युजवेंद्र चहल
भारतीय क्रिकेट के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। चहल ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश के जरिए रेड-बॉल क्रिकेट को अलविदा कहने की जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि उनका क्रिकेट करियर अभी खत्म नहीं हुआ है और वह वनडे तथा टी20 क्रिकेट में भारत के लिए वापसी की कोशिश जारी रखेंगे।
चहल के लिए यह फैसला इसलिए भी भावुक है क्योंकि उन्होंने बचपन से टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखा था। लेकिन अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में शानदार सीमित ओवरों के रिकॉर्ड के बावजूद उन्हें टीम इंडिया की टेस्ट कैप पहनने का अवसर नहीं मिला।
17 साल के रेड-बॉल करियर का अंत
युजवेंद्र चहल ने वर्ष 2009 में हरियाणा के लिए फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में कदम रखा था। करीब 17 वर्षों के सफर में उन्होंने 49 फर्स्ट-क्लास मुकाबले खेले और कुल 148 विकेट अपने नाम किए।
उनका अंतिम फर्स्ट-क्लास मुकाबला इंग्लैंड में नॉर्थम्पटनशायर की ओर से खेला गया। उन्होंने काउंटी क्रिकेट में भी अपनी गेंदबाजी से प्रभाव छोड़ा और इसी मुकाबले के बाद रेड-बॉल क्रिकेट से विदाई लेने का फैसला किया।
टेस्ट खेलने का सपना नहीं हुआ पूरा
चहल ने अपने संन्यास संदेश में कहा कि बचपन में जब उन्होंने पहली बार लाल गेंद हाथ में पकड़ी थी, तब उन्हें अंदाजा नहीं था कि क्रिकेट उनके जीवन का इतना महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाएगा।
उन्होंने बताया कि रेड-बॉल क्रिकेट ने उन्हें धैर्य, संघर्ष, निरंतरता और मुश्किल परिस्थितियों में टिके रहने की सीख दी। उनके लिए कई घंटों तक मैदान पर रहकर एक-एक रन और विकेट के लिए मुकाबला करना क्रिकेट का खास अनुभव रहा।
लेकिन इस सफर में एक सपना अधूरा रह गया—भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना। चहल ने स्वीकार किया कि टेस्ट कैप हासिल नहीं कर पाने का उन्हें हमेशा अफसोस रहेगा।
49 मैचों में लिए 148 विकेट
फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में चहल के आंकड़े प्रभावशाली रहे। उन्होंने 49 मैचों में 148 विकेट हासिल किए। उनके नाम छह बार पांच विकेट लेने का प्रदर्शन भी दर्ज है।
हालांकि, रणजी ट्रॉफी में वह लगातार नियमित रूप से नहीं खेलते रहे। इसके बावजूद घरेलू और काउंटी क्रिकेट में उनकी गेंदबाजी का अनुभव उनके करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
नॉर्थम्पटनशायर के लिए भी किया शानदार प्रदर्शन
रेड-बॉल क्रिकेट के अंतिम चरण में चहल ने इंग्लैंड की काउंटी टीम नॉर्थम्पटनशायर का प्रतिनिधित्व किया। 2026 काउंटी चैंपियनशिप में उन्होंने 21 विकेट हासिल किए और अपनी टीम के लिए अहम योगदान दिया।
उनका अंतिम फर्स्ट-क्लास मुकाबला लॉर्ड्स मैदान पर मिडिलसेक्स के खिलाफ हुआ। इस मुकाबले के बाद चहल ने लाल गेंद वाले क्रिकेट को अलविदा कह दिया।
‘मैं अभी खत्म नहीं हुआ हूं’
संन्यास की घोषणा के बावजूद चहल ने अपने प्रशंसकों को यह स्पष्ट संदेश दिया कि वह क्रिकेट से पूरी तरह दूर नहीं जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलने की उनकी भूख अभी भी कायम है और उन्हें लगता है कि
उनके अंदर अभी क्रिकेट बाकी है। वह वनडे और टी20 प्रारूप में भारतीय टीम में
एक और अवसर हासिल करने के लिए अपना पूरा प्रयास करना चाहते हैं।
इसका मतलब है कि चहल का फैसला केवल रेड-बॉल क्रिकेट तक सीमित है।
सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका सफर अभी जारी रह सकता है।
टीम इंडिया के लिए ऐसा रहा रिकॉर्ड
युजवेंद्र चहल भारत के लिए 72 वनडे और 80 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं।
उन्होंने वनडे में 121 और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 96 विकेट हासिल किए हैं।
उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला अगस्त 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ
टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच था। इसके बाद से वह भारतीय टीम से बाहर रहे हैं।
IPL में भी बड़ी पहचान
चहल का नाम इंडियन प्रीमियर लीग के सफल गेंदबाजों में लिया जाता है। वह आईपीएल इतिहास में
सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में शीर्ष पर हैं और 2026 सीजन में पंजाब किंग्स का हिस्सा रहे हैं।
टी20 क्रिकेट में उनकी विविधता, गुगली और बीच के ओवरों में
विकेट लेने की क्षमता ने उन्हें लंबे समय तक एक प्रभावी गेंदबाज बनाए रखा है।
आगे क्या करेंगे चहल?
फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से संन्यास के बाद चहल का फोकस अब सीमित ओवरों के क्रिकेट पर रहेगा।
उनके बयान से स्पष्ट है कि वह वनडे और टी20 क्रिकेट में अभी और खेलना चाहते हैं।
हालांकि, भारतीय टीम में वापसी के लिए उन्हें घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में
अपने प्रदर्शन के जरिए चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित करना होगा।
चहल का भावुक संदेश
चहल ने अपने संदेश में रेड-बॉल क्रिकेट से जुड़े वर्षों को याद करते हुए कहा कि
इस प्रारूप ने उन्हें जीवन की कई महत्वपूर्ण सीख दीं। उन्होंने
हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन और अपने समर्थकों का भी आभार जताया।
10 साल की उम्र में लाल गेंद से शुरू हुआ
उनका क्रिकेट सफर अब फर्स्ट-क्लास स्तर पर समाप्त हो गया है,
लेकिन सीमित ओवरों के क्रिकेट को लेकर उनकी महत्वाकांक्षा अभी कायम है।
निष्कर्ष
युजवेंद्र चहल ने 2 अक्टूबर 2026 को फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी।
49 मैचों में 148 विकेट लेने वाले चहल ने रेड-बॉल क्रिकेट को अलविदा कहा, लेकिन वनडे और
टी20 क्रिकेट में खेलने की इच्छा बरकरार रखी है। भारत के लिए टेस्ट खेलने का उनका
सपना पूरा नहीं हो सका, जिसका उन्होंने अपने विदाई संदेश में अफसोस भी जताया।
अब नजर इस बात पर होगी कि सीमित ओवरों में वह भारतीय टीम में वापसी कर पाते हैं या नहीं।
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