बागपत डबल मर्डर केस
बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत में दो दोस्तों की हत्या के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। सिंगौली तगा गांव के अंकित प्रजापति और उसके दोस्त इसरार की हत्या के मामले में आरोपी कृष्ण यादव ने पुलिस पूछताछ के दौरान कथित तौर पर साधु नरेश नाथ से जुड़ी कई जानकारियां दी हैं। कृष्ण के मुताबिक, करीब एक साल पहले सोशल मीडिया के जरिए उसकी साधु से बातचीत शुरू हुई थी और बाद में वह उसका शिष्य बन गया।
पुलिस जांच में सामने आए बयानों के मुताबिक, कृष्ण अपनी बहन की संतान संबंधी परेशानी को लेकर साधु के संपर्क में आया था। इसके बाद साधु ने कथित तौर पर तंत्र क्रिया के जरिए समस्या दूर करने का भरोसा दिया। कृष्ण का दावा है कि बाद में उसकी बहन ने बच्चे को जन्म दिया। इसी घटना से प्रभावित होकर वह साधु के करीब आता गया और अंततः उसका शिष्य बन गया।
सोशल मीडिया वीडियो देखकर साधु से जुड़ा कृष्ण
आरोपी कृष्ण यादव के कथित बयान के अनुसार, करीब एक साल पहले साधु नरेश नाथ सिंगौली तगा गांव के एक मंदिर में रहता था। वह मंदिर से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था।
कृष्ण ने इन वीडियो को देखा और इसके बाद सोशल मीडिया के माध्यम से साधु से संपर्क किया। बातचीत आगे बढ़ी तो उसने अपनी बहन की समस्या के बारे में साधु को बताया। कृष्ण के अनुसार, उसकी बहन की शादी को कई साल हो चुके थे, लेकिन संतान नहीं थी।
इसके बाद कृष्ण अपनी बहन को साधु के पास लेकर गया। यहां से दोनों के बीच नजदीकी बढ़ने की बात सामने आई है।
बहन को बच्चा होने के बाद बढ़ा भरोसा
कृष्ण ने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि साधु ने उसकी बहन की समस्या का समाधान तंत्र क्रिया के जरिए कराने का भरोसा दिया था। बाद में उसकी बहन गर्भवती हुई और उसने बच्चे को जन्म दिया।
कृष्ण ने इस घटना को साधु के प्रभाव से जोड़कर देखा और उससे काफी प्रभावित हो गया। इसके बाद वह साधु का शिष्य बन गया और उसके साथ मंदिर में रहने लगा।
हालांकि, किसी धार्मिक या तांत्रिक क्रिया से गर्भधारण होने का दावा वैज्ञानिक रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। इस मामले में कृष्ण द्वारा बताए गए घटनाक्रम को फिलहाल जांच के दौरान सामने आया कथित बयान ही माना जाना चाहिए।
साधु पर सट्टे के नंबर देने का भी आरोप
जांच के दौरान साधु नरेश नाथ को लेकर एक और गंभीर बात सामने आई है। आरोपी कृष्ण के कथित बयान के मुताबिक, साधु तंत्र क्रिया के साथ-साथ सट्टे के नंबरों से भी जुड़ा हुआ था।
बताया गया कि सट्टे के नंबरों के सिलसिले में दिल्ली, हरियाणा समेत दूसरे राज्यों से भी लोग उसके पास आते थे। सट्टे की रकम को लेकर कुछ लोगों से विवाद होने की बात भी सामने आई है।
अगर जांच में ये आरोप सही साबित होते हैं तो साधु की गतिविधियों का दायरा केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहने का संकेत मिलेगा।
डेरे में बढ़ती गईं सुविधाएं
ग्रामीणों के अनुसार, दिसंबर 2025 में साधु नरेश नाथ बाबा हरनामदास महाराज के डेरे पर आया था। उसके आने के बाद डेरे में कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गईं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, वहां CCTV कैमरे, AC, LED और वॉशिंग मशीन जैसी चीजें लगाई गईं। इससे ग्रामीणों के बीच साधु की गतिविधियों को लेकर चर्चा बढ़ी।
बताया गया कि धीरे-धीरे साधु के परिचित और दूसरे लोग भी डेरे पर आने लगे। स्थानीय ग्रामीणों ने बाहरी लोगों की आवाजाही को लेकर भी सवाल उठाए।
तंत्र क्रिया के नाम पर पैसे लेने का आरोप
स्थानीय लोगों की ओर से साधु पर तंत्र क्रिया के नाम पर पैसे लेने के आरोप भी लगाए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, गांव के कुछ लोगों ने दावा किया कि उन्होंने तंत्र क्रिया के लिए साधु को पैसे दिए थे। बाद में जब लोगों ने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो विवाद की स्थिति भी बनी।
इन आरोपों की वास्तविकता जांच का विषय है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर सकती है कि साधु के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और उसके जरिए किस तरह की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
दो दोस्तों की हत्या से जुड़ा मामला
यह पूरा घटनाक्रम अंकित प्रजापति और उसके दोस्त इसरार की हत्या की जांच के बीच सामने आया है।
दोनों की हत्या के मामले में साधु नरेश नाथ और अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
मामले में आरोपी कृष्ण यादव से पूछताछ के दौरान साधु से
उसके संबंध और मंदिर में रहने से जुड़ी जानकारी सामने आई है।
जांच एजेंसियां अब इन बयानों को दूसरे सबूतों से मिलाने की कोशिश कर रही हैं।
किसी आरोपी का बयान अपने आप में अंतिम प्रमाण नहीं होता।
इसलिए पुलिस को इन दावों की पुष्टि स्वतंत्र साक्ष्यों के आधार पर करनी होगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह स्पष्ट नहीं
दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट के अनुसार,
प्रारंभिक पोस्टमार्टम से मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका।
इसके बाद दोनों शवों से बिसरा सुरक्षित किया गया है। अब इसे प्रयोगशाला में
जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद मौत की परिस्थितियों और
संभावित कारणों को लेकर जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है।
फिलहाल पोस्टमार्टम से मौत का कारण स्पष्ट न होना जांचकर्ताओं के लिए अहम बिंदु बना हुआ है।
पुलिस के सामने कई सवाल
इस डबल मर्डर केस में पुलिस के सामने कई सवाल हैं। सबसे बड़ा सवाल दोनों
दोस्तों की मौत के पीछे की वास्तविक वजह का है।
इसके अलावा जांच एजेंसियों को यह पता लगाना है कि दोनों
मृतकों का आरोपियों से क्या संबंध था, घटना से पहले
उनके बीच कोई विवाद हुआ था या नहीं और साधु की कथित गतिविधियों का हत्या से क्या संबंध है।
पुलिस को आरोपियों के बयानों के अलावा मोबाइल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, घटनास्थल से मिले
साक्ष्य और फोरेंसिक रिपोर्ट से भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीणों में पहले से थी नाराजगी
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, साधु के डेरे पर बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ने से
उन्हें परेशानी होने लगी थी। रात के समय भी लोगों के आने-जाने को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई थी।
ग्रामीणों के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के जरिए ही हो सकेगी।
हालांकि डबल मर्डर के बाद ये पुराने आरोप भी पुलिस की जांच के दायरे में आ गए हैं।
जांच रिपोर्ट से खुलेगा पूरा राज
बागपत का यह मामला अब सिर्फ दो हत्याओं की जांच तक
सीमित नहीं रह गया है। साधु के कथित तंत्र क्रिया से
जुड़े नेटवर्क, सट्टे के नंबरों और डेरे पर आने-जाने वाले लोगों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस अगर इन सभी कड़ियों को जोड़ने में सफल रहती है तो यह पता चल सकता है कि
हत्या की घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इसमें किस-किस व्यक्ति की भूमिका रही।
फिलहाल जांच जारी है और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार भी किया जा रहा है।
निष्कर्ष
बागपत के सिंगौली तगा गांव में दो दोस्तों की हत्या की जांच के दौरान आरोपी कृष्ण यादव के
कथित बयान से साधु नरेश नाथ से जुड़े कई पहलू सामने आए हैं। कृष्ण के अनुसार,
बहन की संतान संबंधी समस्या के दौरान साधु के संपर्क में आने के बाद
वह उसका शिष्य बन गया था। बाद में वह साधु के साथ मंदिर में रहने लगा।
जांच में साधु पर कथित तौर पर तंत्र क्रिया और सट्टे के नंबरों से
जुड़ी गतिविधियों के आरोप भी सामने आए हैं।
वहीं, अंकित और इसरार की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का
स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है और बिसरा जांच के लिए सुरक्षित किया गया है।
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