अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को लेकर अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ मंत्री के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने एक इंटरव्यू के दौरान दावा कर दिया था कि ईरान युद्ध में किसी अमेरिकी की मौत नहीं हुई है। बाद में उन्होंने अपने बयान को गलती बताते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और स्वीकार किया कि युद्ध में अमेरिकी सेना के 18 जवानों की मौत हो चुकी है।
लुटनिक ने कहा कि उनसे बोलने में गलती हुई थी और उन्होंने ईरान के बजाय वेनेजुएला में हुए अमेरिकी सैन्य अभियान के बारे में सोचते हुए यह बात कही थी।
इंटरव्यू में लुटनिक ने क्या कहा था?
हॉवर्ड लुटनिक ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान ईरान के खिलाफ अमेरिकी रणनीति पर बात करते हुए कहा था कि इस संघर्ष में किसी अमेरिकी की मौत नहीं हुई है। उन्होंने युद्ध को मुख्य रूप से आर्थिक दबाव की रणनीति के तौर पर पेश किया।
उनका यह बयान सामने आने के बाद सवाल उठने लगे, क्योंकि अमेरिकी सैन्य आंकड़ों के मुताबिक ईरान युद्ध में अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत हो चुकी है।
रिपोर्टों के अनुसार, लुटनिक ने यह टिप्पणी 2 सितंबर को CNBC के एक इंटरव्यू में की थी।
बाद में माना- ‘मुझसे गलती हुई’
विवाद बढ़ने के बाद लुटनिक ने अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि वह बोलते समय वेनेजुएला में हुए अमेरिकी सैन्य अभियान के बारे में सोच रहे थे, जहां अमेरिकी सैनिकों की मौत नहीं हुई थी।
लुटनिक ने स्वीकार किया कि ईरान युद्ध में 18 अमेरिकी सैन्यकर्मियों की जान जा चुकी है। उन्होंने मृत सैनिकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि उन्हें इस गलती का बेहद अफसोस है।
ईरान युद्ध में 18 अमेरिकी सैनिकों की मौत
उपलब्ध अमेरिकी आंकड़ों के अनुसार ईरान संघर्ष में अब तक 18 अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत हुई है, जबकि 750 से ज्यादा सैनिक घायल बताए गए हैं।
यही आंकड़ा लुटनिक के शुरुआती बयान पर सबसे बड़ा सवाल खड़ा करता है। एक वरिष्ठ अमेरिकी मंत्री का युद्ध में हुई सैन्य मौतों से जुड़े आंकड़े को गलत तरीके से पेश करना राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने किया लुटनिक का बचाव
लुटनिक की सफाई से कुछ समय पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनका बचाव किया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि लुटनिक के दिमाग में उस समय वेनेजुएला का सैन्य अभियान था, इसलिए उन्होंने यह बात कही।
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान में 18 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है। इसके बाद लुटनिक ने सार्वजनिक तौर पर अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी जारी की।
बयान ऐसे समय आया जब युद्ध के आंकड़ों पर पहले से सवाल
लुटनिक का बयान ऐसे समय आया है जब ईरान युद्ध में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने और
घायल होने से जुड़े आंकड़ों को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में अमेरिकी रक्षा विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों में
कुछ मौतों और घायलों की संख्या में बदलाव किए जाने को लेकर भी चर्चा हुई थी।
अमेरिकी रक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से युद्ध में
सैन्यकर्मियों की मौतों की रिपोर्टिंग को लेकर मीडिया कवरेज पर पहले भी टिप्पणियां सामने आई हैं।
लुटनिक ने 9/11 का भी किया जिक्र
माफी जारी करते हुए लुटनिक ने अमेरिकी सैनिकों के बलिदान की बात कही। उन्होंने आगामी
9/11 की 25वीं बरसी का जिक्र करते हुए अमेरिकी सेना के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव का भी उल्लेख किया और बताया कि 9/11 के हमलों में उन्होंने अपने
भाई और करीबी लोगों को खोया था। उनका कहना था कि ऐसी त्रासदी दोबारा नहीं होनी चाहिए।
गलती ने क्यों खड़ा किया बड़ा विवाद?
किसी युद्ध में सैन्यकर्मियों की मौत एक बेहद संवेदनशील विषय होता है।
ऐसे में अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ मंत्री द्वारा पहले यह कहना कि कोई अमेरिकी नहीं मरा और बाद में
18 मौतों को स्वीकार करना स्वाभाविक रूप से विवाद का कारण बना।
हालांकि लुटनिक ने इसे जानबूझकर दिया गया बयान नहीं बताया और वेनेजुएला के
अभियान से भ्रम होने की बात कही। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इसी वजह को उनके बचाव में इस्तेमाल किया।
अमेरिका-ईरान युद्ध पर बढ़ी नजर
लुटनिक का बयान और उसके बाद माफी ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिका-ईरान
संघर्ष को लेकर पूरी दुनिया की नजरें बनी हुई हैं। युद्ध में अमेरिकी सैनिकों की मौत और बड़ी संख्या में
जवानों के घायल होने के आंकड़े इस संघर्ष की गंभीरता को दर्शाते हैं।
आने वाले दिनों में अमेरिकी प्रशासन की ओर से युद्ध की स्थिति, सैन्य नुकसान और
आगे की रणनीति को लेकर और जानकारी सामने आने की संभावना है।
निष्कर्ष
अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के एक गलत बयान ने ईरान युद्ध में
अमेरिकी सैन्य नुकसान को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पहले उन्होंने अमेरिकी मौतों से इनकार किया,
लेकिन बाद में 18 अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत स्वीकार करते हुए माफी मांगी।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लुटनिक का बचाव करते हुए कहा कि उनके मन में वेनेजुएला का अभियान था।
अब इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा ध्यान इस बात पर है कि आगे अमेरिकी प्रशासन
युद्ध में होने वाले सैन्य नुकसान और आंकड़ों को किस तरह सार्वजनिक करता है।
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