वंदे मातरम् विवाद
नई दिल्ली। वंदे मातरम् को लेकर देश की राजनीति में एक बार फिर तीखी बहस शुरू हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के गायन के दौरान उसे बीच में रोकने के लिए कहा गया। अमित शाह ने इस कथित घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और कहा कि देश की जनता इसे कभी माफ नहीं करेगी।
अमित शाह ने यह बयान राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक जनसभा के दौरान दिया। उन्होंने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति के चलते वंदे मातरम् को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले से वंदे मातरम् को फिर प्रमुखता दिए जाने की बात कही।
वंदे मातरम् को लेकर क्या है विवाद?
दरअसल, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के गायन को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ। अमित शाह ने दावा किया कि जब कांग्रेस कार्यालय में वंदे मातरम् गाया जा रहा था, उस दौरान सोनिया गांधी ने पार्टी अध्यक्ष से इसे रोकने के लिए कहा।
इसी आरोप को आधार बनाकर गृह मंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा राजनीतिक हमला किया। उन्होंने कहा कि देश की जनता इस पूरे घटनाक्रम को देख रही है और कांग्रेस को इस पर जवाब देना चाहिए।
हालांकि, सोनिया गांधी की ओर से इस आरोप पर तत्काल प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में सामने नहीं आई है। इसलिए पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दावों और उपलब्ध वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
अमित शाह ने सोनिया गांधी को घेरा
अमित शाह ने अपने संबोधन में सोनिया गांधी पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि वंदे मातरम् जैसे राष्ट्रीय गीत को अधूरा छोड़ने की बात स्वीकार नहीं की जा सकती।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं से इस मुद्दे पर माफी मांगने की मांग भी की। गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और देश की जनता के सामने अपना पक्ष रखना चाहिए।
अमित शाह का यह बयान सामने आने के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
80 साल बाद फिर सम्मान मिलने का दावा
अमित शाह ने अपने भाषण में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 80 साल बाद इस गीत को फिर से सम्मान मिलने की बात सामने आई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से वंदे मातरम् को नया महत्व देने का काम किया है। गृह मंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी ने राजनीतिक कारणों से इस गीत को वह सम्मान नहीं दिया, जिसका वह हकदार है।
भाजपा और कांग्रेस में बढ़ी सियासी गर्मी
वंदे मातरम् का मुद्दा अब राजनीतिक बयानबाजी के केंद्र में आ गया है। भाजपा नेता इसे राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय सम्मान से जोड़कर कांग्रेस पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कांग्रेस की ओर से इस पूरे विवाद पर उसका आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
राजनीतिक विश्लेषण के लिहाज से देखें तो राष्ट्रीय गीत से जुड़ा मुद्दा भावनात्मक होने के कारण इसका असर व्यापक हो सकता है। यही वजह है कि अमित शाह के बयान के बाद भाजपा नेताओं की ओर से कांग्रेस पर हमले और तेज होने की संभावना है।
सोनिया गांधी के खिलाफ पुलिस शिकायत
विवाद के बीच कर्नाटक के मंगलुरु में भाजपा नेता विकास पुत्तूर ने सोनिया गांधी के खिलाफ उरवा पुलिस स्टेशन में शिकायत भी दर्ज कराई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम् के गायन को बीच में रोकने के लिए कहा। भाजपा नेता ने पुलिस से मामले में FIR दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और उनके आधार पर किसी संभावित कानूनी कार्रवाई को अलग-अलग चरणों में देखा जाना चाहिए। शिकायत दर्ज होना अपने आप में आरोपों के साबित होने का प्रमाण नहीं है।
वंदे मातरम् को लेकर पहले भी रही है राजनीतिक बहस
वंदे मातरम् भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से गहराई से जुड़ा गीत रहा है और
लंबे समय से देश की राजनीतिक एवं सांस्कृतिक बहस का हिस्सा रहा है।
समय-समय पर इसके गायन, शब्दों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में इसके
इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आते रहे हैं। अब स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम से
जुड़ा ताजा विवाद भी उसी बहस को आगे बढ़ाता नजर आ रहा है।
इस बार विवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें सीधे तौर पर
भाजपा और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं।
अमित शाह ने कांग्रेस से मांगी माफी
अमित शाह ने कांग्रेस नेताओं से इस मामले पर माफी मांगने की अपील की। उनका कहना था कि
वंदे मातरम् को लेकर किसी भी तरह की आपत्ति देश की भावनाओं से जुड़ा विषय है।
उन्होंने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
गृह मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रवाद से
जुड़े मुद्दे लगातार राजनीतिक विमर्श में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।
अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि कार्यक्रम में पहुंचे अमित शाह
वंदे मातरम् विवाद पर बयान देने से पहले अमित शाह राजस्थान में पूर्व प्रधानमंत्री
अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि से जुड़े कार्यक्रम में शामिल हुए।
उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया।
कार्यक्रम में वाजपेयी के राजनीतिक योगदान और देश के लिए उनके कार्यों को याद किया गया।
इसके बाद जनसभा में अमित शाह ने वंदे मातरम् विवाद सहित कई राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी।
आगे और बढ़ सकता है विवाद
अमित शाह के बयान और सोनिया गांधी के खिलाफ दर्ज शिकायत के बाद
यह विवाद आने वाले दिनों में और राजनीतिक रंग ले सकता है।
यदि कांग्रेस इस आरोप पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देती है तो
राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
वहीं भाजपा इस मुद्दे को राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय सम्मान से जोड़कर आगे उठा सकती है।
फिलहाल विवाद का केंद्र यही आरोप है कि कांग्रेस मुख्यालय में
वंदे मातरम् के गायन को कथित तौर पर बीच में रोकने के लिए कहा गया। इस
दावे की राजनीतिक व्याख्या अलग-अलग दल अपने तरीके से कर रहे हैं।
निष्कर्ष
वंदे मातरम् विवाद ने भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव को और बढ़ा दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री
अमित शाह ने सोनिया गांधी पर गंभीर आरोप लगाते हुए
कहा कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के गायन को बीच
में रोकने के लिए कहा गया था। उन्होंने कांग्रेस से इस मामले पर माफी मांगने की मांग की।
वहीं, कर्नाटक के मंगलुरु में भाजपा नेता की ओर से सोनिया
गांधी के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराए जाने से
मामला राजनीतिक बयानबाजी से आगे कानूनी प्रक्रिया की दिशा में भी बढ़ता दिखाई दे रहा है।
फिलहाल आरोपों पर कांग्रेस का आधिकारिक पक्ष और शिकायत पर पुलिस की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी।
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