गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज
Gorakhpur के BRD मेडिकल कॉलेज में रैगिंग से मचा हड़कंप
गोरखपुर के Baba Raghav Das Medical College में रैगिंग के गंभीर मामले ने मेडिकल शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है। कॉलेज प्रशासन ने 18 वरिष्ठ MBBS छात्रों को दोषी मानते हुए एक महीने के लिए निलंबित कर दिया है। साथ ही प्रत्येक छात्र पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
बताया जा रहा है कि जूनियर छात्रों ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) और UGC से शिकायत की थी, जिसके बाद मामला सामने आया।
तीन दिन तक चलता रहा कथित उत्पीड़न
रिपोर्ट्स के अनुसार प्रथम वर्ष के छात्रों ने आरोप लगाया कि कई दिनों तक उनका मानसिक उत्पीड़न किया गया। शिकायत मिलने के बाद कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी ने जांच शुरू की और CCTV फुटेज समेत कई पहलुओं की जांच की गई।
जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद कॉलेज प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की।
एंटी रैगिंग कमेटी ने लिया बड़ा फैसला
कॉलेज प्रशासन ने साफ कहा है कि रैगिंग किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए गए छात्रों को एक महीने के लिए कॉलेज और हॉस्टल से निलंबित किया गया है। इसके अलावा 25 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया।
BRD मेडिकल कॉलेज की आधिकारिक एंटी रैगिंग नीति के अनुसार रैगिंग को गंभीर अपराध माना जाता है और इसके लिए निलंबन से लेकर निष्कासन तक की कार्रवाई की जा सकती है।
NMC और UGC तक पहुंची शिकायत
सूत्रों के मुताबिक जूनियर छात्रों ने सीधे राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को शिकायत भेजी थी। इसके बाद कॉलेज प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि अब मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग के
मामलों को लेकर निगरानी और ज्यादा सख्त होती जा रही है।
पहले भी विवादों में रहा है BRD मेडिकल कॉलेज
Baba Raghav Das Medical College पहले भी कई विवादों को लेकर चर्चा में रह चुका है।
कॉलेज में एंटी रैगिंग नियमों को लेकर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। 2024 में भी सात छात्रों को
जूनियर हॉस्टल में बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में निलंबित किया गया था।
मेडिकल कॉलेजों में क्यों बढ़ रही चिंता?
विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई का दबाव पहले से ही काफी अधिक होता है।
ऐसे में रैगिंग जैसी घटनाएं नए छात्रों पर गंभीर मानसिक असर डाल सकती हैं।
इसी वजह से NMC और UGC ने देशभर के मेडिकल कॉलेजों को
एंटी रैगिंग नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा
इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
कई यूजर्स ने मेडिकल कॉलेजों में सख्त निगरानी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
कुछ लोगों ने कहा कि डॉक्टर बनने वाले छात्रों से इस तरह के व्यवहार की उम्मीद नहीं की जा सकती।
कॉलेज प्रशासन ने दी चेतावनी
कॉलेज प्राचार्य ने कहा कि संस्थान को “रैगिंग फ्री कैंपस” बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
भविष्य में अगर कोई छात्र इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाया गया तो और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज में 18 MBBS छात्रों पर हुई कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि
अब रैगिंग के मामलों में प्रशासन किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहता। मेडिकल संस्थानों में
सुरक्षित और सकारात्मक माहौल बनाए रखने के लिए सख्त कदम जरूरी माने जा रहे हैं।
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