वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बाबतपुर पर रविवार को सुरक्षा जांच के दौरान अचानक गोली चलने से हड़कंप मच गया। एयर इंडिया की फ्लाइट से मुंबई जाने वाले आजमगढ़ निवासी एक यात्री की पिस्टल से अचानक फायर हो गया। गोली पहले जमीन से टकराई और इसके बाद पास मौजूद दो एयरपोर्ट कर्मचारियों को जा लगी। घटना में एक महिला कर्मचारी समेत दो लोग घायल हुए हैं। दोनों को तत्काल हरहुआ स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक घायलों की हालत फिलहाल सामान्य बताई जा रही है।
हथियार और दस्तावेजों की जांच के दौरान हुआ हादसा
मिली जानकारी के मुताबिक आजमगढ़ का एक यात्री अपनी पत्नी के साथ एयर इंडिया की उड़ान से मुंबई जाने वाला था। विमान यात्रा के दौरान अपने पास मौजूद पिस्टल को ले जाने की प्रक्रिया के तहत यात्री ने हथियार और मैगजीन के बारे में अधिकारियों को पहले ही जानकारी दे दी थी।
एयरपोर्ट पर निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत हथियार और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान अचानक पिस्टल से एक राउंड फायर हो गया। गोली सीधे किसी व्यक्ति को लगने के बजाय पहले फर्श से टकराई और उसके बाद आसपास मौजूद कर्मचारियों को घायल कर दिया।
घटना के बाद एयरपोर्ट परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा कर्मचारियों ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित किया और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा।
गोली लगने से दो कर्मचारी घायल
अचानक चली गोली की चपेट में एयरपोर्ट पर मौजूद एक पुरुष और एक महिला कर्मचारी आ गए। गोली लगने से दोनों घायल हुए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार एक कर्मचारी के हाथ में गोली लगी, जबकि महिला कर्मचारी की जांघ में चोट आई।
हादसे के तुरंत बाद दोनों को हरहुआ स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया। एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता के अनुसार दोनों घायलों की स्थिति सामान्य है और उनका इलाज चल रहा है।
घटना के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी। एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील स्थान पर हथियार से फायर होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों ने घटना को गंभीरता से लिया है।
क्या यात्री ने हथियार पहले घोषित किया था?
इस घटना में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह सामने आया है कि यात्री ने अपने पास मौजूद पिस्टल और मैगजीन की जानकारी पहले ही अधिकारियों को दे दी थी। यानी हथियार को लेकर सुरक्षा प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारियों को जानकारी थी।
इसके बावजूद जांच के दौरान गोली चल जाना सुरक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय जरूर है। अब जांच का मुख्य बिंदु यह होगा कि हथियार को जांच के दौरान किस स्थिति में संभाला जा रहा था और किस परिस्थिति में उससे अचानक फायर हुआ।
एयरपोर्ट निदेशक के अनुसार हथियार और उसके कागजात की जांच के दौरान यात्री तथा स्टाफ दोनों मौजूद थे। इसी प्रक्रिया के बीच फायरिंग की घटना हुई।
गोली फर्श से टकराकर कर्मचारियों को लगी
घटना की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गोली सीधे किसी कर्मचारी की ओर नहीं चली। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पिस्टल से निकली गोली पहले एयरपोर्ट के फर्श से टकराई और उसके बाद पास खड़े दो कर्मचारियों को लगी।
इससे यह संकेत मिलता है कि घटना अचानक हुई और फायरिंग के बाद गोली की दिशा बदलने के कारण आसपास मौजूद कर्मचारी उसकी चपेट में आए। हालांकि गोली चलने की सटीक वजह और उस समय हथियार की स्थिति को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।
इसलिए फिलहाल इसे जानबूझकर की गई फायरिंग कहना सही नहीं होगा। उपलब्ध रिपोर्टों में इसे हथियार की जांच के दौरान हुई अचानक फायरिंग बताया गया है।
एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
वाराणसी एयरपोर्ट पूर्वांचल के प्रमुख हवाई अड्डों में शामिल है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में यात्री आते-जाते हैं।
ऐसे संवेदनशील स्थान पर हथियार की जांच के दौरान
गोली चलने की घटना ने सुरक्षा प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
विमान में हथियार ले जाने के लिए यात्रियों को निर्धारित नियमों का पालन करना पड़ता है। हथियार की घोषणा,
उसके दस्तावेजों की जांच और उसे सुरक्षित तरीके से जमा कराने की प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है।
ऐसे में जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर सकती हैं कि इस घटना के दौरान
निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किस तरह हुआ और फायरिंग की स्थिति कैसे बनी।
यात्री को लेकर भी जांच जारी
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संबंधित यात्री और उसके हथियार के बारे में जानकारी जुटाई।
हथियार के लाइसेंस, दस्तावेजों और एयरपोर्ट पर उसे संभालने की प्रक्रिया की भी जांच की जा सकती है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुईं और मामले की जांच शुरू की गई।
हालांकि उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी तक ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है
जिससे यह साबित हो कि यात्री ने जानबूझकर गोली चलाई थी।
घायलों की हालत सामान्य
घटना के बाद घायल दोनों कर्मचारियों को बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाया गया।
एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक दोनों की हालत सामान्य है और उनका उपचार किया जा रहा है।
गोली लगने के बाद तत्काल चिकित्सा सुविधा मिलना इसलिए महत्वपूर्ण रहा क्योंकि एयरपोर्ट परिसर में
किसी भी तरह की चोट की स्थिति में समय पर मेडिकल सहायता उपलब्ध कराना जरूरी होता है।
परिजनों और सहकर्मियों की चिंता के बीच फिलहाल दोनों कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है।
घटना से यात्रियों में मची अफरा-तफरी
रविवार को एयरपोर्ट पर सामान्य रूप से यात्रियों की आवाजाही के बीच अचानक गोली चलने की
आवाज से वहां मौजूद लोगों में हलचल मच गई। एयरपोर्ट सुरक्षा टीम ने स्थिति को संभालते हुए
घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल भेजने की व्यवस्था की।
किसी भी एयरपोर्ट पर फायरिंग जैसी आवाज यात्रियों में स्वाभाविक रूप से भय पैदा कर सकती है।
हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार घटना के बाद स्थिति को
नियंत्रित कर लिया गया और घायलों को उपचार के लिए भेज दिया गया।
अब जांच में सामने आएगा फायरिंग का कारण
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि पिस्टल से गोली अचानक कैसे चली। क्या हथियार को
जांच के दौरान किसी प्रक्रिया में संभालते समय ट्रिगर दबा,
क्या मैगजीन या हथियार की स्थिति से जुड़ी कोई तकनीकी वजह थी या
कोई अन्य कारण था—इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह भी महत्वपूर्ण होगा कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति
रोकने के लिए हथियारों की जांच और हैंडलिंग प्रक्रिया को और सुरक्षित कैसे बनाया जाए।
निष्कर्ष
वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पर रविवार को हथियार की जांच के दौरान अचानक
गोली चलने की घटना से दो एयरपोर्ट कर्मचारी घायल हो गए। गोली पहले
फर्श से टकराई और फिर एक पुरुष कर्मचारी के हाथ तथा महिला कर्मचारी की जांघ में लगी।
दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया और एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार उनकी हालत सामान्य है।
यात्री ने अपने हथियार और मैगजीन की जानकारी पहले ही अधिकारियों को दे दी थी।
इसके बावजूद जांच के दौरान फायरिंग होना सुरक्षा प्रक्रिया के लिए
गंभीर सवाल जरूर खड़ा करता है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के
अनुसार यह घटना अचानक हुई फायरिंग की है, न कि जानबूझकर किए गए हमले की।
मामले की जांच के बाद ही गोली चलने की वास्तविक वजह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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