US-Iran Tensions
अमेरिका-ईरान तनाव ने लिया खतरनाक मोड़,
पश्चिम एशिया में एक बार फिर युद्ध जैसे हालात बनते दिखाई दे रहे हैं। अमेरिका ने दक्षिणी ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी मिसाइल लॉन्च साइटों और माइन बिछा रही नौकाओं पर बड़ा हवाई हमला किया है। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई ताकि क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों और युद्धपोतों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस घटनाक्रम के बाद पूरी दुनिया की नजरें अब अमेरिका और ईरान के बढ़ते तनाव पर टिक गई हैं।,
क्यों किया अमेरिका ने हमला?,
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के अनुसार ईरानी बलों की गतिविधियां लगातार अमेरिकी जहाजों और सैनिकों के लिए खतरा बन रही थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक होर्मुज जलडमरूमध्य के पास कुछ ईरानी नौकाएं समुद्री माइन बिछाने की तैयारी कर रही थीं, जबकि कई मिसाइल लॉन्च साइट भी सक्रिय नजर आईं। इसी के बाद अमेरिका ने सीमित लेकिन बेहद सटीक एयर स्ट्राइक की। अमेरिकी सेना का दावा है कि इस कार्रवाई में केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।,
क्या बोले अमेरिकी अधिकारी?,
CENTCOM के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सेना ने “आत्मरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता” के लिए यह कदम उठाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपने सैनिकों और सहयोगियों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान संयम बरता गया ताकि आम नागरिकों को नुकसान न पहुंचे।,
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना अहम?,
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। अगर यहां तनाव बढ़ता है, तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष से अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।,
ट्रंप ने दी यूरेनियम नष्ट करने की चेतावनी,
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी ईरान को लेकर सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के संवर्धित यूरेनियम कार्यक्रम को खत्म करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान गुप्त रूप से अपनी परमाणु क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि ईरान लगातार यह दावा करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।,
बातचीत के बीच बढ़ा सैन्य तनाव,
सबसे बड़ी बात यह है कि यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम और परमाणु समझौते को लेकर बातचीत जारी है। कई अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ताजा सैन्य कार्रवाई ने हालात और जटिल बना दिए हैं। विशेषज्ञों को डर है कि
अगर हालात नहीं संभले तो पूरा पश्चिम एशिया बड़े संघर्ष की चपेट में आ सकता है।,
ईरान की तरफ से क्या आया जवाब?,
ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी कार्रवाई को उकसावे वाली हरकत बताया है। ईरान का कहना है कि
वह अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।
हालांकि अब तक ईरान ने सीधे जवाबी हमले की पुष्टि नहीं की है,
लेकिन क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही हैं।,
दुनिया की बढ़ी चिंता,
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने चिंता जताई है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए
समाधान निकालने की अपील कर रहा है। दुनिया को डर है कि अगर हालात बिगड़े तो
इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।,
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