Ankit Baliyan Murder Case
हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड की जांच के बीच सोशल मीडिया पर सामने आई एक नई इंस्टाग्राम पोस्ट ने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। ‘भोलू शाहपुरिया’ के नाम से बनी एक इंस्टाग्राम आईडी से वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि अंकित हत्याकांड में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए सुमित और मोहित का एनकाउंटर नहीं हुआ था, बल्कि उनकी हत्या की गई थी।
हालांकि, इस पोस्ट में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। शामली पुलिस ने भी पोस्ट और संबंधित इंस्टाग्राम आईडी की सत्यता की जांच शुरू कर दी है।
वायरल पोस्ट में क्या दावा किया गया?
रिपोर्ट के अनुसार, बृहस्पतिवार शाम ‘भोलू शाहपुरिया’ के नाम से संचालित बताई जा रही इंस्टाग्राम आईडी से एक पोस्ट सामने आई। इसमें सुमित और मोहित की पुलिस मुठभेड़ में मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पोस्ट में दावा किया गया कि दोनों को 30 अगस्त की रात अमृतसर में गोल्डन टेंपल के पास स्थित एक होटल से उठाया गया था और बाद में उन्हें शामली लाकर मार दिया गया। पोस्ट में पुलिस की मुठभेड़ की कहानी को भी गलत बताया गया है।
लेकिन फिलहाल ये बातें सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावे भर हैं। पुलिस जांच पूरी होने तक इन्हें प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
अंकित बालियान को भी बताया गया निर्दोष
वायरल पोस्ट में अंकित बालियान को निर्दोष बताए जाने का भी दावा किया गया है। पोस्ट में कुछ सोशल मीडिया गतिविधियों से खुद को अलग बताया गया और अंत में ‘गोगी भाई’ शब्द का इस्तेमाल किया गया।
इस पोस्ट के सामने आने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि वास्तव में यह अकाउंट किसका है और इसे कौन चला रहा है।
पुलिस कर रही इंस्टाग्राम आईडी की जांच
शामली के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पोस्ट वास्तव में किस व्यक्ति ने अपलोड की थी।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि इंस्टाग्राम आईडी वास्तव में भोलू शाहपुरिया की है या किसी अन्य व्यक्ति ने उसके नाम का इस्तेमाल करके फर्जी अकाउंट बनाया है। पुलिस पोस्ट की सामग्री के साथ-साथ उससे जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है।
पहले भी इसी नाम से सामने आई थी पोस्ट
अंकित बालियान हत्याकांड में सोशल मीडिया का इस्तेमाल पहले भी जांच का अहम हिस्सा रहा है। 27 अगस्त को इसी नाम से एक पोस्ट सामने आई थी, जिसमें अंकित की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था।
उस पोस्ट में अंकित पर विरोधी पक्ष का साथ देने और गोगी गिरोह के खिलाफ गाना बनाने जैसे आरोप लगाए गए थे। पुलिस की पिछली जांच में यह बात सामने आई थी कि कथित जिम्मेदारी वाली पोस्ट कनाडा और अमेरिका में बैठे कुछ लोगों द्वारा भोलू शाहपुरिया के नाम से डाले जाने की आशंका थी।
31 अगस्त को मुठभेड़ में मारे गए थे सुमित और मोहित
अंकित बालियान की 26 अगस्त को शामली में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इसके बाद पुलिस ने मामले में संदिग्ध शूटरों की तलाश शुरू की।
31 अगस्त को शामली में पुलिस और संदिग्ध बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें सुमित और
मोहित की मौत हो गई। पुलिस ने दोनों को अंकित बालियान हत्याकांड से जुड़ा संदिग्ध बताया था।
पुलिस की जांच में दोनों के गोगी गिरोह से जुड़े होने की बात भी सामने आई थी।
मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश जारी बताई गई है।
अब एनकाउंटर की कार्रवाई भी जांच के घेरे में
सुमित और मोहित की मौत के बाद पुलिस मुठभेड़ को लेकर सवाल उठाने वाली नई सोशल मीडिया
पोस्ट सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग की ओर से भी शामली
जिलाधिकारी से इस मुठभेड़ के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगे जाने की प्रक्रिया सामने आई है।
ऐसे में वायरल पोस्ट के दावे और आधिकारिक जांच—दोनों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
पोस्ट में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
अंकित हत्याकांड में सोशल मीडिया बना अहम कड़ी
इस पूरे मामले में सोशल मीडिया गतिविधियां पुलिस जांच का महत्वपूर्ण
हिस्सा बनती जा रही हैं। पुलिस पहले भी कथित धमकी और जिम्मेदारी लेने वाली
पोस्ट के पीछे वास्तविक लोगों का पता लगाने की कोशिश कर चुकी है।
अब नई पोस्ट सामने आने के बाद जांच एजेंसियां अकाउंट की तकनीकी जानकारी,
पोस्ट अपलोड करने वाले व्यक्ति और इसके पीछे संभावित नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।
क्या सच में हुआ था एनकाउंटर या हत्या? जांच के बाद होगा खुलासा
वायरल पोस्ट में पुलिस मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए सुमित और मोहित की हत्या किए
जाने का दावा किया गया है। लेकिन अभी तक ऐसा कोई स्वतंत्र
प्रमाण सामने नहीं आया है, जिससे इस दावे को सही माना जा सके।
दूसरी ओर पुलिस अपने स्तर पर पोस्ट की सत्यता और मुठभेड़ से जुड़े सवालों की जांच कर रही है।
इसलिए फिलहाल इस मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
निष्कर्ष
अंकित बालियान हत्याकांड में ‘भोलू शाहपुरिया’ के नाम से सामने आई
नई इंस्टाग्राम पोस्ट ने जांच के बीच एक नया सवाल जरूर खड़ा कर दिया है।
पोस्ट में सुमित और मोहित की पुलिस मुठभेड़ को हत्या बताया गया है और
अमृतसर से उन्हें उठाए जाने का दावा किया गया है।
लेकिन इन आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इंस्टाग्राम आईडी,
पोस्ट और उसके पीछे मौजूद लोगों की पहचान की जांच कर रही है। इसलिए मामले की वास्तविक तस्वीर
पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
read this post :US Iran War: ट्रंप के मंत्री ने कहा- ‘ईरान युद्ध में कोई अमेरिकी नहीं मरा’, फिर मांगी माफी; बोले- 18 जवानों की गई जान
