मिठाई प्रतिष्ठान में गंदगी
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से खाद्य सुरक्षा और मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। काकोरी क्षेत्र के हरदोईया लालनगर स्थित एक मिठाई प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने निरीक्षण के दौरान ऐसी स्थिति देखी, जिसने स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। जांच के दौरान परिसर में करीब 40 से 50 भैंसें बंधी मिलीं और उनके आसपास मौजूद गंदगी तथा गोबर के छींटे तैयार हो रही मिठाइयों तक पहुंच रहे थे।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध और दूषित खाद्य सामग्री बरामद की। मौके पर मिठाई तैयार करने के लिए रखा गया करीब 1,000 लीटर घोल भी मिला, जिसमें मरी हुई मक्खियां पाई गईं। इसके अलावा अलग-अलग प्रकार की करीब 1,675 किलो मिठाइयां दूषित स्थिति में मिलीं।
काकोरी के मिठाई प्रतिष्ठान में मिली गंभीर गंदगी
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने काकोरी क्षेत्र के हरदोईया लालनगर स्थित शिवाछी स्वीट का निरीक्षण किया। टीम को परिसर में मिठाई बनाने की जगह के आसपास अस्वच्छ वातावरण मिला। रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी संख्या में भैंसें उसी परिसर में बंधी थीं और उनके गोबर के छींटे तैयार मिठाइयों तक पहुंच रहे थे।
खाद्य पदार्थों के निर्माण स्थल के आसपास इस तरह की स्थिति मिलने के बाद अधिकारियों ने प्रतिष्ठान के संचालन को तत्काल रोकने का निर्णय लिया। विभाग ने मौके पर मिली सामग्री को सुरक्षित कर आगे की कार्रवाई शुरू की।
1,000 लीटर मिठाई के घोल में मिलीं मरी हुई मक्खियां
निरीक्षण के दौरान लगभग 1,000 लीटर मिठाई बनाने का घोल अधिकारियों को मिला। इस घोल में मरी हुई मक्खियां पाई गईं। खाद्य पदार्थ तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले घोल की ऐसी स्थिति ने साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
इसके अलावा टीम ने बड़ी मात्रा में तैयार मिठाइयां भी संदिग्ध अवस्था में पाईं। रिपोर्ट के अनुसार इनमें लगभग 1,000 किलो कलाकंद, 300 किलो डोडा बर्फी, 350 किलो चिकनी बर्फी और 25 किलो पेड़ा शामिल था। इन सभी खाद्य पदार्थों को दूषित पाए जाने के बाद नष्ट कराने की कार्रवाई तय की गई।
2,675 किलो खाद्य पदार्थ नष्ट कराने का फैसला
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के दौरान कुल 2,675 किलो दूषित खाद्य पदार्थ नष्ट कराने का निर्णय लिया गया। कार्रवाई देर रात तक चलने के कारण संबंधित सामग्री को एक कमरे में रखकर सील कर दिया गया। विभाग के अनुसार अगले दिन टीम की मौजूदगी में इसे नष्ट कराया जाना था।
इस कार्रवाई का उद्देश्य ऐसी खाद्य सामग्री को बाजार में पहुंचने से रोकना था, जिसे निरीक्षण के दौरान मानव उपभोग के लिए असुरक्षित या दूषित माना गया।
686 किलो अन्य खाद्य सामग्री भी जब्त
जांच के दौरान टीम ने करीब 686 किलो खाद्य सामग्री भी जब्त की। इसकी अनुमानित कीमत 79,170 रुपये बताई गई है। जब्त सामग्री में सूजी, स्किम्ड मिल्क पाउडर, बूंदी, मूंगफली, गरी लच्छा, फिटकरी और अन्य सामान शामिल था।
विभाग ने मौके से कुल 15 नमूने भी लिए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की दिशा तय हो सकती है।
करीब 25 कर्मचारी बिना एप्रेन और दस्ताने के मिले
खाद्य सुरक्षा टीम को निरीक्षण के दौरान केवल मिठाई और घोल में ही अनियमितता नहीं मिली, बल्कि वहां काम करने वाले कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। रिपोर्ट के अनुसार करीब 25 कर्मचारी बिना एप्रेन, सिर ढकने वाले कपड़े और दस्ताने के काम करते पाए गए।
इसके अलावा कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं कराया गया था। खाद्य निर्माण प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों की स्वच्छता और स्वास्थ्य को लेकर बरती जाने वाली सावधानियों के अभाव को विभाग ने गंभीरता से लिया।
खुली नाली और गंदा पानी भी मिला
निरीक्षण के दौरान परिसर में खुली नाली और गंदा पानी भी मिला। मिठाई तैयार करने वाले स्थान के आसपास इस तरह की गंदगी खाद्य पदार्थों के दूषित होने की आशंका को बढ़ा सकती है।
खाद्य सुरक्षा टीम ने मौके की स्थिति को देखते हुए प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई की और संचालन बंद कराया।
संचालक को कारण बताओ नोटिस
विभाग ने प्रतिष्ठान के संचालक संजीत कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे प्रतिष्ठान में मिली अनियमितताओं को लेकर जवाब मांगा गया है।
अधिकारियों के मुताबिक यदि संचालक का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो
प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित या निरस्त किया जा सकता है।
आगे की कार्रवाई जांच और प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर भी निर्भर करेगी।
मिठाई खरीदते समय ग्राहकों को भी रहना होगा सतर्क
त्योहारों और विशेष अवसरों पर मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में उपभोक्ताओं के लिए
यह जरूरी है कि वे साफ-सुथरे और भरोसेमंद प्रतिष्ठानों से ही खाद्य पदार्थ खरीदें। खुले में रखी मिठाई, अस्वच्छ वातावरण,
खराब गंध या संदिग्ध गुणवत्ता दिखाई देने पर ग्राहक को सावधानी बरतनी चाहिए।
खाद्य सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। दुकानदारों को भी निर्माण स्थल की
साफ-सफाई, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य सामग्री के
सुरक्षित भंडारण और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए।
खाद्य सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
लखनऊ की इस कार्रवाई ने खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले प्रतिष्ठानों में स्वच्छता व्यवस्था की
निगरानी को लेकर चर्चा तेज कर दी है। एक ही परिसर में बड़ी संख्या में पशुओं की मौजूदगी,
गोबर और गंदे पानी के बीच खाद्य पदार्थ तैयार किए जाने की
स्थिति उपभोक्ता सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।
खाद्य विभाग द्वारा लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि
संबंधित खाद्य सामग्री में किस प्रकार की गुणवत्ता संबंधी खामी थी। फिलहाल विभाग ने प्रतिष्ठान बंद करा दिया है और
संबंधित सामग्री को कार्रवाई के दायरे में लिया गया है।
निष्कर्ष
लखनऊ के काकोरी क्षेत्र में सामने आया यह मामला बताता है कि मिठाई और
अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय केवल स्वाद या कीमत पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है।
निर्माण स्थल की स्वच्छता और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के दौरान 40 से 50 भैंसों की मौजूदगी,
गोबर के छींटे, मरी हुई मक्खियों वाला मिठाई का घोल,
बड़ी मात्रा में संदिग्ध मिठाइयां, बिना सुरक्षा पोशाक के कर्मचारी और गंदे परिसर जैसी स्थितियां सामने आईं।
विभाग ने प्रतिष्ठान बंद कराया, खाद्य सामग्री जब्त की और नमूने जांच के लिए भेजे हैं।
अब आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और संचालक के जवाब के आधार पर होगी।
FAQ
सवाल 1: लखनऊ में मिठाई की दुकान पर क्या मामला सामने आया?
जवाब: काकोरी क्षेत्र के हरदोईया लालनगर स्थित मिठाई प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा टीम को गंभीर स्वच्छता
संबंधी अनियमितताएं मिलीं। परिसर में 40 से 50 भैंसें बंधी थीं और मिठाई निर्माण क्षेत्र में गंदगी पाई गई।
सवाल 2: मिठाई बनाने वाले घोल में क्या मिला?
जवाब: निरीक्षण के दौरान करीब 1,000 लीटर मिठाई बनाने का घोल मिला, जिसमें मरी हुई मक्खियां पाई गईं।
सवाल 3: कितनी मिठाइयां दूषित मिलीं?
जवाब: रिपोर्ट के अनुसार करीब 1,675 किलो तैयार मिठाइयां दूषित स्थिति में मिलीं।
सवाल 4: कौन-कौन सी मिठाइयां मिलीं?
जवाब: इनमें कलाकंद, डोडा बर्फी, चिकनी बर्फी और पेड़ा शामिल थे।
सवाल 5: खाद्य विभाग ने क्या कार्रवाई की?
जवाब: विभाग ने प्रतिष्ठान बंद कराया, खाद्य सामग्री जब्त की, नमूने प्रयोगशाला भेजे और
दूषित खाद्य पदार्थों को नष्ट कराने का निर्णय लिया।
सवाल 6: कितने नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं?
जवाब: मौके से 15 नमूने लिए गए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जाना है।
सवाल 7: क्या प्रतिष्ठान का लाइसेंस रद्द हो सकता है?
जवाब: संचालक को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर
लाइसेंस निलंबित या निरस्त किया जा सकता है।
सवाल 8: ग्राहकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
जवाब: मिठाई खरीदते समय प्रतिष्ठान की साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के रखरखाव और निर्माण स्थल की स्वच्छता पर ध्यान देना चाहिए।
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