ति और 866 अन्य खिलाड़ियों की जारी भर्ती प्रक्रिया इस दिशा में राज्य की आगामी योजनाओं को भी दर्शाती है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश पुलिस में 470 खिलाड़ियों की नियुक्ति को खेल और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल बनाने की पहल के तौर पर देखा जा सकता है। चयनित खिलाड़ियों को पुलिस सेवा में नई जिम्मेदारी मिलेगी, वहीं खेल प्रतिभाओं के लिए सरकारी क्षेत्र में करियर के अवसर भी बढ़ेंगे।
खेल सुविधाओं के विस्तार, प्रशिक्षण व्यवस्था और खिलाड़ियों की भर्ती के जरिए राज्य में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। आने वाले समय में 866 अन्य खिलाड़ियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस विभाग में खेल प्रतिभाओं की भागीदारी और बढ़ सकती है।
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