उत्तर प्रदेश की यशोदा लोधी
गांव की महिला से लाखों लोगों की शिक्षिका बनने तक का सफर
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले की रहने वाली यशोदा लोधी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। गांव के सामान्य माहौल से निकलकर खुद अंग्रेजी सीखने वाली यशोदा आज हजारों-लाखों लोगों को रोजमर्रा की बातचीत में इस्तेमाल होने वाली अंग्रेजी सिखा रही हैं।
यशोदा की पहचान अब ‘देहाती मैडम’ के रूप में बन चुकी है। उनकी खास बात यह है कि उन्होंने किसी बड़े संस्थान से अंग्रेजी सीखने की विशेष ट्रेनिंग नहीं ली। उन्होंने खुद सुनकर, समझकर और बोलने का अभ्यास करके भाषा सीखी और फिर अपने अनुभव को दूसरों तक पहुंचाना शुरू किया।
प्रियंका चोपड़ा ने साझा किया यशोदा का वीडियो
यशोदा के लिए सबसे खास पल तब आया जब अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने उनका एक वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर साझा किया। यशोदा ने बाद में एक वीडियो के माध्यम से अपनी खुशी जाहिर की और बताया कि उन्हें बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि प्रियंका चोपड़ा उनका वीडियो साझा करेंगी।
यशोदा के लिए यह सिर्फ किसी प्रसिद्ध व्यक्ति द्वारा उनके वीडियो को साझा किया जाना नहीं था, बल्कि उनके लंबे संघर्ष और मेहनत को मिली बड़ी पहचान थी। इसी दौरान उनके इंस्टाग्राम पर चार लाख अनुयायी भी पूरे हुए।
कौन हैं यशोदा लोधी?
यशोदा लोधी उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के सिराथू क्षेत्र के लोधन का पुरवा गांव से जुड़ी हैं। उन्होंने अपनी औपचारिक पढ़ाई 12वीं कक्षा तक पूरी की।
अंग्रेजी बोलना उनके लिए शुरुआत में आसान नहीं था। उन्हें यह भी समझ नहीं आता था कि अंग्रेजी सीखने की शुरुआत कहां से की जाए। इसके बाद उन्होंने एक अलग तरीका अपनाया। वह दूसरे लोगों को अंग्रेजी बोलते हुए सुनती थीं और फिर उन्हीं शब्दों तथा वाक्यों को दोहराकर बोलने का अभ्यास करती थीं।
केवल 15 दिन के अभ्यास से बदली दिशा
यशोदा ने अंग्रेजी सीखने के लिए लगातार सुनने और दोहराने का अभ्यास किया। करीब 15 दिनों तक इस तरह अभ्यास करने के बाद उन्होंने खुद अंग्रेजी बोलने की कोशिश शुरू की।
धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया और उन्होंने अपने सीखने के अनुभव को दूसरों के साथ साझा करना शुरू किया। उनका तरीका किताबी नियमों से ज्यादा रोजमर्रा की बातचीत पर आधारित रहा।
यही वजह रही कि ऐसे लोग भी उनके वीडियो से जुड़ने लगे जिन्हें अंग्रेजी सीखने में झिझक महसूस होती थी।
26 दिसंबर 2023 को शुरू किया अपना चैनल
यशोदा ने 26 दिसंबर 2023 को अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया। शुरुआत में उनके पति को इस काम से ज्यादा उम्मीद नहीं थी। उन्हें लगता था कि यूट्यूब से कमाई करना आसान नहीं होगा।
लेकिन यशोदा ने आलोचना या संदेह से पीछे हटने के बजाय लगातार अपना काम जारी रखा। उनके वीडियो में कठिन भाषा या जटिल व्याकरण के बजाय सामान्य बातचीत में इस्तेमाल होने वाले शब्द और वाक्य सिखाए जाते हैं।
खेत में काम करते हुए बनाया वीडियो
हालिया वायरल वीडियो की कहानी भी काफी दिलचस्प है। यशोदा ने बताया कि वह खेत में काम कर रही थीं और उसी दौरान वीडियो बनाने का विचार आया।
वीडियो रिकॉर्ड करने को लेकर उनके पति ने उन्हें डांटा भी, लेकिन उन्होंने अपना वीडियो पूरा किया और उसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। उन्हें अंदाजा नहीं था कि कुछ समय बाद यही वीडियो इतनी बड़ी पहचान दिलाने वाला है।
प्रियंका चोपड़ा के साझा करने के बाद बढ़ी चर्चा
जब यशोदा को पता चला कि प्रियंका चोपड़ा ने उनका वीडियो अपनी इंस्टाग्राम कहानी में साझा किया है तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
यशोदा ने इसे अपने लिए बेहद खास उपलब्धि बताया। उनका कहना है कि छोटी-सी कोशिश भी कभी-कभी ऐसी जगह पहुंच सकती है, जिसकी इंसान ने कल्पना तक नहीं की होती।
चार लाख अनुयायी पूरे होना भी बड़ी उपलब्धि
प्रियंका चोपड़ा द्वारा वीडियो साझा किए जाने के दौरान यशोदा के सोशल मीडिया अनुयायियों की संख्या भी चार लाख तक पहुंच गई।
यह उपलब्धि इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यशोदा ने अपनी पहचान किसी बड़े संस्थान या महंगे प्रशिक्षण के जरिए नहीं बनाई।
उन्होंने अपनी मेहनत, अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर धीरे-धीरे दर्शकों का भरोसा जीता।
यशोदा का सपना क्या है?
यशोदा का उद्देश्य केवल अंग्रेजी सिखाना नहीं है। वह चाहती हैं कि
भाषा की वजह से किसी व्यक्ति का आत्मविश्वास कमजोर न हो।
उनका मानना है कि अगर उनकी छोटी-सी कोशिश किसी महिला या
व्यक्ति को सीखने और आगे बढ़ने का हौसला देती है तो यही उनके लिए सबसे बड़ी सफलता है।
‘देहाती मैडम’ नाम को बनाया अपनी पहचान
यशोदा खुद को ‘देहाती मैडम’ कहने में किसी तरह की झिझक महसूस नहीं करतीं।
बल्कि उन्होंने अपनी ग्रामीण पृष्ठभूमि को ही अपनी पहचान का हिस्सा बना लिया है।
उनकी कहानी यह बताती है कि सीखने की इच्छा हो तो सीमित साधनों के बावजूद
इंसान अपनी राह बना सकता है। गांव की जिंदगी से निकलकर
उन्होंने अपनी भाषा सीखने की कमी को ही अपनी ताकत में बदल दिया।
यशोदा की कहानी क्यों है खास?
यशोदा लोधी की कहानी इसलिए खास है क्योंकि इसमें सफलता का सफर
किसी बड़े शहर, महंगे संस्थान या विशेष सुविधा से शुरू नहीं होता।
उन्होंने अपनी जरूरत और इच्छा के अनुसार खुद सीखना शुरू किया।
पहले उन्होंने अंग्रेजी सुनी, फिर उसे दोहराया, उसके बाद बोलने का अभ्यास किया और अंत में उसी
अनुभव को अपना काम बना लिया। आज उनकी कहानी हजारों लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है।
प्रियंका चोपड़ा जैसी बड़ी अभिनेत्री द्वारा उनका वीडियो साझा किया जाना इस सफर का
एक महत्वपूर्ण पड़ाव जरूर है, लेकिन यशोदा की असली पहचान उनकी लगातार मेहनत और सीखने की इच्छा से बनी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
यशोदा लोधी कौन हैं?
यशोदा लोधी उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से जुड़ी शिक्षिका और सामाजिक माध्यमों पर
अंग्रेजी सिखाने वाली सामग्री बनाने वाली महिला हैं। उन्हें ‘देहाती मैडम’ के नाम से पहचान मिली है।
*यशोदा लोधी कहां की रहने वाली हैं?
यशोदा लोधी कौशांबी जिले के सिराथू क्षेत्र के लोधन का पुरवा गांव से जुड़ी हैं।
यशोदा ने अंग्रेजी कैसे सीखी?
उन्होंने दूसरे लोगों के वीडियो सुनकर और उसमें बोले गए शब्दों तथा वाक्यों को दोहराकर अंग्रेजी सीखने का अभ्यास किया।
यशोदा ने अपना चैनल कब शुरू किया?
उन्होंने 26 दिसंबर 2023 को अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया था।
प्रियंका चोपड़ा ने यशोदा के साथ क्या किया?
प्रियंका चोपड़ा ने यशोदा लोधी का एक वीडियो अपनी इंस्टाग्राम कहानी में साझा किया, जिससे उनकी चर्चा और बढ़ गई।
यशोदा के कितने अनुयायी हैं?
हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, प्रियंका चोपड़ा द्वारा वीडियो साझा किए जाने के
दौरान यशोदा के इंस्टाग्राम पर चार लाख अनुयायी पूरे हुए।
यशोदा को ‘देहाती मैडम’ क्यों कहा जाता है?
यशोदा अपनी ग्रामीण पृष्ठभूमि को अपनी पहचान का हिस्सा मानती हैं।
इसी वजह से उन्होंने खुद को ‘देहाती मैडम’ के नाम से लोगों के बीच स्थापित किया है
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