5 अक्टूबर से उत्तर प्रदेश में मौसम
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद मौसम एक बार फिर करवट लेता दिखाई दे रहा है। सोमवार, 5 अक्टूबर से प्रदेश के कुछ हिस्सों में हवा की दिशा बदलने और बादलों की सक्रियता बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रह सकता है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बहुत हल्की से हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।
मौसम में यह बदलाव मुख्य रूप से हवा के रुख में परिवर्तन से जुड़ा है। तराई क्षेत्र में पछुआ हवाओं की जगह पुरवा हवाएं चलने की संभावना है। इससे वातावरण में नमी बढ़ सकती है और कुछ इलाकों में बादलों की आवाजाही देखने को मिल सकती है।
आज से हवा का बदलेगा रुख
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सोमवार से प्रदेश के तराई क्षेत्रों में हवा की दिशा बदलकर पूरब की ओर हो सकती है। नेपाल की सीमा से सटे इलाकों में छिटपुट बूंदाबांदी के आसार हैं। पश्चिमी तराई के कुछ जिलों में भी हल्की बारिश हो सकती है।
पुरवा हवाओं के कारण वातावरण में नमी बढ़ने से बादलों की सक्रियता में भी इजाफा हो सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे प्रदेश में व्यापक बारिश होगी।
इन इलाकों में बारिश के आसार
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार नेपाल से सटे तराई क्षेत्र के जिलों में छिटपुट बारिश की संभावना है। इसके अलावा पश्चिमी तराई के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश हो सकती है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में वाराणसी, आजमगढ़ और बलिया के आसपास बादलों की सक्रियता बढ़ने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में मौसम में बदलाव तो महसूस हो सकता है, लेकिन व्यापक बारिश का पूर्वानुमान नहीं है।
गोरखपुर और आसपास कैसा रहेगा मौसम?
पूर्वी उत्तर प्रदेश में आने वाले गोरखपुर और आसपास के इलाकों में भी मौसम में बदलाव का असर देखने को मिल सकता है। पुरवा हवा चलने से बादल बढ़ सकते हैं और तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव संभव है।
हालांकि, मौसम केंद्र लखनऊ की 5 अक्टूबर की उपखंडवार चेतावनी में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल इसे सामान्य मौसमी बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
तापमान में आ सकती है मामूली गिरावट
बादलों की आवाजाही और धूप-छांव के कारण दिन के तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक मामूली गिरावट हो सकती है। इससे दिन के समय गर्मी का असर कुछ कम महसूस हो सकता है।
मौसम केंद्र लखनऊ के आंकड़ों में 4 अक्टूबर को कई शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज हुआ। आगरा में अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस, अलीगढ़ में 35.8 डिग्री और अयोध्या में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मानसून की विदाई के बाद क्यों बदल रहा मौसम?
उत्तर प्रदेश से मानसून की वापसी के बाद मौसम में तेजी से बदलाव सामान्य मौसमी प्रक्रिया का हिस्सा है। इस दौरान हवाओं की दिशा बदलने लगती है और तापमान में धीरे-धीरे गिरावट का दौर शुरू होता है।
इसी संक्रमण अवधि में कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर बादल और हल्की बारिश भी देखने को मिल सकती है। इस बार भी पुरवा हवाओं के सक्रिय होने से प्रदेश के कुछ हिस्सों में नमी बढ़ने की संभावना है।
पश्चिमी यूपी में मौसम रहेगा अपेक्षाकृत शुष्क
पूर्वी और तराई क्षेत्रों की तुलना में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम अधिकतर शुष्क रहने की संभावना है। 5 अक्टूबर को पूरे प्रदेश के लिए मौसम विभाग की ओर से कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।
इसलिए पश्चिमी यूपी के लोगों को फिलहाल व्यापक बारिश की संभावना को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। हालांकि स्थानीय स्तर पर बादल छाने या मौसम में मामूली बदलाव से इनकार नहीं किया जा सकता।
किसानों के लिए क्या मायने रखता है मौसम का बदलाव?
अक्टूबर की शुरुआत में मौसम में बदलाव किसानों के लिए महत्वपूर्ण होता है। खरीफ फसलों की कटाई और खेतों में आगामी कृषि गतिविधियों के बीच बारिश होने पर किसानों को स्थानीय मौसम पर नजर रखनी चाहिए।
जहां हल्की बारिश की संभावना है, वहां फसल की स्थिति और कटाई के समय को ध्यान में रखते हुए
स्थानीय मौसम पूर्वानुमान देखना उपयोगी रहेगा।
क्या भारी बारिश का अलर्ट है?
फिलहाल उत्तर प्रदेश के लिए भारी बारिश का कोई व्यापक अलर्ट नहीं है।
मौसम केंद्र लखनऊ के 5 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक के उपखंडवार चेतावनी
विवरण में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए सभी दिनों में ‘No warning’ दर्ज है।
इसलिए सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से आने वाले किसी भी
भारी बारिश के दावे को आधिकारिक मौसम विभाग के अपडेट से मिलाकर ही देखना बेहतर होगा।
अगले कुछ दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
आने वाले दिनों में प्रदेश में मौसम का मिजाज मुख्य रूप से स्थानीय परिस्थितियों और
हवा की दिशा पर निर्भर करेगा। तराई और पूर्वी हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है,
जबकि कई अन्य जिलों में मौसम शुष्क बना रह सकता है।
दिन के तापमान में धीरे-धीरे कमी आने के साथ सुबह और
रात के समय हल्की ठंडक महसूस होने की शुरुआत भी हो सकती है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद एक बार फिर मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
5 अक्टूबर से तराई और कुछ पूर्वी इलाकों में पुरवा हवाओं के
प्रभाव से बादलों की सक्रियता बढ़ सकती है। नेपाल से सटे तराई क्षेत्रों और
पश्चिमी तराई के कुछ हिस्सों में हल्की या छिटपुट बारिश की संभावना है।
वाराणसी, आजमगढ़ और बलिया में भी बादल सक्रिय हो सकते हैं।
हालांकि, फिलहाल उत्तर प्रदेश के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।
इसलिए इसे बड़े बारिश सिस्टम के बजाय मौसम में सीमित बदलाव के रूप में देखना उचित है।
FAQ
1. यूपी में मौसम कब बदलेगा?
उत्तर प्रदेश में 5 अक्टूबर से हवा के रुख में बदलाव और
कुछ इलाकों में बादलों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है।
2. यूपी के किन जिलों में बारिश हो सकती है?
नेपाल से सटे तराई क्षेत्रों और पश्चिमी तराई के कुछ जिलों में छिटपुट हल्की बारिश की संभावना है।
वाराणसी, आजमगढ़ और बलिया में बादलों की सक्रियता बढ़ सकती है।
3. क्या गोरखपुर में बारिश होगी?
गोरखपुर समेत पूर्वी यूपी में मौसम में बदलाव और बादलों की आवाजाही संभव है,
लेकिन फिलहाल भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं है।
4. क्या यूपी में भारी बारिश का अलर्ट है?
नहीं। मौसम केंद्र लखनऊ के 5 अक्टूबर के ताजा उपखंडवार चेतावनी विवरण में
पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए कोई चेतावनी नहीं है।
5. पुरवा हवा चलने से क्या असर होगा?
पुरवा हवाओं के साथ वातावरण में नमी बढ़ सकती है। इससे कुछ क्षेत्रों में
बादलों की सक्रियता और हल्की बारिश की संभावना बन सकती है।
6. क्या तापमान में गिरावट आएगी?
बादलों की सक्रियता और धूप-छांव के कारण कुछ क्षेत्रों में दिन के तापमान में मामूली गिरावट संभव है।
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